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    संभल विवादित स्थल: सुप्रीम कोर्ट में 19 मई को सुनवाई:हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती, कमेटी-ट्रस्ट को बातचीत की सलाह

    1 hour ago

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    सुप्रीम कोर्ट संभल की शाही जामा मस्जिद बनाम श्रीहरिहर मंदिर विवाद मामले की सुनवाई 19 मई को करेगा। इस मामले में हिंदू याचिकाकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी और जामा मस्जिद ट्रस्ट ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। जामा मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष मौ. कासिफ खान ने बुधवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी और ट्रस्ट को आपस में बैठकर याचिका पर बातचीत करने का समय दिया है। कोर्ट ने दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने पुष्टि की कि मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी। इंतेजामिया कमेटी की ओर से पहले करने के लिए सदर जफर अली, सचिव मसूद अली फारुखी, क़ासिम जमाल पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट, चंदौसी द्वारा शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर विवाद में दिए गए सर्वेक्षण के आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी की याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने सिविल अदालत के सर्वेक्षण के निर्णय को बरकरार रखा था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने 18 मई 2025 को यह फैसला सुनाया था। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने 1 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की, जो 5 अगस्त को पंजीकृत हुई। इस मामले में पहली सुनवाई 22 अगस्त को हुई थी, जिसमें हिंदू पक्ष को नोटिस जारी कर 1 सितंबर की तारीख तय की गई थी। हालांकि, तब से यह मामला सूचीबद्ध नहीं हो पाया था। यह विवाद 19 नवंबर 2024 को तब शुरू हुआ जब हिंदू पक्ष ने सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट, चंदौसी में संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन शाम को पहले चरण का सर्वेक्षण हुआ और दूसरा चरण 24 नवंबर 2024 को किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग जमा हो गए, जिससे सर्वेक्षण बाधित हुआ और हिंसा भड़क गई। पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। इस घटना में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर सहित 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। संभल कोतवाली एवं थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क एवं सपा विधायक इक़बाल महमूद के बेटे सुहैल इक़बाल सहित कई लोगों को नामजद करते 2750 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया, हालांकि चार्जशीट में साक्ष्यों के आधार पर विधायक पुत्र का नाम निकाल दिया गया। जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट सहित 158 अभियुक्तों को जेल भेज चुकी है जिसमें 3 महिलाएं और संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन गुर्गे मुल्ला अफरोज, वारिस एवं गुलाम भी शामिल है, मुल्ला अफरोज पर NSA लगा है। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जफर अली को बीती 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया था, 24 मार्च को उन्हें जेल भेजा गया था और 131 दिन के बाद जेल से बाहर आए थे। आपको बता दे कि काफी अभियुक्त की जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट से हो चुकी है।
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