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    आज का एक्सप्लेनर:चप्पल-लुंगी वाले हूती लड़ाके कौन, जिन्होंने सऊदी का F-15 जेट गिरा दिया; पाक-अमेरिका तक इनसे दूर क्यों भाग रहे

    18 hours ago

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    पैरों में हवाई चप्पल, कमर में लुंगी, मुंह में कात दबाए हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब का F-15 फाइटर जेट गिरा दिया है। वो भी अपनी देसी बैलिस्टिक मिसाइल से। यमन की सऊदी समर्थित सेना की बख्तरबंद गाड़ियां छीन लीं और निशाना चूकी DF-15 मिसाइल भी उठा ले गए। हूतियों के हमले से इस्लाम का सबसे पवित्र शहर मक्का तक हाई अलर्ट पर है। आखिर कौन हैं ये हूती लड़ाके और चाहते क्या हैं, सऊदी जैसा अमीर और ताकतवर देश इन विद्रोहियों के आगे बेबस क्यों नजर आ रहा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: चप्पल और लुंगी पहने ये हूती लड़ाके आखिर हैं कौन? जवाबः यमन की कुल 4 करोड़ की आबादी में करीब 35% जैदी शिया हैं। इन्हीं शियाओं का हथियारबंद समूह और राजनीतिक ऑर्गेनाइजेशन है हूती… सवाल-2: सऊदी पर हमला क्यों कर रहे हूती, कितना नुकसान किया? जवाबः हालिया लड़ाई की शुरुआत बीती 5 अगस्त से हुई… सऊदी अरब ने कहा कि 15-16 सितंबर की रात हूतियों ने पवित्र शहर मक्का को टारगेट करके ड्रोन अटैक किया था। इसे मक्का में घुसने से पहले ही मार गिराया गया। हालांकि हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने से इनकार किया। 16 सितंबर को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने कहा, 'अल्लाह की मदद से यमन की सशस्त्र सेना ने मारिब प्रांत में सऊदी अरब को अमेरिका से मिले F-15 फाइटर जेट को स्वदेशी तौर पर बनाई मिसाइल से मार गिराया है।' हूतियों ने इसका एक वीडियो भी जारी किया है… सऊदी अरब या अमेरिका ने जेट गिराने के दावे पर अब तक कोई बयान नहीं दिया है। सवाल-3: अमीर और ताकतवर सऊदी अरब बेबस क्यों नजर आ रहा है? जवाबः इसकी 3 बड़ी वजहें हैं- 1. सऊदी समर्थित फौजों में तालमेल नहीं, हूतियों की मजबूत तैयारी 2. सऊदी में इंटरसेप्टर मिसाइल और एयर डिफेंस की कमी 3. ईरान जंग में फंसा अमेरिका एक और जंग नहीं चाहता ट्रम्प के इनकार करने के बाद सऊदी ने इजराइल से खुफिया जानकारी और दूसरी सैन्य मदद मांगी, ताकि बाब अल-मंदेब पर हूतियों का कब्जा रोका जा सके, जबकि सऊदी और इजराइल के बीच सीधे राजनयिक संबंध नहीं हैं। वहीं, पाकिस्तान और तुर्किये, सऊदी के साथ मक्का पैक्ट होने के बावजूद उसे सीधी सैन्य मदद के बजाय हूतियों से बातचीत करवाने में मध्यस्थता करने का प्रस्ताव दे रहे हैं। सवाल-4: पाकिस्तान, सऊदी अरब की सैन्य मदद क्यों नहीं कर रहा? जवाब: 10 सितंबर को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने कहा, 'सऊदी पर हूतियों के हमले के खिलाफ मक्का पैक्ट के तहत कोई कार्रवाई करने को लेकर अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है। जब वक्त आएगा, तब कदम उठाएंगे।' पाकिस्तान के इस रुख के पीछे 3 वजहें हैं… 1. साझा सैन्य कमांड का कोई ढांचा नहींः तुर्किये के डिप्लोमैट रहे मुस्तफा एनेस एसेन के मुताबिक, ‘मक्का पैक्ट तब तक सिर्फ प्रतीकात्मक है, जब तक इसका एक जॉइंट सैन्य कमांड स्ट्रक्चर नहीं बनता। तुर्किये और पाकिस्तान, ईरान या भारत से सीधे टकराव में शामिल नहीं होंगे। 2. मध्यस्थ की भूमिका को खतराः पाकिस्तान अमेरिका-ईरान जंग में मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है। उसने ईरान से हूतियों पर लगाम कसने के लिए कहा और सऊदी पर हमलों की निंदा भी की। लेकिन इससे आगे बढ़ा, तो पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली भूमिका खतरे में पड़ सकती है। 3. शिया-सुन्नी की लड़ाई में नहीं उलझना चाहताः पाकिस्तान भले सुन्नी बहुल मुल्क हो, लेकिन शियाओं की भी बड़ी आबादी है। 2015 में सऊदी ने यमन में हूतियों के खिलाफ जंग में मदद मांगी, तो पाकिस्तान ने सैन्य दखल से इनकार कर दिया था। तब के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था, 'हम किसी सांप्रदायिक जंग का हिस्सा नहीं बनना चाहते, क्योंकि इसकी दरारें पाकिस्तान के अंदर भी नजर आएंगी।' ----- ये खबर भी पढ़ें… होर्मुज के बाद अब दूसरे तेल रूट पर संकट:अल मंदेब पर हूती विद्रोहियों का कब्जा; कहा- सऊदी अरब के अलावा किसी का जहाज नहीं रोकेंगे होर्मुज स्ट्रेट के बाद अब एक और समुद्री ऑयल रूट बाब अल-मंदेब स्ट्रेट संकट में है। यमन के हूती विद्रोहियों ने यहां कब्जे का एलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…
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