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    गोरखपुर में सहयोगी ने प्रिटिंग प्रेस संचालिका की हत्या:दुकान बंद कर भागा, सड़ गई थी लाश, आरोपी गिरफ्तार

    2 hours ago

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    गोरखपुर के कैंट इलाके के जिला पंचायत रोड पर स्थित दुकान में संचालिका गंगोत्री यादव की हत्या उसके ही सहयोगी अनिल गुप्ता ने गला दबाकर की थी। जांच में पता चला है कि गंगोत्री जमीन खरीदने के लिए चार लाख रुपये एकत्र की थी, जिसकी जानकारी अनिल को भी थी। उस रुपयों को लेकर दोनों के बीच रविवार को विवाद हो गया और फिर गंगोत्री ने गुस्से में आकर अनिल को थप्पड़ मार दिया था। इससे नाराज अनिल ने गंगोत्री को धक्का दे दिया और गिरने पर गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने बस्ती जिले के हरैया टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। आरोपी अनिल गुप्ता कोतवाली थाना क्षेत्र के जगरनाथपुर का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, पिछले पांच वर्ष से अनिल व गंगोत्री साथ में काम कर रहे थे। संचालिका गंगोत्री से अनिल के करीबी रिश्ते भी हो गए थे, इस वजह से वह हर एक बात जानता था। कर्ज लेकर दुकान किराये पर लेने वाली गंगोत्री ने कर्ज भरने के साथ ही जमीन खरीदने के लिए रुपये एकत्र करने लगी थी। उसके पास चार लाख रुपये भी थे। इसकी जानकारी अनिल को हो गई थी। अनिल लगातार गंगोत्री पर रुपये व्यापार में लगाने का झांसा दे रहा था, लेकिन गंगोत्री इनकार कर रही थी। इस बात पर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार को एक बार फिर इसी बात पर विवाद हुआ और गंगोत्री ने थप्पड़ मार दिया। इसके बाद अनिल ने गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद अनिल घर गया और कपड़ा बदलकर बिना किसी को कुछ बताए ही दिल्ली चला गया। इधर, परिजन गंगोत्री की तलाश में दुकान पर पहुंचे और दुर्गंध आने पर बुधवार को पुलिस को सूचना दिए थे। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम भेजा और जांच शुरू करते ही पहला संदेह सहयोगी अनिल पर ही गया, लेकिन उसका मोबाइल बंद था। पुलिस ने लोकेशन लिया और एक टीम दिल्ली रवाना हो गई। उधर, अनिल दिल्ली से बस पकड़कर निकल लिया था, जिसका पीछा करते हुए दूसरी टीम ने हरैया टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया। शादी का प्रेशर बनाने की वजह से मारा रुपयों के अलावा गंगोत्री और अनिल की दोस्ती भी गहरी हो गई थी। बताया जा रहा है कि अनिल पर गंगोत्री शादी करने की चर्चा भी की थी, लेकिन अनिल ने पहले से शादीशुदा होने की बात कहते हुए टाल दिया था। पहले अनिल ने जारी की बात छिपाई थी। गंगोत्री को इसकी जानकारी होने पर दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी और फिर रुपयों के विवाद में हत्या कर दी गई। बुधवार की सुबह मिली थी लाश गोरखपुर में बंद दुकान के अंदर 32 साल की युवती गंगोत्री यादव (32) की सड़ी लाश मिली। बदबू आने पर आस-पास के दुकानदारों ने पुलिस को सूचना दी। कैंट पुलिस ने दुकान का शटर उठाकर अंदर प्रवेश किया तो केबिन में सड़ी हुई युवती की लाश पड़ी थी। मौके पर पहुंचे युवती के भाई रमेश ने कहा- 3 भाइयों में सबसे छोटी थी। हम उसकी शादी की तैयारी कर रहे थे। युवती गोलघर इलाके के जिला पंचायत भवन के पास YES XYZ नाम से दुकान चलाती थी। अनिल नाम के लड़का भी उसके साथ 8 साल से काम कर रहा था। 3 तस्वीरें देखिए… दुकान के संचालक ने बताया- दुकान मेरे माता जी के नाम से थे। एक से डेढ़ साल पहले महाराजगंज की युवती ने किराए पर लिया था। आज दुकान से बदबू आने की सूचना मिली तो मैं यहां पहुंचा। पता चला दुकान चलाने वाली युवती का शव था। दुकान पहुंचा तो बदबू आ रही थी भाई रमेश यादव ने बताया- रविवार को मैं दुकान पर आया था और गंगोत्री से मिला था। तब तक सब कुछ ठीक था। सोमवार को कई बार कॉल करने पर भी बहन का फोन नहीं उठा। तब घर पर सभी लोग परेशान हो गए। मैं घर गया लेकिन वह नहीं मिली। मैंने भाइयों को कॉल करके पूरी बात बताई। छोटे भाई उमाकांत और श्रीकांत भी महराजगंज से गोरखपुर पहुंचे। इसी बीच छोटा भाई श्रीकांत बुधवार को दुकान पर पहुंचा। लेकिन दुकान बंद थी। लेकिन वहां काफी बदबू आ रही थी। दुकान में ताला नहीं लगा था। तेज बदबू की वजह से आसपास के दुकानदार भी सड़क पर आ गए। उन्होंने तत्काल कैंट पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आकर बंद दुकान का शटर उठाया तो अंदर केबिन में गंगोत्री की लाश पड़ी थी। लाश पूरी तरह सड़ गई थी। उससे पानी निकल रहा था। पुलिस ने अनिल से संपर्क करने की कोशिश की। उसके फोन पर कॉल करने पर घंटी जा रही थी। लेकिन उसने कॉल रिसीव करके मोबाइल बंद कर दिया। इसके बाद पुलिस अनिल के घर जाकर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। 3 भाइयों में सबसे छोटी थी गंगोत्री गंगोत्री यादव तीन भाइयों में सबसे छोटी थीं। बड़े भाई रमेश यादव ने बताया कि गंगोत्री पढ़ने में बहुत तेज थी। वह 10 साल से गोरखपुर के गोरखनाथ थाना क्षेत्र में कौड़िहवा में एक घर में किराए के कमरा लेकर रहती थी। उसने एमए इंग्लिश में किया था। कुछ दिन एक स्कूल में भी पढ़ा चुकी है। इसके बाद उसका संपर्क करीब 10 साल पहले कोतवाली क्षेत्र के शादीशुदा अनिल गुप्ता से हुआ था। अनिल के साथ मिलकर बहन ने प्रिटिंग प्रेस की दुकान गोलघर के जिला पंचायत भवन के पास खोली थी। मोहद्दीपुर इलाके के रहने वाले दुकान मालिक से किराए पर शॉप ली थी। आठ साल से दोनों वहां प्रिटिंग प्रेस चला रहे थे। कभी कोई बात सामने नहीं आई। भाई बोला- शादी के लिए लड़का तलाश रहे थे भाई रमेश ने बताया- गंगोत्री की उम्र करीब 32 साल हो रही थी। सभी बडे़ भाइयों की शादी हो चुकी है। इसलिए हम लोग उसके लिए लड़के की तलाश कर रहे थे।
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