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    लापरवाही की भेंट चढ़ी 60 फीट ऊंची पानी की टंकी:जल शक्ति मंत्री का सख्त एक्शन- दो इंजीनियर बर्खास्त, एक सस्पेंड, निर्माण एजेंसी ब्लैकलिस्ट और FIR के आदेश

    1 hour ago

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    बरेली के आलमपुर जाफराबाद विकास खंड के सरदारनगर में जल जीवन मिशन के तहत बनी ओवरहेड टैंक (पानी की टंकी) गिरने के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने इस हादसे का संज्ञान लेते हुए जल निगम के दो इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। वहीं, एक अवर अभियंता (जेई) को सस्पेंड कर दिया गया है। निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाली एजेंसी एनसीसी लिमिटेड और टीपीआई बीएलजी को ब्लैकलिस्ट करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच के लिए टीएसी (TAC) का गठन भी कर दिया गया है। ताश के पत्तों की तरह ढही टंकी, मलबे में दबे ग्रामीण सरदारनगर में हर घर जल योजना के तहत करीब डेढ़ साल पहले 60 फीट ऊंची पानी की टंकी बनाई गई थी। सोमवार शाम करीब 5:30 बजे यह निर्माणाधीन टंकी अचानक भरभराकर गिर पड़ी। जिस वक्त हादसा हुआ, भीषण गर्मी से बचने के लिए टंकी के नीचे करीब सात ग्रामीण बैठे हुए थे। देखते ही देखते पूरी टंकी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और ग्रामीण मलबे के नीचे दब गए। इस हादसे में पांच ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से तीन की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी का निर्माण पूरी तरह भ्रष्टाचार की बुनियाद पर किया गया था, जिसके कारण यह चालू होने से पहले ही गिर गई। प्रशासनिक अमले में हड़कंप, ढाई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की सूचना मिलते ही बरेली से लेकर लखनऊ तक प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। मौके पर एडीएम ई पूर्णिमा, एसडीएम आंवला विदुषी सिंह और सीओ नितिन कुमार भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। आनन-फानन में जेसीबी मशीनें बुलाई गईं और ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबे के भारी टुकड़ों को हटाने के लिए पुलिसकर्मी खुद भी जुटे रहे। करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे सभी ग्रामीणों को बाहर निकाला जा सका। इस दौरान मौके पर महिलाओं और बच्चों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन बना रहा। अस्पताल पहुंचे डीएम, घायलों के उपचार के लिए दिए निर्देश हादसे के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह देर रात सिद्धिविनायक अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवारों से बातचीत की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। डीएम ने डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद डीएम ने घटना स्थल का भी निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो नजीर बनेगी। गंभीर रूप से घायल ग्रामीणों की हालत चिंताजनक घायलों के परिजनों ने बताया कि गर्मी की वजह से ग्रामीण अक्सर टंकी की छांव में बैठ जाते थे। इस हादसे में 40 वर्षीय रवींद्र पाल के सिर, पैर और पसलियों में गंभीर चोटें आई हैं। वह फिलहाल किसी को पहचानने की स्थिति में नहीं हैं। इसी तरह 45 वर्षीय वीर पाल के जबड़े और पैर में फ्रैक्चर है और उनके दिमाग में भी चोट आई है। वहीं, 34 वर्षीय डोरी लाल गुप्ता बेहोशी की हालत में हैं और उन्हें काफी अंदरूनी चोटें लगी हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इन तीनों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
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