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    मथुरा की मीरा ई-रिक्शा चलाकर जासूसी करती:पुलिस का दावा; दो बच्चे, पति से अलग रहती; हथियार तस्करी में जेल जा चुकी

    6 hours ago

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    गाजियाबाद पुलिस ने जासूसी के शक में मथुरा की 30 साल की मीरा प्रजापति को गिरफ्तार किया है। वह ई-रिक्शा चलाती है। दो बच्चों की मां है और पति से अलग रहती है। पुलिस के मुताबिक, वह ई-रिक्शा चलाकर जासूसी करती थी, जिससे उस पर किसी को शक नहीं होता था। 22 मार्च को मीरा के साथ पुलिस ने दो और आरोपियों को पकड़ा। इनमें बिहार का नौशाद और एक नाबालिग शामिल है। तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि संवेदनशील स्थानों की फोटो खींचकर भेजने पर उन्हें 4 से 6 हजार रुपए मिलते थे। जासूसी के आरोप में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि इन लोगों ने संवेदनशील स्थानों पर सोलर से चलने वाले CCTV लगाए थे। इनकी लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेजी जा रही थी। 22 आरोपियों में से सबसे चौंकाने वाला नाम मीरा का है। उसके बारे में जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम मथुरा के औरंगाबाद इलाके में पहुंची, जहां वह रहती थी। टीम ने परिवार से बात की। पढ़िए उन्होंने क्या बताया… एक साल पहले हथियारों की तस्करी में पकड़ी गई थी मीरा ठाकुर महादेव नगर कॉलोनी में रहती थी। इलाके के लोग उसे हरिया के नाम से जानते हैं। पुलिस के मुताबिक, मीरा को 2025 में अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में दिल्ली की स्पेशल टीम ने पकड़ा था। इस मामले में वह जेल भी गई थी, हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई। 14 साल पहले शादी, 1 साल से ई-रिक्शा चला रही थी मीरा के घर से 500 मीटर पहले उसके भाई नरोत्तम का घर है। वह फल का ठेला लगाकर परिवार चलाते हैं। उन्होंने भास्कर को बताया कि हम 5 बहनें और 3 भाई हैं, मीरा सबसे छोटी है। 14 साल पहले आगरा के खेरिया इलाके में रहने वाले मुकेश से उसकी शादी हुई थी। मुकेश हलवाई का काम करता है। मीरा उसके साथ 3 साल रही, फिर मथुरा आ गई। उन्होंने कहा- मीरा की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी 11 साल की है, जो 5वीं की छात्रा है। छोटी बेटी 6 साल की है और नर्सरी में पढ़ती है। मीरा पहले मोटर बाइंडिंग का काम करती थी। बहन का पति से विवाद होता था। इसी वजह से पिछले 3-4 साल से मेरा उससे कोई मतलब नहीं रहा, न कोई बातचीत है। वह 1 साल पहले से ई-रिक्शा चलाने लगी थी। भाई बोला- 13 मार्च को कुछ लोग मीरा को ले गए थे भाई ने बताया कि 13 मार्च की रात अचानक कुछ लोग आए और मीरा को ले गए। मुझे नहीं पता कि वे पुलिसवाले थे या बदमाश। 14 मार्च को उसके पति मुकेश ने थाने में शिकायत भी दर्ज कराई। मां ने 15 मार्च को ऑनलाइन शिकायत दी। अब पता चल रहा है कि उसे गाजियाबाद पुलिस ले गई थी। हमें नहीं पता कि जो आरोप लगे हैं, वे कितने सही हैं या नहीं। हम तो उसकी तलाश कर रहे थे। नरोत्तम के घर के कमरे में कंबल ओढ़कर मीरा की मां प्रकाशी बैठी थीं। प्रकाशी ने बताया- रात में पुलिस ने घर के गेट को धक्का दिया, हम जाग गए। सभी सादे कपड़ों में थे। हमसे पूछा मीरा का घर बताओ, हमने बता दिया। 550 वर्गफीट का मकान, लटक रहा ताला भाई नरोत्तम ने बताया कि मीरा ने 500 मीटर दूर महादेव नगर में घर बनाया हुआ है। मीरा के घर की जानकारी मिलने के बाद हम महादेव नगर पहुंचे। यहां 550 वर्गफीट में मीरा का घर बना है। दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। आसपास जानकारी करने पर पता चला कि करीब एक साल से मीरा दोनों बेटियों के साथ यहां रह रही थी। पति मुकेश से अनबन के बाद वह चला गया था। मीरा के मकान में पहले टीन-शेड था, बाद में धीरे-धीरे एक मंजिला मकान बना लिया। पड़ोसी बोले- मिलनसार थी मीरा, मोबाइल अच्छा रखती थी आर्मी एरिया के रूट पर ई-रिक्शा चला रही थी मीरा पुलिस जांच में पता चला है कि मीरा ने नगर निगम में ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन कराया था। उसे रूट नंबर 9 मिला था। यह रूट नेशनल हाईवे से कैंट चौराहा होते हुए कैंट स्टेशन तक जाता है। इस रूट पर आर्मी एरिया के अलावा कैंट स्टेशन, जिले के आला अधिकारियों के कार्यालय और आवास हैं। इसके साथ ही वेटरनरी यूनिवर्सिटी भी है। यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मीरा ने इन्हीं इलाकों के फोटो भेजे हैं। भारत से पाकिस्तान कैसे भेजा जा रहा था फुटेज हाल ही में यूपी के गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में एक बीट कॉन्स्टेबल की सूचना के बाद जासूसी का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि सोलर पावर से चलने वाले छोटे कैमरे संवेदनशील इलाकों के आसपास लगाए गए थे। ये कैमरे इंटरनेट के जरिए विदेशी सर्वर से जुड़े थे। उनकी लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेजी जा रही थी, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। जांच में सामने आया कि देशभर में CCTV अलग-अलग एजेंसियों के लगाए गए हैं, लेकिन कोई एकीकृत डेटाबेस या स्पष्ट नियंत्रण प्रणाली नहीं है। यही वजह है कि कई जगह निगरानी तंत्र में खामियां बनी हुई हैं, जो अब सुरक्षा जोखिम बन चुकी हैं। अब देशभर में सभी नेटवर्क की जांच होगी सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने आईबी और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर देशभर के CCTV नेटवर्क का ऑडिट शुरू करने की तैयारी में है। वहीं, 1 अप्रैल से सिर्फ हैकिंगप्रूफ कैमरे ही बिकेंगे, जो सरकारी सुरक्षा जांच (STQC सर्टिफिकेशन) पास करेंगे। भारत में 80% कैमरे चीन के हैं, जिनसे डेटा चोरी का खतरा बना रहता है। फिलहाल 7 कंपनियों के 53 मॉडल ही ऐसे हैं, जिन्हें सर्टिफाइड और सुरक्षित माना गया है। ----------------- ये खबर भी पढ़ें- चश्मदीद बोले- धमाका ऐसा, लगा बम फटा:प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा- 20 घंटे बाद भी रेस्क्यू जारी; मालिक समेत 12 पर FIR प्रयागराज में कोल्ड स्टोरेज हादसे के बाद दूसरे दिन यानी मंगलवार को भी रेस्क्यू चल रहा है। जेसीबी-बुलडोजर से मलबा हटाया जा रहा है। अब तक 4 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। 17 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पढ़ें पूरी खबर
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