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    'खून के बदले खून, तब मुझे चैन मिलेगा':मेरठ में मां बोलीं- फौजी बेटे के हत्यारों को फांसी हो, तब इंसाफ मिलेगा

    2 hours ago

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    बेटा तो सरहद पर अपना शरीर जलाकर देश की रक्षा कर रहा था। कलेजे का टुकड़ा देश की खातिर मुझसे दूर था, बदले में मुझे क्या मिला? मेरा बेटा ही मुझसे छिन गया। घर में घुसकर उसकी हत्या कर दी। जब तक खून के बदले खून नहीं होगा… मुझे चैन नहीं मिलेगा। ये कहना है मेरठ की विमला का, जिन्होंने अपने फौजी बेटे को खो दिया। विमला रोते हुए कहती हैं- मुझे इंसाफ चाहिए तभी सब्र आएगा। बेटे के आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। तभी हमें इंसाफ मिलेगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले एक नजर में घटना… मेरठ में इचौली के धनपुर गांव निवासी 36 साल के नैन सिंह बीएसएफ की 78वीं वाहिनी मालदा (पश्चिम बंगाल) में तैनाती थी। वह कांस्टेबल के पद पर थे। चचेरे भाई सूरज की शादी में शामिल होने आए थे। 27 मार्च (शुक्रवार) की रात उन्हें किसी ने गोली मार दी। हमलावरों ने बेडरूम में वारदात को अंजाम दिया। घर के लोगों को 28 मार्च (शनिवार) को पता चला कि नैनसिंह की हत्या हो चुकी है। जब वह दोपहर तक कमरे से नहीं निकले, तो परिवार के लोगों ने जाकर देखा। सिर में गोली लगी थी और मौत हो चुकी थी। नैन सिंह के पिता गरीबदास ने पड़ोसी महेश कुमार और उसके 2 बेटों को नामजद किया है। पुलिस ने महेश और उसके दोनों बेटो को हिरासत में लिया है। 29 मार्च को पोस्टमॉर्टम के बाद नैन सिंह का उनके गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। अब पढ़िए परिवार से बातचीत… पिता बोले- खून से लथपथ पड़ा था बेटा नैन सिंह के पिता गरीबदास ने कहा- शनिवार सुबह मैं अपनी पत्नी, बेटे जोनी के साथ खेत पर सरसों काटने चला गया था। दोपहर करीब दो बजे तक नैन सिंह बेडरूम से बाहर नहीं आया। तब नैन सिंह के छोटे भाई प्रदीप कुमार की पत्नी पिंकी उन्हें उठाने बेडरूम में चली गई। वहां देखा कि नैन सिंह की कनपटी पर गोली लगी है। खून से लथपथ शव बेड पर पड़ा था। पिंकी के शोर मचाने पर परिवार के सभी सदस्य बेडरूम में पहुंचे। गरीबदास का कहना है कि होली पर पड़ोसी महेश कुमार से कहासुनी हुई थी। परिवार में से किसी का बस कंधा लग गया था। उन लोगों ने छत पर चढ़कर ईंट बरसाईं। हमारी 20 साल से जमीनी रंजिश चल रही है। मेरे परिवार में कुल 10 लोग हैं। नैन का छोटा भाई प्रदीप भी 2015 में बीएसएफ में भर्ती हुआ था। उसकी तैनाती जैसलमेर में है। घटना के बाद वह भी आया है। अविवाहित छोटा बेटा जोनी मोदीनगर में रहकर मजदूरी करता है। मां बोली- मुझे इंसाफ चाहिए नैनसिंह की मां विमला ने बताया कि घटना के वक्त कोई भी नहीं था, बस छोटी बहू थी। वो अपने कमरे में थी। सोने का वक़्त था। वो भी सो गई। मुझे इंसाफ चाहिए। बेटे के हत्यारों को फांसी होनी चाहिए। खून के बदले खून हो तो… मुझे भी सब्र आए। भाई बोला- पड़ोसियों से हुई थी लड़ाई जैसलमेर में तैनात बीएसएफ जवान प्रदीप कुमार ने बताया कि ये किसी पड़ोसी या आसपास वाले का काम है। जिसे हर चीज की जानकारी होती है। जो कोई पुरानी रंजिश लेकर बैठा हो। हमारा एक छोटा-मोटा विवाद था। हम दोनों भाई उस समय ड्यूटी पर ही थे। तब हमारे खेत और रास्ते को लेकर पड़ोसियों से झगड़ा चल रहा था। हो सकता है उसी रंजिश में ये घटना कर दी हो। देश में जवान ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी का क्या? नैन