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    नोएडा में डिजिटिल अरेस्ट कर ठगे 7 लाख:CBI जांच और मनि लॉड्रिंग का दिखाया डर, एफसीआई से है सेवानिवृत्त बुजुर्ग

    3 hours ago

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    मनिलॉड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में केस दर्ज होने का डर दिखाकर साइबर अपराधियों ने एफसीआई से सेवानिवृत्त बुजुर्ग के साथ सात लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित को 14 दिन तक ठगों ने डिजिटल अरेस्ट करके रखा। शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-34 निवासी 70 साल के मुरारी प्रसाद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह परिवार के साथ रहते हैं। 10 अप्रैल को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग हुआ है और उनके नाम पर मोबाइल खरीदकर आपराधिक गतिविधियां की गई हैं। यह सुनकर शिकायतकर्ता डर गए। सीबीआई अधिकारी बताकर डराया इसके बाद कॉल को दूसरे व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया। ठगों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए पूरी साजिश रची। शिकायतकर्ता को बताया गया कि उनके खिलाफ मनि लॉड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच चल रही है। साथ ही धमकी दी गई कि अगर सहयोग नहीं किया तो गिरफ्तार कर लिया जाएगा, संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। बैंक खाते और वित्तीय स्थिति जानी इसी बीच लगातार वीडियो कॉल के जरिए शिकायतकर्ता से पूछताछ की गई। इस दौरान उनसे उनके बैंक खातों, निवेश और वित्तीय स्थिति की पूरी जानकारी ली गई। ठगों ने उन्हें यह भी कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है, इसलिए किसी को भी इस बारे में न बताएं। आरोपियों ने जांच के नाम पर पीड़ित को अपने बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। सात लाख किए ट्रांसफर पीड़ित ने 24 अप्रैल को आरोपियों को सात लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये भेजने के बाद उन्हें जालसाजों पर संदेह होने लगा। इसके बाद रुपये ट्रांसफर नहीं किए। उन्होंने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने उन्हें साइबर ठगी के बारे में जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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