Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    पीलीभीत में स्मार्ट मीटर को लेकर व्यापारियों का प्रदर्शन:अनियमितताओं का लगाया आरोप, विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

    6 hours ago

    2

    0

    पीलीभीत में मंगलवार को स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली और तकनीकी समस्याओं के विरोध में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में एकजुट हुए व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों का आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे नए स्मार्ट मीटरों में कई अनियमितताएं हैं। इन मीटरों की तेज रीडिंग और सर्वर संबंधी समस्याएं उपभोक्ताओं को परेशान कर रही हैं। प्रदर्शन के दौरान प्रमुख व्यापारी नेता अफरोज जिलानी ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “प्रशासन और विद्युत विभाग ने बिना किसी पूर्व तैयारी के प्रीपेड स्मार्ट मीटर थोप दिए हैं। आम जनता और छोटे व्यापारियों के बीच इन मीटरों को लेकर बिल्कुल भी जागरूकता नहीं है।” जिलानी ने बताया कि लोगों को रिचार्ज करने या तकनीकी खराबी आने पर संपर्क करने की जानकारी नहीं है। इससे उपभोक्ताओं को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से जागरूकता अभियान चलाने और व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। ज्ञापन में व्यापारियों ने कई मुख्य मांगें उठाईं। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटरों की रीडिंग पुराने डिजिटल मीटरों की तुलना में बहुत तेज है, जिससे बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। व्यापारियों ने बताया कि रिचार्ज खत्म होते ही बिजली काट दी जाती है, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण रिचार्ज के बाद भी घंटों बिजली बहाल नहीं होती। इससे व्यापार पूरी तरह ठप हो जाता है। उन्होंने यह भी मांग की कि सही चल रहे पुराने मीटरों को उपभोक्ताओं की सहमति के बिना जबरदस्ती न बदला जाए। संगठन ने मांग की कि जब तक विभाग स्मार्ट मीटर की पूरी जानकारी और शुल्कों का विवरण सार्वजनिक नहीं करता, तब तक रिचार्ज खत्म होने पर कनेक्शन काटने के लिए कम से कम एक माह का समय दिया जाए। तत्काल बिजली काटना व्यापारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने इन मीटरों की तकनीकी शुद्धता की जांच किसी निष्पक्ष समिति से कराने की भी मांग की। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को शासन और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    वाराणसी में फर्जी आर्मी ऑफिसर गिरफ्तार:सेना में नौकरी के नाम पर युवाओं को फंसाया, लाखों रुपए ठगे
    Next Article
    फिरोजाबाद में भट्टे के सामने मिला युवक का शव:परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment