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    मणिपुर के रिलीफ कैंप में 25 मौतें कैसे:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आदेश देने को मजबूर न करें; 3 साल में राहत कैंपों में 640 मौतें

    22 hours ago

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    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मणिपुर के 8 राहत शिविरों में संदिग्ध मौतों और यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर राज्य सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने मुख्य सचिव से 25 मौतों की रिपोर्ट मांगी। कोर्ट के मुताबिक, 8 जिलों के राहत शिविरों में अब तक 640 मौतें दर्ज की गई हैं। इनमें से सिर्फ 20 मामलों में पोस्टमार्टम कराया गया, जबकि इन मामलों में आपराधिक केस भी दर्ज किए गए थे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच मणिपुर में 2023 में जातीय हिंसा से जुड़े यौन हिंसा के मामलों की जांच और कार्रवाई से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। मणिपुर में 3 मई 2023 से कुकी-मैतेई समुदायों के बीच जातीय हिंसा चल रही है। सरकार के मुताबिक इस हिंसा में 16 जिलों में 300 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। गीता मित्तल कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दी सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया। मणिपुर के एडवोकेट जनरल से भी पूछा कि 4 जुलाई को समिति ने जो जानकारी मांगी थी, उस पर अब तक क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट का निर्देश- FIR दर्ज कराई जाए सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि सभी संदिग्ध मौतों के मामलों में FIR दर्ज कराई जाए और मौत के कारणों की उचित जांच सुनिश्चित की जाए। सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि 8 जिलों में 42 स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई हैं। 3,020 मामलों की जांच चल रही है। इनमें 302 मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि 1,583 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। इसके अलावा 1,135 मामलों की जांच अभी जारी है और 33 मामलों में ट्रायल शुरू हो चुका है। पीड़ितों के वकील ने बताया कि गुवाहाटी की स्पेशल कोर्ट में मामलों की सुनवाई हफ्ते में सिर्फ दो दिन हो रही है। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि इससे भी ट्रायल आगे बढ़ेगा। मणिपुर में आरक्षण के आदेश से भड़की थी जातीय हिंसा मणिपुर में मुख्य विवाद मैतेई और कुकी समुदायों के बीच है। अप्रैल 2023 में मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग पर विचार करने को कहा था। कुकी और नगा इसका विरोध कर रहे थे। उन्हें डर था कि अगर मैतेई को ST का दर्जा मिला तो आरक्षण में उनकी हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है। 3 मई 2023 को कुकी और दूसरे आदिवासी संगठनों ने आदिवासी एकजुटता मार्च निकाला। इसी दौरान तनाव बढ़ा और कई जगह हिंसा शुरू हो गई। इसके बाद घर, गांव और धार्मिक स्थलों पर हमले और आगजनी हुई और हिंसा तेजी से दूसरे इलाकों में फैल गई। ----------- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर में हिंसा के बीच 7 दिन से स्कूल-बाजार बंद: चीनी ₹450kg तक बिक रही; 4 दिन में 6 हत्याएं, इस साल अब तक 40 मौतें मणिपुर में कुकी और नगा समुदाय में तनाव के बीच पहाड़ी इलाकों में जनजीवन प्रभावित है। 7 दिन से कई जगह स्कूल और बाजार बंद हैं। 7 पहाड़ी जिलों से संपर्क प्रभावित है। सड़कों और हाईवे पर नाकेबंदी के कारण सामान्य आवाजाही मुश्किल हो गई है। पूरी खबर पढ़ें…
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