Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कानपुर सेंट्रल से फिर से चलेगी वंदेभारत और शताब्दी:42 दिन पहले 57 ट्रेनें बंद हुई थी, बगैर CRS जांच के गंगापुल पर फर्राटा भरेगी गाड़ियां

    21 hours ago

    2

    0

    कानपुर सेंट्रल- लखनऊ रेल खंड पर गंगा पुल की डाउन लाइन पर 42 दिनों का मेगा ब्लॉक खत्म हो गया है। यहां रेलवे ने जर्जर पुल को मरम्मत के लिए बंद किया था। अब इस रेल रूट दोबारा से वंदेभारत, शताब्दी और आगरा इंटरसिटी समेत 50 से ज्यादा ट्रेनें दोबारा से शुरु की जाएगी। जिसमें 31 ट्रेनें अन्य रूटों की है। हालांकि अभी तक कानपुर सेंट्रल से लखनऊ के बीच सुबह 9:30 से 6:30 तक ट्रेनों का संचालन बंद किया गया था। हालांकि ट्रेनों के संचालन से पहले CRS जांच होना जरूरी होता है, लेकिन ये जांच अभी तक नहीं की गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है- CRS जांच की कोई जरूरत नहीं है। कानपुर और लखनऊ के बीच गंगा रेलवे पुल पर चल रहा 42 दिनों का मेगा ब्लॉक समाप्त हो गया। रेलवे द्वारा पुल पर नए स्टील स्लीपर डालने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके बाद रात से ट्रेनों का संचालन फिर से सामान्य रूप से शुरू कर दिया जाएगा। लंबे समय से चल रहे इस ब्लॉक के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब मेगा ब्लॉक खत्म होने से यात्रियों को राहत मिलेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार गंगा रेलवे पुल की डाउन लाइन पर दो अप्रैल से मरम्मत और स्लीपर बदलने का काम चल रहा था। यह कार्य 14 मई की शाम तक पूरा किया गया। इस दौरान रोजाना सुबह 9:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक ब्लॉक लिया जाता था। मेगा ब्लॉक की वजह से करीब 57 ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। इनमें कई ट्रेनों को निरस्त किया गया था, जबकि कुछ ट्रेनों का रूट बदला गया था। CRS जांच के बिना चलेगी ट्रेनें कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ़्टी (CRS) की जांच किसी भी रेल रूट को शुरू करने से पहले जांच की जाती है। इस जांच को नए रेल रूट शुरू करने से पहले किया जाता है। लेकिन पुल के मरमत्त कार्य के बाद अभी तक इस पुल की CRS जांच नहीं की गई है। अब इस रूट पर बंद की गई 57 ट्रेनें दोबारा से शुरू की जाएगी। रेलवे के मुताबिक पुल पर पुराने ट्रैक और स्लीपर काफी जर्जर हो चुके थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए स्टील स्लीपर लगाए गए हैं। इससे अब गंगा रेलवे पुल पर ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ सकेगी। पहले पुल पर ट्रेनें 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गुजरती थीं, लेकिन अब 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें पुल पार कर सकेंगी। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर आकांशु गोविल ने बताया कानपुर लखनऊ के बीच लखनऊ मण्डल द्वारा गंगा ब्रिज पर कार्य किया जा रहा था। ये कार्य करीब 42 दिनों से चल रहा था। ये कार्य 2 अप्रैल से लेकर 13 मई तक किया गया था। इस काम की वजह से 50 से अधिक ट्रेनें बदले हुए रूट से चलाई जा रही थी। जिसमें 31 गाड़ियां बदले हुए रूट से चलाई जा रही थी। जबकि 18 ट्रेनें निरस्त की गई थी। अब दोबारा से संचालन शुरू होने के बाद मुख्य गाड़ियां वंदेभारत, शताब्दी, आगरा फोर्ट इंटरसिटी अब कानपुर सेंट्रल से होकर चलेगी। इस कार्य के बाद 130 किमी प्रति घंटा होने की उम्मीद है। पुल के जर्जर होने के बाद मरम्मत कार्य किया जा रहा था। इस कार्य के लिए CRS जांच की कोई जरूरत नहीं है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    सपा सांसद के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन:प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर कार्यकर्ताओं में आक्रोश
    Next Article
    बरेली में PM मोदी पर टिप्पणी से उबाल:BJP ने कलेक्ट्रेट घेरा, सपा सांसद से माफी की मांग की

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment