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    50000 की रिश्वत लेने वाला विश्वविद्यालय का क्लर्क बर्खास्त:मंगलवार को गोरखपुर से आई विजिलेंस टीम ने की थी गिरफ्तारी, रजिस्टार पर भी लटक रही है निलंबन की तलवार

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    आजमगढ़ के महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में मंगलवार को 50000 की रिश्वत लेने वाले रजिस्टार अंजनी कुमार मिश्रा के बाबू संजय यादव को महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार की कमेटी ने बर्खास्त कर दिया है। विश्वविद्यालय के कुलपति ने विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालय के प्रबंधक शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं के हित में निर्णय लेते हुए यह फैसला लिया है। इसके साथ ही अभी निर्णय लिया गया है कि प्रशासनिक भवन से लेकर एकेडमिक ब्लॉक तक सभी कर्मचारी शिक्षक सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से नजर में रहेंगे और किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश विश्वविद्यालय परिसर में नहीं होगा। इसके साथ ही कर्मचारियों से इस बात पर भी चर्चा की गई कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं कभी ना हो। मंगलवार को हुई थी गिरफ्तारी आजमगढ़ के महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में गोरखपुर से आई विजिलेंस की टीम ने छापेमारी करते हुए रजिस्टार डॉ अंजनी कुमार मिश्रा के बाबू संजय यादव को ₹50000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। बाबू के ऑफिस की अलमारी की तलाशी ली तो अलमारी में रखे एक लाख 80 हजार रुपए नगद भी बरामद किए गए हैं। इस मामले में पीड़ित सुधीर सिंह ने विजिलेंस टीम से शिकायत की थी।। रजिस्ट्रार के बाबू संजय यादव डिग्री कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर 300000 की डिमांड किए थे। जिसमें 50000 आज दिए गए थे इसी दौरान टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया था। रामबचन महिला विद्यालय के प्रबंधक सुधीर सिंह ने महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉक्टर अंजनी कुमार मिश्रा से मिलकर मान्यता दिलाने को लेकर चर्चा की थी। सुधीर सिंह का कहना है कि रजिस्टार ने मान्यता दिलाने को लेकर अपने क्लर्क संजय यादव को ₹300000 देने का निर्देश दिया था। ₹50000 आज लिए गए जबकि ढाई लाख रुपए काम होने के बाद लेना था।
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