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    चित्रकूट के स्कूलों में मीडिया प्रवेश पर रोक:जिला सूचना अधिकारी से जारी पहचान पत्र पर सवाल, BSA का VIDEO आया सामने

    2 hours ago

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    चित्रकूट जिले के विद्यालयों में मीडिया कवरेज को लेकर एक नया आदेश जारी किया गया है। नए निर्देशों के अनुसार, अब जिला सूचना अधिकारी द्वारा जारी पहचान पत्र के बिना किसी भी मीडिया कर्मी को स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। इस आदेश से पत्रकारों में असमंजस की स्थिति है और इसकी वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पत्र में विद्यालयों में मीडिया कर्मियों के प्रवेश के लिए जिला सूचना अधिकारी द्वारा जारी पहचान पत्र को अनिवार्य बताया गया है। इस आदेश के सामने आने के बाद जिले के पत्रकारों में नाराजगी है। सवाल यह है कि क्या इस प्रकार का कोई स्पष्ट शासनादेश वास्तव में मौजूद है, या यह केवल एकतरफा प्रशासनिक निर्णय है। कई पत्रकारों ने मांग की है कि यदि ऐसा कोई शासनादेश है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इस संबंध में जिला सूचना कार्यालय की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है, जिससे भ्रम और बढ़ गया है। मीडिया कर्मियों का कहना है कि खबरें मौके पर बनती हैं, न कि सरकारी दफ्तरों की फाइलों में। उनका तर्क है कि यदि हर छोटी-बड़ी कवरेज के लिए पहले अनुमति लेने की बाध्यता होगी, तो इससे पत्रकारिता की मूल भावना प्रभावित होगी। इसे सूचना के प्रवाह पर नियंत्रण की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पत्रकारों का तर्क है कि उनकी पहचान उनके कार्य और संबंधित संस्थान से होती है। किसी भी विद्यालय में प्रवेश के दौरान प्रधानाध्यापक को परिचय देना एक सामान्य प्रक्रिया है। उनका सुझाव है कि यदि किसी स्तर पर संदेह हो, तो जिला प्रशासन, सूचना कार्यालय, डीएम या एसपी कार्यालय से सत्यापन कराया जा सकता है, लेकिन पहले से ही प्रवेश पर रोक लगाना उचित नहीं है। शिक्षा संस्थानों को पारदर्शिता का केंद्र माना जाता है। ऐसे में वहां इस तरह की पाबंदियां लगाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत माना जा रहा है। पत्रकारों का सवाल है कि यदि व्यवस्थाएं सही और पारदर्शी हैं, तो फिर इस तरह की बंदिशों की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
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