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    MP Cheetah Project को मिला नया विस्तार, Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary में छोड़ी गई मादा चीता

    19 hours ago

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    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को नीमच और मंदसौर क्षेत्र में स्थित गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में मादा चीता सीसीबी-2 को खुले जंगल में छोड़ा। यह मध्य प्रदेश में चीता संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में चल रहे प्रयासों का हिस्सा है।इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह केवल मध्य प्रदेश तक सीमित पहल नहीं है, बल्कि एशिया में अपनी तरह की पहली परियोजना है। उन्होंने कहा कि एक समय एशिया से चीते पूरी तरह गायब हो गए थे और प्रधानमंत्री के आशीर्वाद से मध्य प्रदेश सरकार ने इन्हें फिर से बसाने का काम आगे बढ़ाया।#WATCH | Madhya Pradesh Chief Minister Dr. Mohan Yadav released the female cheetah CCB-2 into the Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary located in the Neemuch and Mandsaur region. pic.twitter.com/m4KsNb5oVR— ANI (@ANI) September 20, 2026इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav की रणनीति पर Brajesh Pathak का पलटवार, राहुल गांधी पर भी खूब बरसेमुख्यमंत्री ने कहा, “आज मध्य प्रदेश में शावकों समेत 56 से ज्यादा चीते मौजूद हैं। यह उपलब्धि हमारी सरकार के काम करने के तरीके को दर्शाती है।” उन्होंने वन विभाग, उसके अधिकारियों और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।इसे भी पढ़ें: 27 सीटों पर 27 हजार वोटों का लक्ष्य, Akhilesh Yadav ने बताया BJP को रोकने का प्लानदक्षिण अफ्रीका से भारत लाई गई थी मादा चीताअधिकारी के अनुसार, सीसीबी-2 का जन्म दक्षिण अफ्रीकी देश घाना में हुआ था। करीब ढाई साल की उम्र में उसे 28 फरवरी को भारत लाया गया था। भारत आने के बाद उसे कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पृथकवास में रखा गया।इसके बाद मई में उसे खुले जंगल में छोड़ा गया। अधिकारियों के मुताबिक, मादा चीता ने खुले जंगल की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को जल्दी ढाल लिया। अब सीसीबी-2 को गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में छोड़े जाने के साथ मध्य प्रदेश में चीता संरक्षण कार्यक्रम को एक और विस्तार मिला है।
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