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    21 लाख के घपले में प्रधान-सचिव व तकनीकी सहायक दोषी:संतकबीर नगर में आईजीआरएस शिकायत से खुला मामला, नाथनगर ग्राम पंचायत कोदवट में मुकदमा दर्ज

    1 hour ago

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    जिले के नाथनगर विकास खंड की ग्राम पंचायत कोदवट में 21 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद ग्राम प्रधान आशा देवी, पूर्व सचिव प्रशांत यादव और पूर्व तकनीकी सहायक कौशल कुमार ओझा के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई महुली पुलिस ने शनिवार देर शाम बीडीओ के आदेश पर अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी योगेंद्र कुमार की तहरीर के आधार पर की। पूरा मामला 22 मार्च 2026 को आईजीआरएस पर शिकायतकर्ता श्रवण पाल की शिकायत के बाद उजागर हुआ। जांच समिति ने पकड़ी गड़बड़ी नाथनगर बीडीओ ने 15 अप्रैल 2026 को सहायक विकास अधिकारी, अवर अभियंता (आरईडी), अवर अभियंता (बीएसए) और ब्लॉक तकनीकी सहायक की संयुक्त समिति से जांच कराई। समिति ने पांच परियोजनाओं की पड़ताल की, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं। अमृत सरोवर में लाखों का अधिक भुगतान अमर शहीद रामनैन कन्नौजिया अमृत सरोवर निर्माण कार्य में वित्तीय वर्ष 2023-24 में मनरेगा से 35.52 लाख और वित्त से 2.96 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। जांच में पाया गया कि श्रमांश और सामग्री मद में वास्तविक कार्य की तुलना में अधिक भुगतान किया गया। स्थलीय सत्यापन में जहां मिट्टी का कार्य 8.20 लाख रुपये का पाया गया, वहीं रिकॉर्ड में इससे कहीं अधिक दिखाया गया। इस परियोजना में करीब 4.49 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान सामने आया। सीढ़ी निर्माण में भी भारी अंतर मिला। माप पुस्तिका में 10.25 लाख रुपये का कार्य दर्ज था, जबकि मौके पर इसका मूल्यांकन केवल 5.08 लाख रुपये पाया गया। इस तरह यहां 5.17 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया। दूसरे अमृत सरोवर में भी घोटाले के संकेत डॉ. भीमराव आंबेडकर अमृत सरोवर निर्माण कार्य में भी इसी तरह की अनियमितताएं मिलीं। इस परियोजना के लिए मनरेगा से 38.73 लाख और वित्त से 3.01 लाख रुपये स्वीकृत थे। जांच में श्रमांश के मुकाबले वास्तविक कार्य काफी कम पाया गया। मिट्टी के कार्य में करीब 6.55 लाख रुपये और सीढ़ी निर्माण में 5.13 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान उजागर हुआ। कुल 21.34 लाख की अनियमितता उजागर दोनों प्रमुख परियोजनाओं समेत जांच में कुल 21,34,744 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। जांच समिति ने इसके लिए ग्राम प्रधान आशा देवी, तत्कालीन सचिव प्रशांत यादव और तकनीकी सहायक कौशल कुमार ओझा को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने दर्ज किया गबन का मुकदमा सीओ अभयनाथ मिश्रा के अनुसार, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ गबन समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि इंटरलॉकिंग, इनलेट-आउटलेट, कैटल घाट और मेनगेट जैसे कई कार्य या तो अधूरे हैं या उनका कोई मापन नहीं किया गया है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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