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    बस चालक की मौत पर फूटा रोडवेज कर्मियों का गुस्सा:500 बसों के पहिए थमे, 1000 कर्मचारी हड़ताल पर, मुआवजे और नौकरी की मांग

    20 hours ago

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    बरेली में रोडवेज के एक चालक की सड़क हादसे में मौत के बाद पूरे परिवहन विभाग में आक्रोश फैल गया। गुस्साए कर्मचारियों ने सोमवार को बरेली के सेटेलाइट बस अड्डे पर चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते रुहेलखंड डिपो और बरेली डिपो की करीब 500 बसों के पहिए थम गए। हजारों यात्री परेशान होते रहे, जबकि करीब 1000 कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए। बस अड्डे पर नारेबाजी शुरू हो गई और अधिकारियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। चालक की मौत ने भड़काया कर्मचारियों का गुस्सा जानकारी के मुताबिक रुहेलखंड डिपो के चालक प्रमोद यादव (30) हाफिजगंज क्षेत्र के रम्पुरा गांव के रहने वाले थे। वह लखनऊ से बरेली की ओर बस लेकर लौट रहे थे। देर रात शाहजहांपुर जिले के तिलहर क्षेत्र में उनकी बस की एक ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि प्रमोद यादव की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर जैसे ही बरेली पहुंची, रोडवेज कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। फोन नहीं उठाने का आरोप, कर्मचारियों में नाराजगी आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद संबंधित अधिकारियों को कई बार फोन किए गए, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते मदद मिल जाती तो स्थिति कुछ और हो सकती थी। आरोप है कि बाद में निजी एंबुलेंस की मदद से घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सेटेलाइट बस अड्डे पर लगा बसों का जाम चालक की मौत के विरोध में सुबह से ही कर्मचारी सेटेलाइट बस अड्डे पर जुटने लगे। देखते ही देखते बसों का संचालन बंद करा दिया गया। रुहेलखंड और बरेली डिपो की लगभग 500 बसें खड़ी हो गईं। बस अड्डे और आसपास के इलाकों में बसों की लंबी कतारें लग गईं। कई जगह करीब एक किलोमीटर तक बसें खड़ी दिखाई दीं। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जो लोग लखनऊ, दिल्ली, मुरादाबाद, बदायूं, पीलीभीत और अन्य जिलों के लिए बस पकड़ने पहुंचे थे, उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा रहा है। 1000 से ज्यादा कर्मचारी आंदोलन में शामिल रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि यह केवल एक चालक की मौत का मामला नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान का भी सवाल है। इसी वजह से करीब 1000 कर्मचारी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। बस अड्डे पर लगातार नारेबाजी की जा रही है। कर्मचारी प्रशासन और परिवहन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। 50 लाख मुआवजा और पत्नी को नौकरी की मांग आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने मृतक चालक के परिवार के लिए बड़ी मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि प्रमोद यादव के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। इसके अलावा उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देकर परिवार का भविष्य सुरक्षित किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि परिवार का सहारा छिन गया है, इसलिए विभाग को मानवीय आधार पर मदद करनी चाहिए। अधिकारियों के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौती बसों का संचालन ठप होने के बाद परिवहन विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। लगातार कर्मचारी नेताओं से बातचीत की जा रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि किसी तरह आंदोलन समाप्त हो और बसों का संचालन दोबारा शुरू कराया जा सके। यात्रियों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी हड़ताल का सबसे ज्यादा असर आम यात्रियों पर दिखाई दिया। कई यात्री बस अड्डे पर घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे। कुछ लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा, जबकि कई यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी। गर्मी और उमस के बीच बस अड्डे पर फंसे यात्रियों की परेशानी साफ नजर आई। रोडवेज प्रबंधन ने हादसे की पुष्टि की रुहेलखंड डिपो के एआरएम अरुण बाजपेई ने बताया कि रुहेलखंड डिपो की बस के चालक प्रमोद यादव का देर रात सड़क हादसे में निधन हो गया है। विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही कर्मचारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
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