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    फजलगंज इंडस्ट्रियल एरिया में 5 दिन से बिजली संकट:60 फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप, 50 करोड़ का नुकसान

    2 hours ago

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    कानपुर शहर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र फजलगंज में शनिवार को आंधी-बारिश के बाद भी बिजली व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाई है। तूफान में टूटे बिजली के खंभों और तारों के कारण क्षेत्र की करीब 400 में से 60 छोटी-बड़ी इकाइयों में कामकाज ठप पड़ा है। उद्यमियों का दावा है, कि इस बिजली संकट के कारण अब तक करीब 50 करोड़ रुपये का टर्नओवर प्रभावित हो चुका है। कई फैक्ट्री मालिकों ने काम न होने के कारण लेबर की छुट्टी कर दी है, वहीं कुछ इकाइयां भारी खर्च उठाकर जनरेटर के भरोसे काम चलाने को मजबूर हैं। 50 से ज्यादा फैक्ट्रियों में अब भी अंधेरा फजलगंज इंडस्ट्रियल एरिया में प्लास्टिक, केमिकल, पेंट, लेदर और ऑटोमोबाइल से जुड़ी फैक्ट्रियां संचालित होती हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फीटा) के प्रदेश महासचिव उमंग अग्रवाल ने बताया कि, क्षेत्र की करीब 50 से 60 इंडस्ट्रीज ऐसी हैं जहां गुरुवार बीतने के बाद भी बिजली नहीं पहुंच सकी है। जिन फैक्ट्रियों में लाइट आई भी है, वहां ट्रिपिंग की समस्या इतनी ज्यादा है कि मशीनें नहीं चल पा रही हैं। लेबर की छंटनी और व्यापारिक साख पर संकट बिजली न आने से परेशान उद्यमियों ने अपने यहां काम करने वाले मजदूरों को वापस लौटाना शुरू कर दिया है। लेदर गुड्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी उद्यमी प्रेरणा वर्मा ने बताया कि, आंधी के बाद से प्रोडक्शन बंद है। जनरेटर चलाने से लागत इतनी बढ़ जाती है कि काम करना संभव नहीं है। तैयार माल समय पर डिस्पैच न होने के कारण विदेशी बायर्स के सामने भी उद्यमियों की साख खराब हो रही है। यही हाल प्लास्टिक और लोहे के चद्दर का काम करने वाली इकाइयों का है, जहां ताले लटके हुए हैं। जनरेटर के खर्च से बढ़ रहा आर्थिक बोझ फैक्ट्री संचालक गौरव और सूरज ने बताया कि,शुरुआत में लगा कि बिजली जल्द ठीक हो जाएगी, लेकिन 5 दिन बीतने के बाद भी जब सुधार नहीं हुआ तो मजबूरी में जनरेटर मंगाने पड़े। डीजल की खपत और जनरेटर के किराए ने उद्यमियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। रोजाना हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है। लेबर को खाली बैठाकर सैलरी देना मालिकों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। केस्को का दावा, काम जारी है, ट्रिपिंग की वजह पेड़ों की कटाई बिजली संकट पर केस्को के मीडिया प्रभारी देवेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि शनिवार को आए तूफान में 200 से ज्यादा बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हुई थीं। विभाग ने युद्ध स्तर पर काम करते हुए सभी 33 KV और 11 KV उपकेंद्रों को चालू कर दिया है। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर नगर निगम द्वारा पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिसके अनुरोध पर थोड़ी देर के लिए बिजली बंद की जाती है। ठप पड़ा है इन सेक्टरों का कारोबार
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