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    अवैध है यह मार्केट, लेकिन हमारी कोई गलती नहीं:राजामंडी लाभचंद मार्केट के बोले व्यापारी, हमें व्यापार के लिए दिया जाए दूसरा स्थान

    1 hour ago

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    आगरा के एमजी रोड स्थित राजामंडी के लाभचंद्र मार्केट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने के बाद हुई जांच में यह सामने आया है कि पूरा मार्केट सड़क की जमीन पर अवैध रूप से बना हुआ है। जांच रिपोर्ट उजागर होने के बाद अब दुकानदारों की चिंता खुलकर सामने आने लगी है। व्यापारी खुद भी मान रहे हैं कि यदि निर्माण अवैध है तो हटना चाहिए, लेकिन इसके बदले उन्हें अन्यत्र व्यापार के लिए स्थान दिया जाए। लाभचंद्र मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक जसवानी का कहना है कि इस पूरे मामले में दुकानदारों की कोई गलती नहीं है। उन्हें पत्तेदार द्वारा धोखे में रखकर सड़क की जमीन पर बनी दुकानों में बैठाया गया और वर्षों तक किराया भी वसूला गया। अब जब जांच में पूरा मार्केट अवैध घोषित हो गया है, तो दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मार्केट हटाने से पहले सभी दुकानदारों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। व्यापारियों के अनुसार, इस मार्केट की लीज वर्ष 2010 में ही समाप्त हो चुकी थी, बावजूद इसके संचालन जारी रहा। यहां की कई दुकानें करीब 70 साल पुरानी हैं, जिन पर हजारों परिवारों की आजीविका निर्भर है। उनका कहना है कि यदि यह जमीन सड़क की है तो मार्केट का हटना भी जरूरी है, लेकिन उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। बताया गया है कि मार्केट के ऊपर बने धर्मलोक, धर्मलाभ और चंद्रलोक नाम के होटल भी जांच में अवैध पाए गए हैं, जिनसे जुड़ी व्यवस्थाओं का असर नीचे के दुकानदारों पर भी पड़ता रहा। उत्पीड़न का आरोप भी लगाया दुकानदारों ने पत्तेदार पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक उनसे लाखों रुपये का किराया वसूला गया और विरोध करने पर दुकान खाली कराने की धमकी दी जाती थी। कई बार ऊपर बने होटलों से पानी का रिसाव दुकानों तक पहुंच जाता था, जिससे नुकसान होता था। व्यापारियों का आरोप है कि जो भी दुकानदार अधिक किराए या अव्यवस्थाओं का विरोध करता था, उसे दबाव बनाकर दुकान खाली करने के लिए मजबूर किया जाता था।
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