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    कांवड़ियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी, सपा विधायक- पूर्व मंत्री पर आरोप:MP-MLA कोर्ट में 13 अप्रैल को सुनवाई, कांग्रेस सांसद मामले में भी बयान दर्ज होंगे

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    संभल के सपा विधायक इकबाल महमूद और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ कांवड़ियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में 13 अप्रैल को सुनवाई होगी। इसी दिन कांग्रेस सांसद इमरान मसूद से जुड़े एक अन्य मामले में भी गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यह सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए कोर्ट में होगी। हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने 21 अगस्त को सपा विधायक इकबाल महमूद और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ याचिका दायर की थी। यह याचिका दिल्ली निवासी सिमरन गुप्ता ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल की थी। उन पर कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों और कांवड़ियों को "गुंडा, मवाली व अराजक तत्व" कहने का आरोप है। इस मामले में आशीष गुप्ता के बयान दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई 2025 को सुबह करीब 9:30 बजे उन्होंने अखबार में एक बयान पढ़ा था। इसमें कथित तौर पर सपा विधायक और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांवड़ यात्रा पर जाने वालों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। आशीष गुप्ता ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। ऐसे बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। दूसरे मामले में, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के खिलाफ भी सिमरन गुप्ता ने ही परिवाद दाखिल किया है। यह परिवाद बहजोई निवासी सिमरन गुप्ता, जो शहीद कर्नल सुरेश गुप्ता के पुत्र हैं, ने 1 अप्रैल को दायर किया था। इसमें सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। परिवाद के अनुसार, 28 अक्टूबर 2025 को टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें सांसद के एक बयान की जानकारी मिली थी। यह बयान स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह से संबंधित था, जिसे परिवादी ने आपत्तिजनक बताया है। उनका आरोप है कि इस कथित टिप्पणी से शहीदों की गरिमा को ठेस पहुंची है। न्यायालय में दर्ज इन परिवादों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। दोनों मामलों की सुनवाई अब 13 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
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