Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    'बेटी को कभी डॉक्टर के पास ले जाते नहीं देखा':मेरठ में पड़ोसियों ने बताया- बेटी की लाश के साथ रहने वाले का सच

    2 hours ago

    1

    0

    मेरठ में पिता 4 महीने तक बेटी की लाश के साथ घर में रहा। बदबू न आए, इसलिए परफ्यूम छिड़ककर रखता। आखिर में बेटी प्रियंका का सड़ा-गला कंकाल मिला। पड़ोसियों और रिश्तेदारों को शक है कि प्रियंका का पिता उदयभानु उसके इलाज के लिए बाबाओं के चक्कर लगाता था। पड़ोसियों ने कभी उसे डॉक्टर के यहां जाते नहीं देखा। झाड़-फूंक के चलते उसकी तबीयत और बिगड़ी, जिससे मौत हो गई। मौत को छिपाने के लिए उदयभानु घर में ही बेटी की लाश छिपाए बैठा रहा। दैनिक भास्कर की टीम तेली मोहल्ले के उस घर में पहुंची और पूरी घटना को समझने का प्रयास किया। सिलसिलेवार पूरी घटना जानिए… सबसे पहले परिवार और घटना के बारे में जानिए 4 महीने बेटी की मौत छिपाए रखी, पत्नी ने भी किया था सुसाइड सदर तेली मोहल्ले में शिक्षाविभाग से रिटायर उदयभानु बिस्वास अपने घर में 35 साल की बेटी प्रियंका के साथ रहता था। इसी घर में उदयभानु बिस्वास की पत्नी ने फांसी लगाकर सुसाइड की थी। उदयभानु के मकान के आसपास उसके रिश्तेदारों के भी मकान हैं। पत्नी की मौत के बाद पिता-बेटी इस मकान में अकेले रह गए। 4 महीने से किसी पड़ोसी ने भी बेटी प्रियंका को नहीं देखा। उदयभानु भी अक्सर ताला लगाकर घर से बाहर चला जाता। बीच में एकाध बार आया तो पड़ोसियों को बताया कि बेटी की तबीयत खराब है। वो अस्पताल में भर्ती है। इससे ज्यादा कुछ नहीं बोला। लेकिन, शुक्रवार रात (10 अप्रैल) पड़ोस में रहने वाले उसके रिश्तेदारों को शक हुआ। उन्होंने उदयभानु को थापरनगर में एक चाय की दुकान पर बैठा देखकर उसे पकड़ लिया। दबाव देकर पूछा कि बेटी कहां है? बाद में पुलिस के आने पर मकान का गेट खोलकर अंदर देखा तो अंदर बेड पर बेटी का कंकाल पड़ा था। पास ही परफ्यूम की तमाम खाली बोतलें मिलीं, घर के अंदर कचरे का ढेर भी लगा था। पुलिस पूछताछ में उदयभानु ने बताया कि बेटी की काला पीलिया से मौत हो चुकी है। ये उसी की लाश है। वो बेटी को इतना प्यार करता है कि उसे छोड़ नहीं सकता। अब ग्राउंड पर लोगों ने जो बताया वो पढ़िए... ई-रिक्शा से रोजाना कहीं जाते थे पिता-बेटी पड़ोसी कुलभूषण जैन ने बताया- मेरी सामने ही बेडिंग की दुकान है। रोजाना दुकान खोलते समय देखता था कि पिता-बेटी ई-रिक्शा से कहीं जाते थे। शाम को लौटते थे। ये उनका रुटीन था। चूंकि वो किसी से ज्यादा बोलचाल नहीं रखते थे, तो हमने भी कभी नहीं पूछा। बाकी डॉक्टर के यहां जाते तो हमने कभी नहीं देखा। बेटी पहले घर से निकलती वो सड़क से ई-रिक्शा पकड़ती। पीछे से पिता उदयभानु आता फिर दोनों कहीं चले जाते। शाम को सीधे लौटते थे। इसी घर में उदयभानु की पत्नी ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। बेटी को फोन से दूर रखता, खर्चा नहीं देता उदयभानु के घर के बाहर ही कुछ अन्य दुकानें हैं। बाजार के लोगों ने बताया कि बेटी प्रियंका कुछ मानसिक विक्षिप्त लगती थी। क्योंकि वो अक्सर घर से बाहर यहां सड़क पर आ जाती। सड़क पर आकर कभी किसी से तो कभी किसी से इशारों में कुछ खाने की चीजें मंगवाती थी। वो कहती मुझे चीज या कुरकुरे, चिप्स के पैकेट लाकर