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    पीजी शोध परियोजनाओं के मूल्यांकन में बड़ा बदलाव:यूजीसी-केयर जर्नल में प्रकाशन पर मिलेंगे अतिरिक्त अंक, पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने लागू की नई व्यवस्था

    13 hours ago

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    वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की शोध परियोजनाओं के मूल्यांकन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के अनुसार शोध परियोजनाओं का मूल्यांकन अधिकतम 100 अंकों में किया जाएगा। साथ ही यूजीसी-केयर या पीयर रिव्यू जर्नल में शोध पत्र प्रकाशित करने वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त अंक देने का प्रावधान भी किया गया है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी विभागों और संबद्ध महाविद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि स्नातकोत्तर प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की मुख्य शोध परियोजनाओं का मूल्यांकन विश्वविद्यालय द्वारा नामित परीक्षक मंडल करेगा। परीक्षक मंडल में शोध पर्यवेक्षक के साथ एक बाह्य परीक्षक भी शामिल होगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस व्यवस्था से मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण बनेगी। डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि यदि कोई विद्यार्थी अपने स्नातकोत्तर अध्ययन काल के दौरान यूजीसी-केयर अथवा पीयर रिव्यू सूचीबद्ध जर्नल में अपने शोध कार्य से संबंधित शोध पत्र प्रकाशित कराता है, तो उसे शोध परियोजना के मूल्यांकन में 25 अंक तक अतिरिक्त लाभ मिल सकेगा। हालांकि कुल प्राप्तांक अधिकतम 100 ही माने जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शोध परियोजनाओं के मूल्यांकन के लिए नियुक्त बाह्य परीक्षकों को स्नातकोत्तर स्तर की प्रायोगिक परीक्षाओं के समान निर्धारित पारिश्रमिक दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने सभी संबंधित महाविद्यालयों और विभागों को नई मूल्यांकन प्रणाली का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य शोध की गुणवत्ता को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों को अकादमिक प्रकाशन के लिए प्रोत्साहित करना है।
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