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    100 साल पुराने मंदिर में खजाना खोज रहे थे बदमाश:झांसी में आधी रात एक घंटे खुदाई की, मेटल डिटेक्टर से चेक किया, 5 पकड़े गए

    4 hours ago

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    झांसी में मंगलवार रात करीब 2 बजे महिला और उसकी गैंग ने लगभग 100 साल पुराने मंदिर में एक घंटे तक खुदाई की। वे मेटल डिटेक्टर मशीन के सहारे जमीन में दबा हुआ धन खोज रहे थे। अंधेरे में लाइटें देखकर गांव वालों को शक हो गया। तब घेराबंदी करके गांव वालों ने महिला समेत 5 लोगों को दबोच लिया, जबकि उनके साथी कार लेकर भाग निकले। पकड़े जाने पर आरोपी कहने लगे कि वे गांव में पुजारीजी की त्रयोदशी में शामिल होने आए थे। तब गांव वालों ने पुजारी के बेटे को जगाया तो उनका झूठ पकड़ा गया। पूछने पर आरोपी बोले- हम लोग लगभग 60 किलोमीटर दूर से मंदिर में धन खोजने के लिए के लिए आए थे। अभी खुदाई चल ही रही थी कि लोग आ गए और वे पकड़ लिए गए। उनके पास से मेटल डिटेक्टर मशीन, कुल्हाड़ी समेत अन्य उपकरण बरामद हुए हैं। गांव वालों ने सभी आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया। पूरा मामला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के रूंद करारी गांव का है। सबसे पहले चार तस्वीर देखिए अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए मंदिर में टॉर्च जलती देख शक हुआ ग्वालियर हाइवे से लगभग दो किलोमीटर अंदर बसे रूंद्र करारी गांव की आबादी लगभग 1600 है। यहां के कुंवरपाल राजपूत ने बताया- मंगलवार शाम मैं किसी काम से पलींदा गांव गया था। वहां से देर रात लगभग 12:45 बजे लौटा तो घर की लाइट नहीं थी। तब छत पर सोने चला गया। तब घर से लगभग 300 मीटर दूर बने खाती बाबा मंदिर में टॉर्च जलती नजर आई। देखा तो कुछ लोग खुदाई कर रहे थे। पहले लगा किसान है, लेकिन काफी देर तक टॉर्च बंद नहीं हुई तो शक हो गया। तब गांव के प्रधान बादाम सिंह राजपूत को कॉल लगाया। वे ग्रामीणों के साथ आ गए। 100 साल पुराना है मंदिर ग्राम प्रधान बादाम सिंह राजपूत ने बताया कि खाती बाबा का मंदिर करीब सौ साल पुराना है। यहां एक चबूतरा बना है। इससे सटे सांप की बांबी बनी हुई थी। इसी बांबी के पास आरोपी खुदाई के साथ-साथ मेटल डिटेक्टर मशीन चलाई जा रही थी। हम लोगों ने घेरकर एक महिला समेत 5 लोगों को पकड़ लिया। वे लगभग 60 किलोमीटर दूर मध्यप्रदेश के डबरा के रहने वाले हैं। जबकि उनके कुछ साथी कार लेकर मौके से भाग गए। त्रयोदशी में आने की बात बताई अशोक कुमार पांडे ने बताया- मंगलवार शाम को मेरे पिता पुजारीजी की त्रयोदशी थी। पकड़े जाने पर आरोपी कहने लगे कि त्रयोदशी में आए थे। गांव के लोगों पहले लगा कि पुजारीजी के रिश्तेदार हैं। लेकिन आधी रात को मंदिर में खुदाई और मेटल डिटेक्टर मशीन की वजह से शक हुआ। तब गांव के लोगों उन्हें पकड़कर मेरे पास ले आये। मुझे जगाकर पूरा मामला बताया। मैंने सभी से जानकारी ली तो वे घबरा गए और सबकुछ सच बता दिया। कहने लगे कि वे मंदिर में धन खोजने आए थे। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को बुला लिया। इसके बाद सभी आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया। थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे ने बताया कि सभी को सीपरी बाजार थाने लाया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। आर्कियोलॉजिकल ऑफिसर बोले- किसी भी मंदिर में खजाना दबा नहीं है क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी (Regional Archaeological Officer) राजीव कुमार त्रिवेदी ने बताया कि किले समेत पुराने मंदिरों में अक्सर खजाना दबा होने की बात पर लोग विश्ववास कर लेते हैं। इसके बाद तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर खुदाई कराते है, लेकिन ये धारणा सही नहीं है। किसी भी किले या प्राचीन मंदिर में खजाना दबा नहीं है। इन किलो और प्रचीन मंदिरों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। यह खबर भी पढ़ें… लखनऊ में सिपाही ने शादी का झांसा देकर रेप किया: महिला बोली- गर्भवती होने पर शादी से मुकरा, गर्भपात का दबाव बनाया लखनऊ में डायल-112 में तैनात एक सिपाही ने महिला को शादी का झांसा देकर रेप किया। पीड़िता ने बताया कि गर्भवती होने के बाद सिपाही शादी से मुकर गया और उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगा। यहां पढ़ें पूरी खबर
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