Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    प्रेमी भांजे की कार से सास को हॉस्पिटल भेजा:डॉक्टर को बताई रोटी में जहर की बात, लखनऊ में हत्यारोपी बहू गई जेल

    13 hours ago

    2

    0

    काकोरी थाना क्षेत्र के इब्राहिमगंज गांव में 65 साल की शांति देवी की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। शांति देवी ने रोटी खाते ही तबीयत बिगड़ने की बात डॉक्टर को बताई थी। इस पर डॉक्टर को शक हुआ था। डॉक्टर ने इसकी जानकारी परिजनों को दी थी। इसी के बाद परिजनों का बहू शालिनी पर शक गहराया था। बाद में पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल भी किया। यह भी बताया था कि किसी को शक न हो और उसे पल-पल की जानकारी मिलती रहे, इसलिए प्रेमी भांजे करन को सास के साथ हॉस्पिटल भेजा था। उसने पति से कहा कि करन को बुला लो, उसी की कार से माताजी को हॉस्पिटल ले चलते हैं। पति मनोज रावत ने ज्ञानपुर सोहरामऊ उन्नाव में रहने वाली बड़ी बहन को इसकी सूचना दी। वहां से उसका बेटा करन (पत्नी का प्रेमी) अपनी कार से आया। उसी से सब लोग हॉस्पिटल गए। पुलिस ने आरोपी बहू को सोमवार को जेल भेज दिया। आरोपी करन की तलाश जारी है। डॉक्टर के पास करन अपनी कार से ले गया था मनोज रावत ने बताया- 5 अप्रैल की रात रोटी खाने के बाद मां की तबीयत बिगड़ी थी। मैंने पास की दुकान से दवा लाकर खिलाई, लेकिन उनकी उल्टी नहीं रुकी। फिर, ज्ञानपुर सोहरामऊ उन्नाव में रहने वाली बहन को इसकी सूचना दी। बहन का बेटा (भांजा) करन अपनी कार लेकर घर आया। उसके साथ मां को डॉक्टर के पास ले गए। उपचार के दौरान 6 अप्रैल को मां की मौत हो गई। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने उनकी मां से तबितय बिगड़ने के बारे में जानकारी ली थी। मां ने कहा था कि रोटी खाने के बाद ही तबीयत बिगड़ी थी। वैसे वह एकदम स्वस्थ्य थी। इस पर डॉक्टर ने हम लोगों से मां को दी गई रोटियों के बारे में पूछा। रोटियां खाने के बाद अचानक तबीयत खराब होने की बात सामने आने पर हम लोग भी सोच में पड़ गए। हमने पत्नी शालिनी से रोटियों के बारे में पूछा तो वह गुमराह करने लगी। 7 अप्रैल को रोटियां मौरंग में मिलीं तो शक यकीन में बदल गया। उसके बाद सख्ती से पत्नी से पूछताछ की तो उसने भांजे करन के कहने पर रोटियों में कीटनाशक दवाई देने की बात कबूल की। हर पल की जानकारी के लिए करन साथ रहा मनोज ने बताया- मां के उपचार के दौरान करन साथ रहा। इस दौरान हर गतिविधि पर नजर रख रखा था। इधर-उधर हटकर किसी से लगातार बात भी कर रहा था। हम लोगों ने ऐसा नहीं सोचा था कि वह प्लानिंग के तहत साथ आया था। वह पल-पल की जानकारी शालिनी को दे रहा था। उसके पकड़े जाने पर और बातें सामने आ सकती हैं। अब पढ़िए मामी-भांजे की लवस्टोरी और हत्या की साजिश की कहानी मृतक शांति के बेटे मनोज रावत (28) की मुरैना निवासी शालिनी से 4 साल पहले शादी हुई। शादी के एक साल बाद दोनों को बेटा हुआ। सब अच्छा चल रहा था। मनोज का एक भांजा करन इराक में नौकरी करता था। वह इसी साल जनवरी में इराक से लौट आया। जब ननिहाल पहुंचा तो उसका मामी शालिनी से अट्रैक्शन हो गया। दोनों मिलने लगे। फोन पर बातें करने लगे। करन बार-बार ननिहाल आने लगा। उस समय तो रिश्तेदार होने की वजह से किसी को अफेयर की शंका नहीं हुई। इस बीच मनोज ने शालिनी को फोन पर बात करते पकड़ लिया। मनोज ने उसका फोन तोड़ दिया। इस दौरान चचेरे भांजे ने करन का साथ दिया। मनोज के न होने पर करन उसी के फोन पर कॉल करता तो वह मामी शालिनी के पास बात कराने पहुंच जाता। यह बात सास शांति देवी को अखरने लगी। वह अड़ंगा लगाने लगी। इसी वजह से करन के कहने पर शालिनी ने सास को मार डाला। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला… इब्राहिमगंज गांव निवासी शांति देवी की 5 अप्रैल को खाना खाते ही तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। 6 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। उनके बेटे मनोज ने बताया- मां को दफनाने बाद 6 अप्रैल की रात में घर में बातचीत होने लगी। शालिनी से मां को दी गई रोटी के बारे में पूछा गया। उसने बताया कि मां से बची हुई रोटी बाहर रखी है। मैं बाहर रोटी देखने गया। बाहर रोटी नहीं मिली तो शक हुआ। 7 अप्रैल को एक पन्नी में लपेटी हुई रोटी घर के अंदर रखे मौरंग में मिली। उसके बारे में पूछने पर पत्नी गुमराह करने लगी। मैंने उससे कहा कि कब्र खोदवाकर पोस्टमॉर्टम कराऊंगा, वरना सच बताओ क्या हुआ है? इस पर पत्नी ने कहा कि वह कुछ नहीं जानती है। शव का पोस्टमॉर्टम करवा लो। इसके बाद गांव के लोगों को पंचायत बुलाई गई। वहां पर बातचीत हो रही थी तभी चचेरा भांजा आकर बोला कि शालिनी मामी ने दो बार रुपए देकर कीटनाशक दवा मंगवाई थी। अंत तक सच्चाई छिपाती रही आरोपी बहू मनोज ने बताया- इस पर शालिनी से पूछा गया तो उसने कहा कि कीटनाशक नानी के घर भिजवाने के लिए मंगवाया था। मैंने कहा कि तुम्हारी नानी का घर यहां से 2 किलोमीटर ही दूर है। उनको बुलाता हूं, सब क्लियर हो जाएगा। इससे शालिनी घबरा गई। शालिनी ने सभी के सामने करन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात कबूली। बताया कि इसके बाद मुझे भी मार देती। उसके कबूलनामा का लोगों ने वीडियो बना लिया। मामले की पुलिस से शिकायत की। 10 अप्रैल को शालिनी और भांजे करन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने जिलाधिकारी से परमिशन मिलने के बाद जरूरी कागजी कार्रवाई करते हुए 11 अप्रैल को कब्र से शांति देवी का शव निकाला। शव का पोस्टमॉर्टम कराकर विसरा सुरक्षित किया। सोमवार को आरोपी शालिनी को जेल भेज दिया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    सॉरी मम्मी-पापा; मेरी मौत की जिम्मेदार पूजा सक्सेना है...:उसे छोड़ना नहीं; लिखकर होनहार कुलदीप ने कर ली सुसाइड
    Next Article
    यूपी समेत लखनऊ में इस सीजन कम बारिश का अनुमान:खेती पर पड़ेगा असर, सुबह से निकली तेज धूप, गर्म हवा के थपेड़े कर रहे परेशान

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment