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    खुद को 'श्रीप्रकाश शुक्ला' समझता था कटरा-गैंग का सरगना:300 गुर्गों का वॉट्सएप ग्रुप बनाया; गाजीपुर में 49 गैंग पुलिस के रडार पर

    14 hours ago

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    होटल कारोबारी के बेटे की हत्या के बाद गाजीपुर का खोड़ा और कटरा इलाका पुलिस छावनी में बदल चुका है। वारदात को अंजाम देने वाले 'कटरा गैंग' का सरगना शंकर पांडेय खुद को कुख्यात अपराधी ‘श्रीप्रकाश शुक्ला’ जैसा दिखाता था। गैंग का नेटवर्क वॉट्सएप से ऑपरेट होता था। गैंग में जुड़े करीब 300 लड़के सिर्फ एक मैसेज पर हॉकी-डंडे लेकर मारपीट करने पहुंच जाते थे। हालांकि, एनकाउंटर में मारे गए कमलेश बिंद के घर पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करने का नोटिस थमा दिया है। कमलेश को सरगना शंकर पांडेय का राइटहैंड माना जा रहा है। वहीं, गैंग के मुख्य ठिकाने पर ताला लटका है। दैनिक भास्कर पूरे हालात जानने मौके पर पहुंचा। पढ़िए हमारी ग्राउंड रिपोर्ट… हत्या से एनकाउंटर तक: 37 दिन पहले सिर पर सेहरा, अब घर में मातम विनीत राय हत्याकांड का एक आरोपी कमलेश बिंद 3 जून को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। इससे महज 37 दिन पहले ही उसकी शादी हुई थी। कमलेश का घर बिंदु होटल (जहां विनीत की हत्या हुई) से महज 300 मीटर की दूरी पर खोड़ा गांव में है। कमलेश की भाभी अनीता देवी गांव की प्रधान हैं। ‘कटरा गैंग’ के मेंबर्स के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए हमारी टीम सबसे पहले कमलेश के घर पहुंची। इस वक्त परिवार को किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। घर के आसपास के 500 मीटर एरिया में पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। इसके पीछे की वजह प्रदेश में कमलेश के एनकाउंटर पर चल रही सियासी बयानबाजी है। हम जैसे-तैसे परिवार के पास पहुंचे। वहां कमलेश के भाई संजय बिंद हाथ में नोटिस पकड़े बैठे मिले। हमने पूछा किस चीज का नोटिस है? इस पर वह कहने लगे- विभाग ने हमारे इस घर को लेकर कारण बताओ नोटिस दिया है। 12 जून को जवाब देने के लिए कहा है। विनय मर्डर केस को लेकर संजय कहते हैं- उसमें कमलेश का कोई हाथ नहीं था। अगले दिन उसका नाम आया, तो वह रिश्तेदारी में चला गया था। उसकी मौत से हमें बहुत नुकसान हो गया। मुझे शासन-प्रशासन पर भरोसा है। यही चाहता हूं कि आगे उचित कार्रवाई करके हमें न्याय दें। हमारा आगे नुकसान न करें। शंकर के राइट हैंड कमलेश पर थे 7 मुकदमे कमलेश बिंद कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय का राइटहैंड था। अक्सर उसके साथ दिखाई देता था। कमलेश बाहर क्या करता है, घरवाले इससे अनजान थे। कमलेश पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, मारपीट और धमकी देने जैसे 7 मुकदमे दर्ज थे। कमलेश की मां लक्ष्मीना देवी कहती हैं- मेरा लड़का निर्दोष था। सुबह हत्या में नाम आया, तो घर से भाग गया। पुलिसवाले आए और मेरी दोनों बहुओं को उठा ले गए। 5 दिन तक कोतवाली में ही बैठाए रखा। बेटे के एनकाउंटर वाली रात करीब 2 बजे छोड़ा। हम लोग चोर-बदमाश तो हैं नहीं, इसलिए कमलेश की मौत के बाद लोग आ गए। कोई पत्थर चला दिया, फिर मेरे घर में घुसकर सबको पीटा गया। कमलेश के अपराधों को लेकर लक्ष्मीना देवी कहती हैं- पहले लड़ाई-झगड़े का केस था। कोई बलवा-मर्डर नहीं किया मेरा लड़का। 2 साल पहले एक बारात आई थी, उसी में लड़ाई-झगड़ा हो गया था। इसलिए ये लोग बदला ले रहे हैं और मेरे बेटे का नाम लिखवा दिया। तस्कर पिता बंगाल जेल में बंद, बेटा गाजीपुर का गैंगस्टर मुख्य आरोपी शंकर पांडेय का घर भी होटल से कुछ ही दूरी पर है। इन दिनों घर पर ताला लगा हुआ है। आसपास के लोग शंकर के बारे में बात करने से डरते हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि इलाके में 30 से ज्यादा लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। शंकर के बारे में लोग कहते हैं- शंकर का पिता रविशेखर पांडेय नशीले पदार्थों का बड़ा तस्कर है। हीरोइन के मामले में गिरफ्तारी हुई है। वो बंगाल की जेल में बंद है। घर पर मां पूनम पांडेय और दो भाई रहते थे, लेकिन अभी सब भागे हुए हैं। हत्या के 2 अन्य आरोपी सोनू यादव और आलोक दुबे भी इसी इलाके के हैं। हम सोनू के घर पहुंचे। पता