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    गोंडा में TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन:डीएम कार्यालय तक मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर सौंपा ज्ञापन

    2 hours ago

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    गोंडा में आज सोमवार को अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर शिक्षकों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया है। हजारों शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक मोटरसाइकिल जुलूस निकाला और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए हजारों शिक्षक पहले गोंडा बीएसए कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए उन्होंने मोटरसाइकिल पर सवार होकर और महिला अध्यापिकाओं ने हाथों में बैनर लेकर पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला है। उनकी मुख्य मांग टीईटी अनिवार्यता कानून को समाप्त करने के लिए अध्यादेश लाना था। इस विरोध प्रदर्शन में परिषदीय विद्यालय के अध्यापकों ने भी सहयोग किया। अटेवा के जिलाध्यक्ष अमर ने कहा कि शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन अध्यापकों की सेवा अवधि 3-4 साल बची है, वे बच्चों को पढ़ाएं या परीक्षा की तैयारी करें। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगें अनसुनी की जा रही हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अवधेशमणि मिश्रा ने कहा कि शिक्षकों को हर तरह से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष किरण सिंह ने भी कहा कि इस कानून से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, क्योंकि अध्यापक परीक्षा की तैयारी में लगे रहेंगे। उन्होंने सरकार से इस कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की। शिक्षक संघर्ष समिति के सहसंयोजक गौरव पांडे ने कहा कि बहुत ही गलत हो रहा है। हम सरकार से मांग करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्देश दिया है उसके खिलाफ इस कानून को रद्द किए जाने को लेकर एक अध्यादेश लाया जाए ताकि शिक्षक समाज मानसिक प्रताड़ना से बच सकें। शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक सतीश पांडेय ने कहा समय-समय पर केवल शिक्षकों के लिए ही सारे कानून लाए जाते हैं और किसी के लिए कोई कानून नहीं है। शिक्षक समाज हमारा इस कानून से काफी परेशान है हमारी मांग है कि इसको जल्द से जल्द खत्म करने का काम किया जाए।
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