Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    राजस्थान-स्कूलों में घसीटाराम, नाहर जैसे अटपटे नाम बदल सकेंगे बच्चे:सरकार देगी नए नामों का ऑप्शन, शिक्षा मंत्री बोले- किसी पर कोई दबाव नहीं

    5 hours ago

    1

    0

    घसीटाराम, नाहर, नन्नूमल, शैतान, खोजाराम… ये कुछ ऐसे नाम हैं, जो स्कूलों के रजिस्टर में दर्ज रहते हैं। कई बार सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 'अटपटे' और 'अर्थहीन-अजीब' नामों के कारण शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। ऐसे नामों को लेकर शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। अब ऐसे स्टूडेंट्स को नया और सार्थक नाम मिल सकेगा। संयुक्त शासन सचिव ने माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों को 'सार्थक नाम अभियान' शुरू करने के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने ऐसे 2950 नामों की लिस्ट तैयार की है, जिसे पेरेंट्स को दिखाया जाएगा। इसमें 1541 छात्राओं के और 1409 छात्रों के नाम शामिल हैं। इन नामों के साथ इनके अर्थ भी बताए गए हैं। आत्मविश्वास बढ़ाना मुख्य लक्ष्य विभाग का मानना है कि व्यक्ति का नाम उसकी सामाजिक छवि और संस्कारों का प्रतीक होता है। नकारात्मक या त्रुटिपूर्ण नाम होने से बच्चों के मानसिक विकास और आत्मविश्वास पर बुरा असर पड़ता है। सकारात्मक नामों से बच्चों में आत्मसम्मान जगेगा, जो उनके व्यक्तिगत विकास में सहायक सिद्ध होगा। PTM और SMC बैठकों में मिलेगी जानकारी स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वे अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) और स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के माध्यम से पेरेंट्स को इस मुहिम के प्रति जागरूक करें। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशीलता के साथ उन बच्चों की पहचान करें, जिनके नाम अर्थहीन हैं और उनके माता-पिता को सकारात्मक नाम रखने के फायदे बताएं। शिक्षा विभाग के आदेश के प्रमुख अंश…. नाम केवल पहचान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का हिस्सा है। कई बार ग्रामीण इलाकों या जागरूकता की कमी के कारण बच्चों के ऐसे नाम रख दिए जाते हैं, जिससे उन्हें आगे चलकर हीन भावना महसूस होती है। यह अभियान इसी अंतर को पाटने की कोशिश है। रिकॉर्ड में कैसे होगा बदलाव? पहली क्लास में एडमिशन के समय ही पेरेंट्स को लिस्ट दिखाकर नाम चुनने का विकल्प दिया जाएगा। जो छात्र पहले से पढ़ रहे हैं, उनके लिए निर्धारित नियमों के तहत आवेदन करना होगा। विभाग के आला अधिकारी इस अभियान की प्रगति की नियमित रूप से निगरानी करेंगे और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजेंगे। यहां देखें लड़कों के नामों की लिस्ट… यहां देखें लड़कियों के नामों की लिस्ट…
    Click here to Read more
    Prev Article
    भाजपा का तमिलनाडु के लिए घोषणापत्र जारी:महिलाओं को हर महीने ₹2,000 और सालाना 3 LPG सिलेंडर फ्री का वादा, बंगाल में राहुल की सभा
    Next Article
    भास्कर अपडेट्स:CBI की आठ राज्यों में 77 जगहों पर छापेमारी, बिल्डर-वित्तीय संस्थान सांठगांठ मामला

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment