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    आदिनाथ जन्म कल्याणक पर उमड़ा आस्था का सैलाब:1008 कलशों से हुआ भगवान का अभिषेक, संजय प्लेस में निकली शोभायात्रा, गुरु विहसंत सागर का मिला सानिध्य

    8 hours ago

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    आगरा में धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक महोत्सव में हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए। भव्य शोभायात्रा, रत्न वर्षा और 1008 कलशों से अभिषेक ने पूरे आयोजन को दिव्य और यादगार बना दिया। एमडी जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड, अयोध्या नगरी हरीपर्वत में आयोजित श्री आदिनाथ जिनविंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। न्यू आदर्श नगर स्थित श्री 1008 सर्वताभद्र जिनालय बलकेश्वर द्वारा आयोजित इस महोत्सव में तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक को धूमधाम से मनाया गया। मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज के सानिध्य में कार्यक्रम की शुरुआत जिनाभिषेक, शांतिधारा और पूजन से हुई, जिसे प्रतिष्ठाचार्य जय निशांत जैन शास्त्री और विधानाचार्य संदीप जैन शास्त्री के निर्देशन में संपन्न कराया गया। इस दौरान आचार्य विरागसागर जी महाराज और आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के चित्रों का अनावरण भी किया गया। जैसे ही माता मरूदेवी द्वारा तीर्थंकर बालक के जन्म का संदेश गूंजा, पूरा पंडाल “भगवान आदिनाथ की जय” के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें तीर्थंकर बालक को ऐरावत हाथी पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा में सजी-धजी झांकियां, इंद्र-इंद्राणियां, अष्टकुमारियां और बैंड-बाजों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की, वहीं कुबेर स्वरूप भक्तों द्वारा रत्न वर्षा ने आयोजन को और भव्य बना दिया। नगर भ्रमण के बाद 1008 स्वर्ण कलशों से तीर्थंकर बालक का जन्माभिषेक किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शाम के कार्यक्रमों में मंगल आरती, तांडव नृत्य, बाल लीलाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि तीर्थंकरों का जन्म मानव जीवन को संयम और मोक्ष मार्ग की ओर प्रेरित करता है। महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन समिति के अनुसार 25 अप्रैल को तप कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां जारी हैं। कार्यक्रम में विभिन्न गणमान्य अतिथि और जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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