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    रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर को डिजिटल अरेस्ट रखने वाले 5 गिरफ्तार:13 दिनों तक बंधक बनाया, आतंकी कनेक्शन बताकर 57 लाख हड़पे; CISF जवान मास्टर माइंड

    4 hours ago

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    कानपुर में रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर (उद्योग) भैरव पाण्डेय को डिजिटल अरेस्ट में रखकर ठगी करने वाले 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साइबर ठगों ने भैरव पाण्डेय को करीब 13 दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान ठगों ने पुलवामा हमले में आतंकी कनेक्शन होने का डर दिखाया। RTGS के जरिए 2 बार में 57 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि यह एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय ठगी का गैंग है, जिसके तार देश के 5 राज्यों से जुड़े हैं। इस गिरोह का मास्टरमाइंड ओडिशा के राउरकेला में तैनात एक CISF जवान बताया जा रहा है। पुलिस अब CISF जवान समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। भैरव पाण्डेय ने 21 अप्रैल को साइबर थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब पढ़िए पूरा मामला.. पश्चिम बंगाल का रहने वाला मास्टरमाइंड पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया, “तीन दिन पहले भैरव प्रसाद ने डिजिटल अरेस्ट से जुड़ा एक मामला दर्ज कराया था। उनसे करीब 57 लाख रुपए की ठगी की गई थी। शिकायत मिलने के बाद हमारी टीम ने जांच शुरू की और दो बैंक खातों को ट्रेस किया, जिसके आधार पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक आरोपी राजू बोकारो का रहने वाला है। जिन खातों का इस्तेमाल ठगी में किया गया था, उनके धारकों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड CISF का सिपाही दाऊद अंसारी है, जिसकी तैनाती ओडिशा के राउरकेला में है। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। उससे पूछताछ के लिए हमारी टीम ने CISF मुख्यालय से संपर्क किया है। जल्द ही उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी। इन साइबर ठगों का नेटवर्क पांच राज्यों में फैला हुआ था। साथ ही इनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आए हैं। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, गाड़ी और अन्य सामान बरामद किया गया है। 13 दिनों तक बनाया बंधक जांच में सामने आया है कि 48 लाख और 57 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है। अभी पूरी रकम फ्रीज नहीं हो पाई है। पीड़ित को 9 अप्रैल से 21 अप्रैल तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया था। इस दौरान उससे कहा गया कि उसके पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल कर आतंकियों ने 70 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं। उसे बताया गया कि ये सभी पुलवामा हमले से जुड़े आतंकी हैं। अगर वह पैसे वापस नहीं करेगा तो उसके बेटों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित का एक बेटा स्विट्जरलैंड में रहता है और दूसरा मुंबई में। ठगों ने डराया कि उसके बेटों के पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए जाएंगे और उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इसी डर के कारण साइबर ठगों ने पीड़ित से तीन बार में 57 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। डिजिटल अरेस्ट का पूरा सीन क्रिएट किया गया था, जिसमें आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया। वीडियो कॉल पर यह दिखाया गया कि वे पुलिस वाले हैं और उनके पास हथियार भी हैं। साइबर ठगों ने उद्योगपति भैरव प्रसाद के मोबाइल में एक ऐप इंस्टॉल कर दिया था, जिसके जरिए उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। उन्हें यह भी निर्देश दिया गया था कि वे किसी से नहीं मिलेंगे, अपना नंबर किसी को साझा नहीं करेंगे और घर में किसी को आने नहीं देंगे। यहां तक कि घर में काम करने वाली महिला को भी आने से मना करवा दिया गया था। अब CISF जवान दाऊद अंसारी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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