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    करोड़ों की वित्तीय अनियमितता का खुलासा, पांच कर्मचारियों पर FIR:उन्नाव DM ने जांच कमेटी बनाई थी, 73 लाख से अधिक धनराशि सरकारी कोष में जमा

    6 hours ago

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    उन्नाव के एम.आर.आर.एस. इंटर कॉलेज, पुरवा में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है। इस मामले में जिलाधिकारी घनश्याम मीना के निर्देश पर पांच कर्मचारियों के खिलाफ कोतवाली उन्नाव में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एक त्रिसदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में सरकारी धन के दुरुपयोग या वित्तीय अनियमितता में शामिल किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, वरिष्ठ कोषाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की एक त्रिसदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी, जिसमें कई कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध और प्रथम दृष्टया दोषपूर्ण पाई गई। जांच में सामने आया कि कॉलेज के प्रधान लिपिक अमित कुमार मिश्रा, परिचारक विनोद कुमार त्रिपाठी, परिचारक कुलदीप कुमार, लिपिक राधेश्याम तथा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक सागर कपूर ने कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर शासकीय धनराशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, करोड़ों रुपये की यह धनराशि विभिन्न बैंक खातों में भेजी गई, जिससे सरकारी धन के गबन की आशंका है। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में इन सभी पांचों कर्मचारियों को वित्तीय अनियमितता और शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का दोषी ठहराया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में तैनात जिला विद्यालय निरीक्षकों के स्तर पर वित्तीय मामलों की निगरानी में शिथिलता बरती गई, जिसके कारण ये अनियमितताएं लंबे समय तक जारी रहीं। इस प्रकरण में संबंधित पांचों कर्मचारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके विरुद्ध विभिन्न आपराधिक धाराओं में कोतवाली उन्नाव में एफआईआर दर्ज की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2021-22 से लेकर अब तक लगभग चार से पांच वर्षों में हुई वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा किया गया है। अब तक गबन की गई धनराशि में से 73 लाख 14 हजार 53 रुपये सरकारी कोष में जमा कराए जा चुके हैं, जबकि शेष राशि की वसूली और जमा कराने की प्रक्रिया जारी है। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की धनराशि जनता की संपत्ति है और उसके दुरुपयोग को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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