दे दो। उसने कभी पैसे नहीं दिए। बस पैकेट लेकर घर में अंदर चली जाती। हमें भी लगता था वो मानसिक कमजोर है तो 5-10 रुपए के लिए कभी उससे या उसके पिता से पैसे नहीं मांगे। हमें तो यही लगता था कि उदयभानु इतना अजीब नेचर का है कि वो बेटी को न तो खर्चे के पैसे देता था, न उसे फोन दिया था। जबकि खुद सरकारी नौकरी से रिटायर होकर पेंशन ले रहा था। लोगों ने ये भी बताया कि उदयभान ने इस मकान के अलावा आगे एक फ्लैट भी खरीदा हुआ है। जिसकी जानकारी रिश्तेदारों को भी नहीं है। रिश्तेदार बोले- 1 साल पहले प्रियंका से बात हुई घटना के बारे में जानकर प्रियंका की कजिन सिस्टर अल्पना भी मौके पर पहुंचीं। अल्पना ने बताया कि यहां आने पर अक्सर प्रियंका, उदयभानु मिल जाते थे। लगभग एक साल पहले मैंने प्रियंका को लास्ट टाइम देखा था। वो बहुत स्वीट नेचर की थी। काफी पढ़ी लिखी थी। उसने एमसीए, एमए किया था। वो पढ़ती बहुत थी। कहीं जॉब नहीं करती थी, घर में ही रहती थी। उसकी शादी चाचाजी क्यों नहीं कर रहे थे, हमें ये भी नहीं पता। हमने एक-दो बार उनसे कहा बेटी की शादी करो तो उन्होंने बात टाल दी। हमने भी ज्यादा नहीं कहा। अभी किसी शादी में भी मिली थी, तब बात हुई थी। सुसाइड तो हमें नहीं लगता, लेकिन उसे जॉन्डिस (पीलिया) हुआ था। उसका इलाज कहां चल रहा था हमें नहीं पता। दुर्गापूजा के समय मंदिर में चाचाजी मिलते थे, वहीं बात होती थी। मुझे तो मेंटली डिस्टर्ब का ही मामला लगता है। पड़ोसियों, रिश्तेदारों से भी कम थी बोलचाल रिश्तेदार रूपा बिस्वास कहती हैं, उदयभानु मेरे चाचा ससुर हैं। हम इनके घर के सामने से ही आते-जाते हैं, लेकिन हमें कभी नहीं लगा कि घर के अंदर लाश सड़ रही है। चाचाजी कहते रहते कि प्रियंका को जॉन्डिस हुआ है। उसे देहरादून के अस्पताल में भर्ती किया है। घर के अंदर क्या है, हमें पता नहीं चला। चाचाजी किसी को घर में घुसने नहीं देते थे। चाचीजी की सुसाइड के बाद इन्होंने सभी से बोलचाल कम कर दी थी। प्रियंका या उसके पिता उदयभानु किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। प्रियंका की मां जब तक जिंदा थीं, तब तक वो पड़ोसियों, रिश्तेदारों से मिलती थीं। उनके यहां बर्थडे, शादी या त्योहारों पर आना-जाना रहता था। लेकिन प्रियंका, उदयभानु किसी से ज्यादा बोलचाल नहीं करते थे। दोनों अपने में ही रहते थे। रिश्तेदारों से मिक्सअप होना कम कर दिया था। मां ने भी डिप्रेशन में आकर किया था सुसाइड रिश्तेदारों ने बताया कि उदयभानु की पत्नी शर्मिष्ठा भी डिप्रेशन में थीं। उन्होंने कभी रिश्तेदारों को खुलकर अपनी परेशानी नहीं बताई। लेकिन बातों-बातों में कहती थीं कि उदयभानु तंत्रमंत्र के चक्कर में रहता है। डॉक्टरों के पास इलाज कराने नहीं जाता। बेटी की शादी भी नहीं करने दे रहा। शायद इसी डिप्रेशन में आकर पत्नी ने भी घर के अंदर ही सुसाइड कर लिया था। पत्नी की सुसाइड के बाद बदला व्यवहार रिश्तेदारों ने बताया कि प्रियंका उसके पिता उदयभानु दोनों का बिहेवियर पत्नी की मौत के बाद एकदम ही बदल गया। पिता, बेटी दोनों घर के अंदर ही अकेले बंद रहते। बाहर भी जाते तो ज्यादा किसी से बात नहीं करते थे। हम लोगों से भी उन्होंने बातचीत कम कर दी थी। चाची की डेथ के बाद से रिश्तेदार कभी उनके घर में अंदर नहीं गए। पिता, पुत्री दोनों अपनी तरफ से किसी