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    घोसी में 'जयचंद' शब्द पर सियासी जंग:सांसद ने ऊर्जा मंत्री पर साधा निशाना, विकास कार्यों पर उठाए सवाल

    2 hours ago

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    मऊ के घोसी क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। एक सार्वजनिक मंच से 'जयचंद' शब्द के इस्तेमाल ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस पर स्थानीय सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री पर निशाना साधा और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए। सांसद ने जोर देकर कहा कि घोसी की जनता किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि विकास की पक्षधर है। उन्होंने कहा, "विकास चाहे मैं करूं या आप करें, इसका लाभ अंततः जनता को ही मिलेगा।" उन्होंने ऊर्जा मंत्री के कुछ अच्छे कार्यों की सराहना भी की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इतिहास को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सांसद ने समाजवादी सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि घोसी में फोरलेन सड़क और महिला अस्पताल में 100 बिस्तरों की सुविधा पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी थी। 'जयचंद' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए सांसद ने कहा कि जनता तय करेगी कि असली 'गद्दार' कौन है। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सांसद के अनुसार, उपभोक्ताओं पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और उन्हें भारी-भरकम बिल भेजे जा रहे हैं। सांसद ने राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती। उन्होंने नेताओं को शालीनता बनाए रखने की सलाह दी। स्मार्ट मीटर की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में इसकी तुलना मोबाइल रिचार्ज से की। विकास कार्यों के श्रेय को लेकर भी विवाद सामने आया। सांसद ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा कराए गए कार्यों के शिलापट्ट हटा दिए गए हैं, जबकि अन्य नेताओं के नाम वाले शिलापट्ट यथावत रखे गए हैं। भाषण के अंत में सांसद ने सहयोग की पेशकश की। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं 'पोस्टमैन' बनकर जनता की समस्याओं को मंत्री तक पहुंचाएंगे। साथ ही, उन्होंने प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर विशेषाधिकार हनन का मामला उठाने की चेतावनी भी दी। घोसी की राजनीति में यह विवाद 'विकास बनाम आरोपों' की बहस को और तेज कर रहा है, जिस पर स्थानीय जनता की नजरें टिकी हुई हैं।
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