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    गोंडा में वकीलों का तालाबंदी विरोध प्रदर्शन:SDM ट्रांसफर की मांग तेज, अराजक तत्वों के आरोप पर बवाल

    2 hours ago

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    गोंडा जिले की करनैलगंज तहसील में अधिवक्ताओं ने एसडीएम नेहा मिश्रा के तबादले की मांग को लेकर उनके कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर एसडीएम नेहा मिश्रा मौके पर पहुंचीं और भारी संख्या में पुलिस बल बुलाकर ताला खुलवाया। अधिवक्ता पिछले एक महीने 10 दिन से एसडीएम नेहा मिश्रा के तबादले की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि एसडीएम नेहा मिश्रा को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए, और उन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं। तालाबंदी को लेकर नाराजगी तालाबंदी के दौरान जब एसडीएम नेहा मिश्रा अपने कार्यालय पहुंचीं, तो उन्होंने मुख्य गेट पर ताला लगा देखा। इसके बाद उन्होंने पुलिस बल बुलाया, जिसने ताला तोड़कर कार्यालय का रास्ता साफ किया। एसडीएम अपने चैंबर की ओर गईं। एक तरफ एसडीएम नेहा मिश्रा ने माइक पर तालाबंदी को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कि जो ऐसे अराजक तत्व हैं जो तहसील में आए दिन भड़काऊ भाषण देंगे अधिकारियों का शासन का प्रशासन का और तहसील का नाम खराब कर रहे है यह उनके लिए भी सख्त हिदायत है। कि आपको जब वार्ता करने के लिए बात करने के लिए जिला मुख्यालय पर बुलाया गया था जिसके लिए यहां पर आज यह लोग धरने के लिए बैठे हुए हैं। तहसील में ताला बंद करवाया इनके द्वारा वहां पर आया ही नहीं गया तो उनके द्वारा किस अधिकार से आज तहसील में ताला बंद करवाया गया है। तहसील सरकारी संपत्ति है यह सरकार की संपत्ति है इसमें कोई ताला नहीं लग सकता है।यदि तरीके से अगर कोई करता है तो अपराधी है। मुझे यह बोलने में कोई गुरेज नहीं कि यहां पर जो अधिवक्ता के रूप में अधिवक्ता के कपड़ों में यहां पर सब दुष्ट प्रवृत्ति के लोग हैं जो तहसील का नाम खराब कर रहे हैं।अतिक्रमणकर्ता है ये लोग सरकारी जमीनों पर इन लोगों ने कब्जा करके रखा है। तो दबाव की राजनीति यहां पर नहीं चलेगी जनता को भी परेशान करने की आवश्यकता नहीं है। हम लोग यहां पर बैठेंगे उप जिलाधिकारी के रूप में मैं स्वयं यहां पर उपस्थित हूं हमारे डीएम महोदय हैं शासन में हमारे मुख्यमंत्री जी भी हैं। तो इसीलिए साफ-साफ शब्दों में बता दिया गया है शासन का यहां पर राज है गुंडाराज यहां पर नहीं है। शांति से आप बात करेंगे तो शांति से आपकी बात सुनी जाएगी यदि आप इकट्ठा होकर के अनियंत्रित होकर तहसील का सरकार का काम बाधित करेंगे अगर आप लोग इसी तरीके से तहसीलदार,नायब तहसीलदार, एसडीएम को परेशान करेंगे हमसे मिलने नहीं देंगे तहसील का और सरकार का काम बाधित करेंगे। लोगों का सहयोग किया तो समस्या उत्पन्न होगी। हमने हर तरीके से हमारे लोगों ने हर तरीके से आप लोगों का सहयोग किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि कानून आप अपने हाथ में ले लेंगे। जब वार्ता के लिए डीएम द्वारा मुख्यालय पर बुलाया गया था। तब आप लोगों को जाकर के वहां पर अपनी बात रखनी चाहिए थी। यहां पर आकर के तमाशा करके वादकारियों को गलत मैसेज देकर के उनको परेशान करके उनको धकेल करके इसमें किसी का कोई हित साबित नहीं हो रहा है। अगर आप चाहते हैं कि प्रशासन झुक जाएगा तो यह गलत बात है आप अपनी बात संयम तरीके से सही शब्दों के साथ रखिए।
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