से बात ही नहीं करते थे। दोनों रोजाना घर से बाहर निकलते थे। कहीं जाते थे, हमें नहीं पता वो कहां जाते थे। फिर शाम को वापस आते थे। आउट ऑफ सिंपेथी में पिता ने ये काम किया आकांक्षा मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स हैं। आकांक्षा ने बताया कि मैं शुक्रवार को सदर में खरीदारी करने आई थी। यहां काफी भीड़ लगी थी। पता चला कि एक पिता ने बेटी को मारकर घर में अंदर बंद कर दिया है। लाश घर के अंदर सड़ रही है। पुलिस ने हमें अंदर तो नहीं जाने दिया। लेकिन ये घटना सुनकर बहुत खौफ होता है और बुरा भी लगा है। प्रियंका की उम्र भी कम थी। पिता नहीं चाहते होंगे कि बेटी उनसे अलग हो। इसलिए आउट ऑफ सिंपेथी में ही उन्होंने शायद बेटी की लाश को रखा होगा। उनकी दिमागी हालत भी खराब होगी। परफ्यूम से रोकता रहा लाश की बदबू अगर उदयभानु के घर की भौगोलिक स्थिति देखें तो मुख्य सड़क से लगी एक गेटबंद गली है। गली में अंदर दाएं ओर सबसे पहले उदयभानु का घर है। इसके बाद गली में अंदर उदयभानु के अन्य भाइयों और रिश्तेदारों के घर हैं। आने-जाने का मुख्य रास्ता यही है। उदयभानु के घर के सामने से होकर ही आनाजाना पड़ता है। लेकिन पिछले 4 महीने में किसी को घर से बदबू नहीं आई। न लाश होने का शक हुआ। बगल में कर्मचारी वॉशरूम यूज करने आते हैं। उन्हें भी लाश का शक नहीं हुआ। बगल के घर में बच्चे ट्यूशन पढ़ने आते हैं। उन्हें भी कभी बदबू नहीं आई, जिससे पता चलता कि घर में लाश सड़ रही है। उदयभानु परफ्यूम डालकर सारी बदबू दबाए रहता था। लाश वाले घर को देखने आ रहे लोग शहर में जैसे-जैसे लोगों को घर में कंकाल मिलने की बात पता चली, वैसे लोगों की इस केस को जानने की जिज्ञासा बढ़ गई। पुलिस ने उदयभानु के घर को रात में ही सील कर दिया था। उदयभानु पुलिस कस्टडी में हैं। इसके बावजूद यूट्यूबर्स से लेकर आम लोग इस घर को देखने पहुंच रहे हैं। वो उस घर और कंकाल को देखना चाहते हैं, जहां ये घटना हुई है। अब पुलिस की बात पढ़िए सीओ कैंट नवीना शुक्ला का कहना है- काफी दिन से बंद पड़े घर में एक युवती का कंकाल मिला है। पूछताछ में उसके पिता ने बताया है कि बेटी की मौत बीमारी के कारण हुई है। उसने घबराहट में ये सच सबसे छिपाए रखा। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… वृंदावन नाव हादसा-11 मौतों के ये 4 जिम्मेदार:नाव मालिक और ठेकेदार को जेल भेजा, अफसरों ने खुद को बचा लिया वृंदावन में पांटून पुल से टकराकर नाव पलट गई। अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, 5 अब भी लापता हैं। 15 मिनट पहले का जो वीडियो मिला, उसमें सभी हंसते-मुस्कुराते दिख रहे हैं लेकिन, कुछ ही मिनटों में सब खत्म हो गया। जिस घाट पर हादसा हुआ, वहां दुनियाभर से कृष्ण भक्त आते हैं। पढ़ें पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    वृंदावन नाव हादसा, आखिरी 7 मिनट की कहानी:लुधियाना का श्रद्धालु बोला- मेरे सामने पत्नी-बेटा डूबा, मैं कुछ नहीं कर पाया; परिवार के 9 लोग मरे
    Next Article
    मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:ईरान-अमेरिका सीजफायर पर पाकिस्तान में बैठक; मोदी ने ममता से 15 सालों का हिसाब मांगा; योगी बोले- बिना मियां के कैसा मियागंज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment