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    पत्नी की हत्या कर शव दफनाने वाले पति को उम्रकैद:कोर्ट ने लगाया 70 हजार जुर्माना, पांच साल बाद आया फैसला, शव गलाने के लिए डाला था नमक

    9 hours ago

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    वाराणसी के लोहता थानाक्षेत्र के भिटारी गांव में 28 दिसंबर की सुबह राजेंद्र प्रसाद ने अपनी पत्नी आशा देवी की हत्या कर शव घर के आंगन में ही दफना दिया था। हत्या संपत्ति विवाद में की गई थी। इस मामले में राजेंद्रप्रसाद के बेटे ने ही तहरीर देकर पिता पर मुकदमा दर्ज कराया था और पुलिस ने तीन दिन बाद हत्या के बाद फरार राजेंद्र को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने इसे हीनियस क्राइम माना और अभियुक्तको उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं शव को दफनाने और सख्सी छुपाने के मामले में तीन साल की अतिरिक्त सजा सुनाई साथ ही 50 और 20 हजार का जुर्माना भी लगाया है। पांच साल पांच महीना पहले हुई थी वारदात रामविलास ने बताया - 28 दिसंबर 2020 की सुबह हम और छोटा भाई अमर घर के बाहर काम से गए हुए थे। अमर दोपहर में घर लौटा तो उसने पिता राजेंद्र से मां के बारे में पूछा तो पिता ने कहा सोनार की दुकान पर गयीं हैं। अभी कुछ देर में लौट आएंगी। शाम में मै जब घर पहुंचा तो मैंने भी मां के बारे में पूछा तो मुझे भी वही जवाब मिला। कुछ देर बाद मैंने देखा पिता आंगन में एक जगह मिटटी समतल कर रहा है। मैंने वजह पूछी तो बोला धूप सेकने के लिए जगह समतल कर रहा हूं। कमरे में पड़े खून के छीटों ने खोला राज रामविलास ने कोर्ट को बताया - इसके बाद मै कमरे में गया तो वहां कमरे पर खून के छींटे दिखाई दिए। तो मुझे शक हुआ और फिर उस जगह जगह जहां मिटटी नम थी वहां हम दोनों भाइयों ने खोदना शुरू किया तो। चार फिट नीचे मां का रक्तरंजित शव दफ़न था और ऊपर से नमक पड़ा हुआ था। यह देखकर पिता राजेंद्र मौके से फरार हो गया। हमने पुलिस को सूचना दी और मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। तीन दिन बाद पकड़ा गया था राजेंद्र राजेंद्र को पुलिस ने तीन दिन बाद गिरफ्तार किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आशा देवी के सिर और चेहरे पर 12 गंभीर चोटों के निशान थे जो लकड़ी और धारदार हथियार से किए गए थे। इसके बाद गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना के बाद रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। संपत्ति के लिए की थी हत्या राजेंद्र ने अपने दोनों बेटों को मौके पर ही बयान दिया था कि वह आशा देवी से उसकी संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बना रहा था जिसपर वह इंकार कर रही थी। जिसके बाद उसकी हत्या कर दी। फिलहाल अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उसे 9 जून 2026 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, 70 हजार जुर्माना लोहता:वाराणसी। कमिश्नरेट पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना लोहता क्षेत्र में हुए हत्या के मामले में प्रभावी पैरवी के चलते माननीय न्यायालय ने आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या-14, वाराणसी ने मंगलवार, 09 जून 2026 को अभियुक्त राजेन्द्र प्रसाद को आजीवन कारावास और 70 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। थाना लोहता में पंजीकृत मु0अ0सं0 0309/2020 धारा 302, 201 भादवि के तहत अभियुक्त राजेन्द्र प्रसाद पुत्र स्व. नखडू राम, निवासी ग्राम भिटारी, थाना लोहता पर हत्या कर साक्ष्य मिटाने का आरोप था। पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और कोर्ट में मजबूत पैरवी के बाद न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर दोषी को सजा सुनाई। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल के निरंतर निर्देशन और समीक्षा में चल रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत यह कार्रवाई हुई। विवेचना और लोक अभियोजक के संयुक्त प्रयास से अपराधी को सजा दिलाने में सफलता मिली।इस अभियोग में अभियुक्त को सजा दिलाने में एडीजीसी क्रिमिनल श्री रोहित मौर्य, विवेचक निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह, पैरोकार का0 रवीन्द्र कुमार सरोज थाना लोहता और कोर्ट मोहर्रिर का0 आशुतोष राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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