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    रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में फ्लैगशिप यूथ पार्लियामेंट का आगाज:5 मई को छात्र बनेंगे मंत्री और सांसद, देश के मुद्दों पर करेंगे चर्चा

    1 hour ago

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    महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रशासन विभाग में आगामी 5 मई को होने वाले फ्लैगशिप यूथ पार्लियामेंट कार्यक्रम की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय परिसर में ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया गया। कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी। फ्लैगशिप यूथ पार्लियामेंट असल में एक 'मॉक पार्लियामेंट' या 'युवा संसद' है, जिसे विश्वविद्यालय के सबसे प्रमुख (फ्लैगशिप) आयोजनों में गिना जाता है। इसका मुख्य मकसद युवाओं को देश की संसदीय कार्यवाही और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से रूबरू कराना है। फ्लैगशिप यूथ पार्लियामेंट क्या है? यह एक ऐसा मंच है जहाँ छात्र सांसद (MP), मंत्री और विपक्षी नेताओं की भूमिका निभाते हैं। इसमें संसद के सत्र की तरह ही कार्यवाही चलती है, जैसे- प्रश्नकाल, शून्यकाल और किसी खास बिल पर चर्चा। 'फ्लैगशिप' शब्द का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि यह विश्वविद्यालय के सबसे महत्वपूर्ण और बड़े स्तर के कार्यक्रमों में से एक होता है। इसके मुख्य उद्देश्य 1. लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ इसका सबसे बड़ा उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि संसद कैसे काम करती है। कानून कैसे बनते हैं, नीतियों पर बहस कैसे होती है और असहमति के बीच भी शालीनता से अपनी बात कैसे रखी जाती है, युवा इसे करीब से अनुभव करते हैं। 2. नेतृत्व क्षमता (Leadership) का विकास युवाओं के अंदर लीडरशिप क्वालिटी विकसित करना इसका मुख्य लक्ष्य है। मंच पर खड़े होकर अपनी बात रखना, तर्कों के साथ दूसरों को प्रभावित करना और जिम्मेदारी लेना उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार करता है। 3. सार्वजनिक बोलने की कला अक्सर छात्र झिझक के कारण अपनी बात नहीं कह पाते। यूथ पार्लियामेंट उन्हें भीड़ के सामने आत्मविश्वास के साथ बोलने और प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने का मौका देता है। 4. अनुशासन और सहनशीलता संसद में अलग-अलग विचारधाराओं के लोग होते हैं। इस कार्यक्रम के जरिए छात्र यह सीखते हैं कि विपक्षी विचारों का सम्मान कैसे किया जाए और कठिन परिस्थितियों में भी अनुशासन कैसे बनाए रखा जाए। 5. समसामयिक मुद्दों पर जागरूकता युवा संसद में अक्सर देश के ज्वलंत मुद्दों (जैसे शिक्षा नीति, पर्यावरण, या डिजिटल इंडिया) पर चर्चा होती है। इससे छात्रों की रिसर्च करने की आदत बढ़ती है और वे देश की समस्याओं और उनके समाधान के प्रति जागरूक होते हैं। कुल मिलाकर, 5 मई को महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में होने वाला यह आयोजन युवाओं को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें देश की शासन व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव देने की एक कोशिश है। विजेता खिलाड़ी पदकों से हुए सम्मानित ध्वजारोहण के साथ-साथ परिसर में उत्साह तब और बढ़ गया जब गुजरात समारोह के अंतर्गत आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा हुई। खेल के मैदान में अपना हुनर दिखाने वाले विजयी छात्रों को कुलपति प्रो. के.पी. सिंह और खेल सचिव एस.एस. बेदी सिंह ने संयुक्त रूप से मेडल पहनाकर सम्मानित किया। खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कुलपति ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास बल्कि मानसिक मजबूती के लिए भी जरूरी हैं। वरिष्ठ संकाय सदस्यों की रही मौजूदगी पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. तुलिका सक्सेना द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. पी.बी. सिंह, डॉ. संजय मिश्रा, डॉ. त्रिलोचन शर्मा और डॉ. सौरभ वर्मा, डॉ विनय वर्मा सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ शिक्षक और संकाय सदस्य, कंटेनर क्रिएटर आशीष भट्ट मौजूद रहे। सभी शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और निरंतर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और आगामी फ्लैगशिप आयोजन के लिए नई ऊर्जा के संकल्प के साथ हुआ।
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