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    कानपुर किडनी कांड का मास्टरमाइंड बोला-करोड़ों फेंक देते हैं:एजेंट से बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली; कन्नौज का डॉक्टर पकड़ाया

    13 hours ago

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    कानपुर के चर्चित किडनी कांड के मास्टरमाइंड शिवम अग्रवाल के मोबाइल से पुलिस को ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, यह रिकॉर्डिंग उसने गिरोह में शामिल प्रयागराज के रहने वाले नवीन पांडेय को भेजी थी। पुलिस के अनुसार, ऑडियो में नवीन, शिवम से प्रयागराज के ही दलाल साहिल का जिक्र कर रहा है। वह कहता है कि साहिल ने तुम्हारा नाम लेकर 22 लाख रुपए ले लिए हैं। इस पर शिवम कहता है- उसे नहीं पता कि शिवम और डॉ. रोहित क्या चीज हैं, हम लोग करोड़ों रुपए ऐसे ही फेंक देते हैं। पुलिस टीम शनिवार शाम नवीन पांडेय के प्रयागराज स्थित घर पहुंची, लेकिन वह नहीं मिला। इधर, पुलिस ने शिवम की पत्नी को रावपुर थाने पूछताछ के लिए बुलाया। उसने बताया कि नवीन पांडेय गाजियाबाद के रहने वाले डॉ. रोहित के साथ 4-5 साल से काम कर रहा है। शिवम तो एक साल से ही डॉ. रोहित से जुड़ा था। पुलिस सोमवार को शिवम की जिला कोर्ट में याचिका दाखिल कर रिमांड मांगेगी। पुलिस के मुताबिक, यह रिकॉर्डिंग पिछले साल दिसंबर महीने की है। हालांकि, पुलिस ने इसे सार्वजनिक नहीं किया है। किडनी कांड में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कन्नौज के डॉक्टर को पुलिस ने हिरासत में लिया पुलिस के अनुसार, रिकॉर्डिंग में शिवम एक महिला का जिक्र कर रहा है। वह कहता है कि जिस महिला को हम दिल्ली लेकर आए थे, उसे द्वारका के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, वह मर गई। इस पर नवीन कहता है कि महिला को एंबुलेंस से लेकर जाना चाहिए था, तुम लोग उसे स्कॉर्पियो से लेकर चले गए। स्कॉर्पियो में कोई मेडिकल व्यवस्था होती है क्या? पुलिस के मुताबिक, ऑडियो में जिस महिला का जिक्र है, उसका दिसंबर महीने में मेडिलाइफ हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे आनन-फानन में दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने महिला की मौत के मामले में कन्नौज के रहने वाले डॉ. रोहन को शनिवार को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। हॉस्पिटल के दो अन्य पार्टनर औरैया निवासी डॉ. नरेंद्र और कन्नौज के डॉ. संदीप अभी फरार हैं। साहिल ने किडनी के नाम पर 20 लाख ठगे पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि शिवम अग्रवाल की तरह साहिल भी डॉ. रोहित के लिए काम करता था। जांच में सामने आया कि एक महिला को किडनी की जरूरत थी। साहिल ने उससे संपर्क कर कहा कि डॉ. रोहित ट्रांसप्लांट के लिए 40 लाख लेते हैं, लेकिन वह 20 लाख रुपए में किडनी ट्रांसप्लांट करा देगा। इसके बाद वह महिला से 20 लाख रुपए लेकर फरार हो गया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि साहिल की तलाश में चित्रकूट और प्रयागराज में छापेमारी की जा रही है। अब तक गिरोह में जिन डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं, उनमें कोई भी सर्जन नहीं है। गिरोह में शामिल डॉ. रोहित एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, डॉ. वैभव डेंटिस्ट, डॉ. अनुराग अल्फा हॉस्पिटल संचालक, डॉ. अफजल फिजिशियन और डॉ. अली ओटी टेक्नीशियन हैं। बीए पास भूपेंद्र बना डॉक्टर ऑफ मेडिसिन डीसीपी ने बताया कि शुक्रवार को शिवम की पत्नी से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान उसने हैलट के सामने स्थित रमाशिव हॉस्पिटल के मैनेजर भूपेंद्र सिंह का नाम लिया। भूपेंद्र सिंह डॉ. रोहित के संपर्क में था। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने लखनऊ में एसजीपीजीआई के सामने एक निजी अस्पताल बनवाया है। डीसीपी वेस्ट के अनुसार, भूपेंद्र के विजिटिंग कार्ड पर एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) लिखा था। पूछने पर उसने बताया कि एमडी का मतलब मैनेजिंग डायरेक्टर है। वह डॉ. रोहित के संपर्क में था। डॉ. रोहित ने उससे अपने अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट कराने को कहा था, लेकिन उसने ट्रांसप्लांट नहीं कराया। मेडिलाइफ के संचालक रोहन, नरेंद्र और अजय से भी पूछताछ की जा रही है। मेरठ का ट्रैवल एजेंट फर्जी नाम से बुक करता था कारें जांच में सामने आया कि मेरठ का रहने वाला अंकित, डॉ. रोहित, वैभव मुद्गल, डॉ. अफजल, डॉ. मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली और डॉ. अनुराग समेत उनकी टीम के लिए फर्जी नामों से गाड़ियां बुक करता था। जांच में मेरठ के टैक्सी ड्राइवर परवेज सैफी और फिरोज के नाम सामने आए। पूछताछ में पता चला कि वे डॉ. रोहित की टीम को तीन बार कानपुर लेकर आए थे। 10 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से गाड़ी बुक की जाती थी। डॉ. अनुराग उर्फ अमित ने की थीं दो शादियां स्कैंडल से जुड़े डॉ. अनुराग की तलाश में पुलिस टीम मेरठ पहुंची। जांच में सामने आया कि मेरठ का अल्फा हॉस्पिटल डॉ. अनुराग के नाम पर है। वह फिजियोथेरेपिस्ट है और उसने दो शादियां की हैं। पुलिस टीम उसकी पहली पत्नी के घर पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस उसकी दूसरी पत्नी की लोकेशन तलाश रही है। अब जानिए मेडिलाइफ हॉस्पिटल से कैसे जुड़े तार डीसीपी आबिदी ने बताया कि ओटी टेक्नीशियन राजेश कुमार और कुलदीप सिंह राघव ने पूछताछ में कहा था कि उन्होंने सभी ऑपरेशन आहूजा हॉस्पिटल में किए थे, लेकिन दोनों के मोबाइल की जांच में शहर के कई अन्य अस्पतालों के नंबर मिले। इनमें मसवानपुर स्थित मेडिलाइफ हॉस्पिटल भी शामिल है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… OT टेक्नीशियन ने निकाली थी MBA स्टूडेंट की किडनी:कानपुर में ट्रांसप्लांट किया; मेरठ के 3 डॉक्टरों के भी नाम सामने आए कानपुर में MBA स्टूडेंट आयुष की किडनी किसी डॉक्टर ने नहीं, बल्कि एक ओटी टेक्नीशियन ने निकाली थी। उसी ने पारुल तोमर को किडनी ट्रांसप्लांट भी किया था। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने यह जानकारी दैनिक भास्कर को दी। उन्होंने बताया- आरोपी ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है। उसके घर पर दबिश दी गई, लेकिन वह फरार मिला। जिस मेडिलाइफ हॉस्पिटल में वह काम करता था, उसके तीनों मालिक भी फरार हैं। पढ़ें पूरी खबर
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