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    बाबा विश्वनाथ के दराबार में पहुंचे धनंजय सिंह, माथा टेका:काशी के टकसाल कांड का फैसला आज, 24 साल पहले MLA अभय पर हमले का आरोप

    3 hours ago

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    जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह के सामाजिक जीवन का आज अहम दिन है। 24 साल पुरानी दुश्मनी और कानूनी पेंचदगी की जंग आज पूरी हो गई है। न्याय के लिए लोअर, सेशन, हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद टकसाल सिनेमा कांड केस में आज जजमेंट होगा। नदेसर में 24 साल पहले टकसाल सिनेमा के पास जानलेवा हमले में पूर्व सांसद को आज न्याय की उम्मीद है। वहीं इस केस में नामजद विधायक अभय सिंह, एमएलसी विनीत सिंह समेत कई लोगों के राजनीतिक जीवन का भी फैसला करेगा। पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत विधायक अभय सिंह और विनीत सिंह कोर्ट में रहेंगे। इससे पहले सोमवार को ही अदालत में लिखित बहस दाखिल कर दोनों पक्षों ने दलीलें पूरी कर ली थी। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) यजुवेंद्र विक्रम सिंह दोपहर बाद अपना फैसला सुनाएंगे। उधर, जजमेंट से एक दिन पहले मंगलवार रात पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपने मित्र एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू के साथ बनारस पहुंचे और काशी विश्वनाथ मंदिर में माथा टेका। बाबा विश्वनाथ का भव्य रुद्राभिषेक करते हुए कालभैरव मंदिर में दर्शन पूजन किया। केस में धनंजय सिंह के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि दोनों पक्षों ने कहा कि उम्मीद है कि उन्हें आरोपियों को कठोर सजा मिले, आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा की हमने मांग की है। वहीं अभय सिंह के वकील अनुज यादव ने बरी करने की गुहार लगाई है। वे कोर्ट में अपनी जिरह, बहस और दलील दे चुके हैं। कोर्ट में कड़ी सुरक्षा और 350 पुलिस कर्मियों का पहरा धनंजय सिंह के केस को लेकर वाराणसी कोर्ट 350 पुलिसकर्मियों का दायरा रहेगा, कोर्ट सुरक्षा के अलावा 200 अतिरिक्त पुलिस फोर्स ड्यूटी में लगाई गई है। इसके अलावा 8 अन्य थाने के साथ पुलिस लाइन की टीमें अलर्ट मोड पर रहेंगी। कोर्ट के सभी गेट पर सघन चेकिंग होगी और केस से संबंधित लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। कड़ी सुरक्षा और पुख्ता इंतजाम के बीच वादी और आरोपियों समेत सभी जरूरी लोगों को पेश किया जाएगा। आला अधिकारी हर मिनट मूवमेंट की निगरानी करेंगे। इसके लिए डीसीपी वरुणा, एडीसीपी वरुणा, एसीपी कैंट के अलावा 3 एसीपी, 5 इंस्पेक्टर थानेदार समेत हमराह, 25 दरोगा, 10 महिला दरोगा, 50 हेड कांस्टेबल, 15 महिला कांस्टेबल, 1 कंपनी पीएसी के साथ एक फायर टेंडर और एंबुलेंस को तैनात किया गया है। इंस्पेक्टर कैंट ने अहम फैसले को लेकर एक रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी है। सबसे पहले जानिए पूरा मामला……. पूर्व सांसद धनंजय सिंह 4 अक्टूबर, 2002 को अपने साथियों के साथ सफारी वाहन वाराणसी से जौनपुर लौट रहे थे। उस समय वे जौनपुर की रारी सीट से निर्दलीय विधायक बने थे। इसी दौरान कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में टकसाल सिनेमा हॉल के पास बोलेरो सवार अभय सिंह और उनके 4–5 साथियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर, चालक समेत कई लोग घायल हो गए। इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए। मामले में धनंजय सिंह ने अभय सिंह, विनीत सिंह (वर्तमान एमएलसी), संदीप सिंह, संजय रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू समेत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने संदीप सिंह, संजय रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पूर्व सांसद ने बताया- छात्र जीवन से रंजिश जजमेंट से पहले पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा कि 24 साल से हम न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं और आज हमें न्याय जरूर मिलेगा। इस घटनाक्रम में हमारे साथियों को और हमें गंभीर चोटें आई थीं और हमने नामजद मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें अब न्याय की उम्मीद नजर आ रही है। उन्होंने बताया कि अभय सिंह से छात्र राजनीति के दौरान से ही रंजिश है। वो कई बार मुझे मारने की कोशिश कर चुका है। मैंने अभय और उसके साथियों को पहचाना और कोर्ट में गवाही दी। 24 साल बाद आ रहे इस फैसले पर अभय सिंह की विधायकी बने रहने या जाने को लेकर सबकी नजरें टिकी हैं। मामला 24 साल से लंबित मामला, अदालत ने दिखाई सख्ती एमपी-एमएलए कोर्ट वाराणसी के जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह 24 साल पुराने और शहर के बेहद चर्चित नदेसर टकसाल सिनेमा शूटआउट केस की सुनवाई करेंगे। हाईकोर्ट ने धारा 482, संख्या 30523/2012 में 6 नवंबर 2012 को निर्देश दिया था। बताया कि जब तक सत्र परीक्षण संख्या 461/2003 का निस्तारण नहीं होता, तब तक इस मामले में निर्णय न दिया जाए। उस केस में 29 अगस्त 2025 को फैसला हो जाने के बाद इस प्रकरण में फिर से बहस की प्रक्रिया शुरू हो सकी है। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा है कि “यह न्यायालय का सबसे पुराने लंबित मामलों में शामिल है। अतः साक्षियों की जिरह अब किसी भी स्थिति में टाली नहीं जाएगी।” अदालत ने मूल चिकित्सीय अभिलेख तलब करने की मांग को खारिज कर दिया, लेकिन दोनों गवाहों की पुनः जिरह की अनुमति दे दी। वाराणसी एमपी एमएलए कोर्ट के सबसे पुराने केस में अब जजमेंट का इंतजार है। 2002 में दर्ज यह केस वर्ष 2003 से सत्र न्यायालय में परीक्षण को लंबित है। दोनों पक्षों का साक्ष्य वर्ष 2021 में पूरा हो चुका था, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के चलते अंतिम फैसला नहीं हो सका था। 29 अगस्त 2025 को गैंगस्टर में बरी हो चुके आरोपी अपर जिला जज सुशील खरवार की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट मामले में आरोपी संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।वर्ष 2002 में कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में केराकत विधायक धनंजय सिंह पर जानलेवा हम
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