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    गोरखपुर में आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा:आज और कल चरम पर ईटा एक्वारिड्स उल्का वर्षा, रात 2 बजे के बाद सबसे शानदार दृश्य

    1 hour ago

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    गोरखपुर में आज और कल रात आसमान में एक बेहद खास खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा। ईटा एक्वारिड्स उल्का वर्षा अपने चरम पर रहेगी, जिसमें आसमान में तेजी से चमकती हुई कई “टूटते तारे” दिखाई देंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह घटना हर साल होती है और दुनिया भर के खगोल प्रेमी इसका इंतजार करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह उल्का वर्षा हैली धूमकेतु से जुड़े धूल और छोटे पत्थरों के कणों के कारण होती है। जब पृथ्वी इन कणों के क्षेत्र से गुजरती है, तो ये कण वायुमंडल में प्रवेश करते ही जलने लगते हैं, जिससे आसमान में चमकती हुई लकीरें दिखाई देती हैं। 66 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से चमकती उल्काएं खगोलविदों का कहना है कि ईटा एक्वारिड्स उल्काएं बेहद तेज गति से चलती हैं। इनकी रफ्तार करीब 66 किलोमीटर प्रति सेकंड तक होती है, जिसके कारण ये लंबी और चमकीली लकीर बनाती हैं। एक घंटे में दिख सकती हैं 10 से 30 उल्काएं अमर पाल सिंह के अनुसार, साफ मौसम और कम रोशनी वाले क्षेत्र में एक घंटे में 10 से 30 उल्काएं आसानी से देखी जा सकती हैं। कुछ स्थानों पर यह संख्या इससे भी अधिक हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस उल्का वर्षा को देखने का सबसे अच्छा समय रात 2 बजे से सुबह 4:30 बजे तक रहेगा, जब रेडिएंट पॉइंट आसमान में ऊपर होता है और उल्काएं अधिक स्पष्ट दिखाई देती हैं। आंखों से ही देखा जा सकता है नजारा इस खगोलीय घटना को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है। इसे नंगी आंखों से आसानी से देखा जा सकता है। हालांकि कैमरा या टेलीस्कोप से इसकी तस्वीरें और भी शानदार ली जा सकती हैं। खगोलविदों ने सलाह दी है कि लोग शहर की रोशनी से दूर किसी खुले और अंधेरे स्थान पर जाकर यह नजारा देखें। आंखों को अंधेरे में ढलने के लिए 15-20 मिनट का समय दें, ताकि उल्काएं अधिक स्पष्ट दिखाई दें। मौसम साफ रहने पर 6 और 7 मई की रात यह खगोलीय घटना गोरखपुर सहित पूरे क्षेत्र के लिए एक यादगार और दुर्लभ दृश्य साबित हो सकती है।
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