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    मैनपुरी डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को दिया नया फॉर्मूला:अब आउटपुट नहीं, जमीनी स्तर पर दिखेंगे परिणाम

    12 hours ago

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    मैनपुरी के नवागत जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक परिणामों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग का कार्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। उन्होंने कहा कि कार्यप्रणाली को "आउटपुट" (संख्या आधारित उपलब्धियां) से हटाकर "आउटकम" (वास्तविक प्रभाव) पर केंद्रित किया जाए, ताकि योजनाओं का सीधा लाभ आमजन तक पहुंचे और उसका असर स्पष्ट दिखे। समीक्षा के दौरान करहल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मात्र 40 प्रतिशत सत्र आयोजित होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और प्रभारी चिकित्साधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा। इसके अतिरिक्त, संचारी रोग अभियान में लापरवाही पाए जाने पर कुरावली के सहायक विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने जनपद में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया। इन शिविरों के माध्यम से टीबी जांच, नेत्र परीक्षण, सामान्य जांच और लैब टेस्ट जैसी सेवाएं गांव-गांव तक पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि चरणबद्ध तरीके से हर पंचायत तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें, ताकि कोई भी ग्रामीण क्षेत्र वंचित न रहे। जन औषधि केंद्रों के संबंध में, जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि केवल सीमित समय तक दवाएं उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। आपात स्थिति में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए जरूरत पड़ने पर रात में भी दवाएं मिलनी चाहिए। किशोरियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए, डीएम ने "किशोरी मंच" के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने और सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। टीकाकरण की समीक्षा में सामने आया कि जिले में केवल 87 प्रतिशत बच्चों का ही पूर्ण टीकाकरण हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए सभी लक्षित बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना के तहत सभी प्रसव संस्थागत कराने, प्रसूताओं को समय से भोजन और एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई और रोजाना सुबह 10 बजे जूम मीटिंग के जरिए प्रगति की निगरानी करने की बात कही गई।
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