सिंह के बुआ के बेटे रोहित ने बताया कि होली वाले दिन भी पड़ोसियों से झगड़ा हुआ था। तब हमारे भाई को खुलेआम धमकी दी गई कि तेरी हत्या कर देंगे। ये 4 मार्च की बात है। तब हम लोगों ने पुलिस को शिकायत भी की थी, लेकिन पुलिस ने कुछ एक्शन नहीं लिया। ये पूरी तरह से पुलिस-प्रशासन की लापरवाही है। अगर उसी शिकायत के बाद पुलिस एक्शन लेती तो आज हमारा भाई जिंदा यहां खड़ा होता। रोहित ने बताया कि पड़ोसी प्रेम सिंह, अभिषेक और शुभम पर हमें शक है। उन्होंने ही होली के दिन धमकी दी थी। वो खुलेआम बदमाशी करते हैं। देश में जवान ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी का क्या होगा? प्रियंका बोली- बक्सा जैसी चीज गिरने की आवाज सुनी थी हमने नैन सिंह के छोटे भाई प्रदीप की पत्नी प्रियंका से बात की, क्योंकि घटना के वक्त वह और दो बच्चे ही घर में मौजूद थे। प्रियंका ने कहा- मुझे देर रात 2 बजे बक्सा गिरने जैसी आवाज आई थी। मैंने कमरे से बाहर आकर देखा, लेकिन कुछ नहीं दिखा तो फिर से सो गई। ‌BSF जवान का पत्नी से चल रहा था विवाद पिता गरीबदास ने बताया कि नैन सिंह का अपनी पत्नी कोमल से पिछले 2 साल से विवाद चल रहा था। पत्नी 2 साल से मेरठ में पति से अलग रहती है। उनके दो बच्चे हैं। जो यहीं रहते हैं। 12 साल की यशिका 9वीं में पढ़ती है, जबकि 7 साल का बेटा आयुष दूसरी कक्षा में पढ़ता है। पेपर खत्म होने पर बच्चे नानी के यहां फाजलपुर जाने की जिद कर रहे थे। इस पर बेटा नैन सिंह तीन दिन पहले ही उन्हें वहां छोड़कर आया था। एक अप्रैल को उन्हें वापस ड्यूटी पर जाना था। पत्नी बोली- आरोपी को फांसी दी जाए मायके में रह रही नैन सिंह की पत्नी कोमल से कहा- मैं तो 2 साल से अलग रह रही थी। मेरी तो किसी से बातचीत नहीं होती थी। इसलिए किससे झगड़ा हुआ-क्या हुआ मुझे कुछ नहीं पता। बच्चे दोनों पिता के पास ही रहते थे। मुझे तो किसी ने बताया भी नहीं कि मेरे पति की हत्या हो गई है। मुझे तो पड़ोस से किसी ने बताया कि मेरे पति को चोट लग गई है। तब भी नहीं बताया कि उनकी हत्या हो गई है। मैं तो यही चाहती हूं जिसने भी ये किया है, उसे सजा होना चाहिए। हमारी शादी को 13 साल हो चुके थे। पति शराब पीकर पीटते थे, इसलिए हमारा झगड़ा हुआ था। इसी वजह से मैं अलग रहने लगी थी। पुलिस 2 एंगल से कर रही जांच नैन सिंह के परिवार की शिकायत पर पड़ोसी महेश और उसके बेटे प्रेम, नीशू और शिवम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। केस की जांच कर रहे सीओ सदर (देहात) सुधीर सिंह ने बताया कि नैनसिंह के सिर में गोली .315 बोर की गोली लगी है। महेश और उसकी पत्नी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस जमीनी रंजिश के अलावा पत्नी से चल रहे विवाद को भी हत्या का कारण मानकर जांच कर रही है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… BSF जवान की हत्या, घर में घुसकर गोली मारी:मेरठ में गांव के युवक से झगड़ा हुआ, छुट्टी पर घर आए थे मेरठ में BSF जवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर ने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गया। नैन सिंह बीएसएफ में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। वह 6 मार्च को छुट्‌टी पर घर आए हुए थे। वारदात के समय वह घर पर सो रहे थे। गोली की आवाज सुनकर पड़ोसी दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना पुलिस को दी। घर वालों ने पुलिस को बताया कि गांव के एक युवक से पुरानी रंजिश चल रही थी। पढ़ें पूरी खबर
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