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    झांसी में महिलाओं ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को सराहा:बोलीं- सड़क से संसद तक महिलाएं नीति निर्धारण में निभाएंगी भागीदारी

    3 hours ago

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    झांसी में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने सर्किट हाउस में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी महिला कार्यकर्ता भी मौजूद रहीं और उन्होंने अधिनियम के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। पत्रकार वार्ता में शिक्षाविद डॉक्टर नीति शास्त्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए इस अधिनियम के माध्यम से देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत महिलाओं को जो शक्ति प्रदान की गई है, उससे वे सड़क से लेकर संसद तक नीति निर्धारण में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी। उनके अनुसार, इससे न केवल राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ी समस्याओं को भी मजबूती से उठाया जा सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि लंबे समय से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की मांग उठती रही है, ऐसे में यह अधिनियम उस दिशा में एक ठोस कदम है। इससे आने वाले समय में नई महिला नेतृत्व क्षमता विकसित होगी और निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की आवाज अधिक प्रभावी तरीके से सुनी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने अधिनियम के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सरकार की सराहना करते हुए इसे सामाजिक बदलाव का आधार बताया। वार्ता में मौजूद अन्य महिलाओं ने भी अपने विचार साझा किए और कहा कि इस अधिनियम से महिलाओं को आत्मविश्वास मिलेगा तथा वे सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे जमीनी स्तर पर भी महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि होगी और उनके मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी। हालांकि, पत्रकारों द्वारा पूछे गए कुछ अन्य सवालों पर डॉक्टर नीति शास्त्री ने स्पष्ट रूप से कोई जवाब नहीं दिया और टिप्पणी करने से परहेज किया। राजनीतिक जवाब से बचीं महिलाओं की भागीदारी को लेकर मीडिया ने डॉक्टर नीति शास्त्री से सवाल किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में क्या वह भारतीय जनता पार्टी के सामने यह मांग रखेंगी कि झांसी की चार में से दो विधानसभा सीटों पर महिला दावेदारों को टिकट दिया जाए। इस पर उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि एक सामान्य महिला और शिक्षाविद के तौर पर पत्रकार वार्ता कर रही हैं। उनका उद्देश्य केवल यह है कि अधिनियम में किए गए प्रावधानों का लाभ महिलाओं तक पहुंचे। उमा भारती की मांग का किया समर्थन रविवार को झांसी आईं मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा था कि अधिनियम में दिए गए 33 प्रतिशत आरक्षण में से 50 प्रतिशत हिस्सेदारी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से आने वाली महिलाओं को मिलनी चाहिए। उनकी इस मांग का समर्थन करते हुए डॉक्टर नीति शास्त्री ने कहा कि ऐसा होना बेहद जरूरी है, तभी समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को समान अवसर मिल पाएगा।
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