चला उसका परिवार यानी मां-बाप, भाई-बहन यहां नहीं रहते हैं, सिर्फ वही रहता था। यही वजह है कि ये घर कटरा गैंग का मुख्य ठिकाना था। गैंग मेंबर्स यहीं शराब और चिकन पार्टी करते थे। सोनू पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं। वह कई बार जेल भी जा चुका है। आसपास के लोग ऑफ कैमरा एक घटना बताते हैं। कहते हैं- पिछले महीने शंकर और सोनू में झगड़ा हो गया था। शंकर ने सोनू को बुरी तरह से पीटा था। धमकी दी थी कि गाजीपुर छोड़ देना, वरना तुम्हें मार दूंगा। इसके बाद सोनू इस इलाके में नजर नहीं आया। हालांकि, इसमें कितनी सच्चाई है, यह पुलिस ही जान सकती है। आलोक दुबे के घर पर भी ताला लगा हुआ है। शंकर की तरह उसने भी अपने घर में CCTV लगवा रखे हैं। इलाके में और किसी के घर पर कैमरे नहीं लगे हैं। आलोक खुद को नवाब बताता था। इंस्टाग्राम पर भी उसने इसी नाम से आईडी बना रखी है। आलोक के पिता लक्ष्मण दुबे सिक्योरिटी गार्ड हैं। आलोक अकेला लड़का है। उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। आलोक पर भी मारपीट, लूट के मुकदमे दर्ज हैं। इस भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए- महिला सिपाही से छेड़छाड़, विरोध पर परिजन को पीटा गाजीपुर शहर में कटरा गैंग के बारे में कई जानकारियां मिलीं। गैंग के वॉट्सएप ग्रुप में करीब 300 लड़के जुड़े थे। लड़कों के छोटे-मोटे झगड़े पर भी ग्रुप पर मैसेज करते ही 30-35 लड़के हॉकी लेकर मौके पर पहुंच जाते थे। ऐसा ही कुछ 25 फरवरी, 2024 को हुआ था। बद्रीचंद पोखरा इलाके में एक महिला सिपाही अपने पति, भाई और भांजे के साथ प्रयागराज जा रही थी। तभी कटरा गैंग के 2 बदमाश महिला सिपाही से छेड़छाड़ करने लगे। पति और भाई ने ऐतराज जताया तो लड़कों ने गैंग ग्रुप पर मैसेज कर दिया। मौके पर 30-40 लड़के इकट्ठा हो गए। महिला सिपाही और परिवार के साथ मारपीट की, फिर मोबाइल लूटकर भाग गए। केस दर्ज हुआ, लेकिन कुछ नहीं हुआ। ये कटरा गैंग के दुस्साहस का एक उदाहरण भर है। लड़कियां छेड़ना, किसी से बहस होने पर घेरकर पीट देना, व्यापारियों से जबरन वसूली करना, गैंग का मुख्य काम था। शंकर पांडेय इसका मुखिया था। वो CBSE बोर्ड से पढ़ा है। स्कूल के दिनों में ही उसने गैंग बना लिया था। ग्रुप के लड़के, लड़कियों का पीछा करते थे। कभी उनके घर तक जाते थे। परिवारवाले ऐतराज करते, तो उनके साथ मारपीट करते। शहर में ही BSF के एक जवान की बेटी के साथ इन लोगों ने छेड़छाड़ की थी। उन्होंने पुलिस में शिकायत की, तब ये लड़के पीछे हटे थे। शंकर खुद को श्रीप्रकाश शुक्ला जैसा दिखाता था। उसने कई बार श्रीप्रकाश की तस्वीरें सोशल मीडिया में पोस्ट कीं। गाड़ियों के काफिले में चलता था। खुद को शेर, गाजीपुर का किंग, बाहुबली लिखता था। हर पोस्ट का कैप्शन एक ही रहता “बस दुआओं में याद रखना”। कैप्शन के बाद शेर की इमोजी भी होती है। इसके बाद इलाके में उसका दबदबा कुछ ऐसा हो गया था कि कई लोग उसे पैसे देकर अपने दुश्मन को पिटवाने के लिए कहते थे। ये काम और अवैध वसूली शंकर का मुख्य धंधा बन गया था। गाजीपुर पुलिस का 'ऑपरेशन वज्रपात', शहर में एक्टिव मिले 49 गैंग विनीत राय की हत्या के बाद गाजीपुर पुलिस ने कटरा गैंग समेत शहर में एक्टिव अन्य गैंग पर शिकंजा कसना शुरू किया। ऑपरेशन वज्रपात चलाकर 49 गैंग की पहचान की। इनमें महाकाल, 315, फरसा, बुद्धन, यादव, शेरे पूर्वांचल, भुड़कुड़ा, हंटर जैसे गैंग शामिल हैं। इनमें कुल सदस्य 401 नजर में आए। 39 मुकदमे हुए और 11 गिरफ्तारियां हुईं। हालांकि, कटरा गैंग के एक भी मेंबर की गिरफ्तारी नहीं हुई। पुलिस ने पिछले साल भी 110 से ज्यादा गैंग की पहचान की थी, लेकिन इस साल कहा गया कि बहुत से गैंग अब एक्टिव नहीं हैं। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… अतीक-मुख्तार के बाद यूपी में फिर 'गैंग्स' एक्टिव, शंकर पांडेय-रॉबिन सिंह उभरे; पूर्व DGP बोले- योगीराज में अपराधियों का अंत तय नए गैंग सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं हैं, दूसरे राज्यों में जाकर भी मर्डर और रंगदारी के बड़े ठेके ले रहे हैं। कोलकाता में सीएम शुभेंदु के पीए की हत्या हो या मुंबई में बाबा सिद्दीकी का मर्डर, इन सबके तार यूपी के इन्हीं गैंग से जुड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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