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    बरेली में अप्रैल में ही जून जैसी तपिश:पारा 43°C के करीब, 27 अप्रैल से बदल सकता है मौसम का मिजाज

    3 hours ago

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    बरेली में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही जून जैसी भीषण गर्मी का अनुभव हो रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 4 डिग्री अधिक था। रविवार को भी पारा 43 डिग्री सेल्सियस के करीब बना रहा। गर्म पछुआ हवाओं और महाराष्ट्र के पास बने प्रतिचक्रवात के प्रभाव से दिनभर लू जैसे हालात बने रहे। सुबह 10 बजे के बाद ही धूप इतनी तेज हो गई कि सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। दोपहर के समय लोग केवल बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। दिन के साथ-साथ रातें भी अब गर्म होने लगी हैं। शनिवार रात न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। उष्मीय विकिरण के कारण रात में भी उमस बनी रही, जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। हवा की रफ्तार 40 किमी प्रति घंटे और नमी का स्तर लगभग 40 प्रतिशत रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार के अनुसार, अगले दो दिन तक भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। 27 अप्रैल इस अवधि का सबसे गर्म दिन हो सकता है। हालांकि, इसके बाद मौसम में बदलाव के संकेत हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 27 अप्रैल की शाम से रुहेलखंड क्षेत्र में हल्के बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले साल 25 अप्रैल को अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस था, जबकि इस बार 15 अप्रैल से ही तापमान लगातार 3-4 डिग्री अधिक दर्ज हो रहा है। उष्ण लहर (हीट वेव) के चलते लोगों को वास्तविक तापमान से लगभग 2 डिग्री अधिक गर्मी का अहसास हो रहा है। तेज गर्मी का असर जनजीवन पर स्पष्ट दिख रहा है। बाजारों में भीड़ कम हो गई है और दोपहर के समय सड़कें सुनसान रहती हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।
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