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    10 साल से ‘गंगाजल’ का इंतजार कर रहे वार्डवासी:आगरा के वार्ड-96 में गलियों में बह रहा सीवर का पानी ,पार्षद बोले-दो साल में सीवर समस्या खत्म करेंगे

    20 hours ago

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    वार्ड-96 धनकोट फुव्वारा में पिछले 10 साल से लोग साफ पानी को तरस रहे हैं। ये हालात तब हैं जब आगरा नगर निगम गंगाजल परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है। महिलाएं आधा किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं। घरों का मल-मूत्र खुली नालियों में बह रहा है। सीवर जाम हैं और गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। दूसरी ओर पार्षद 100% विकास का दावा कर रही हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में जमीनी तस्वीर इन दावों से बिल्कुल उलट मिली। कहीं खुला सीवर हादसे को दावत दे रहा है, कहीं टूटी सड़कें और अवैध तबेले लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है, इसी कड़ी में वार्ड-96 का जायजा लिया गया… धुलियागंज में गलियों के भीतर अवैध तबेले बने हैं। गोबर और गंदगी के कारण आवागमन मुश्किल हो रहा है। बेगम दौड़ी की गलियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे मिले। नियमित उठान नहीं होने से बदबू फैली रहती है। वार्ड की अधिकांश सड़कें और गलियां जर्जर हैं। बड़े-बड़े गड्ढों से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। कई जगह सीवर के ढक्कन खुले मिले। लोगों ने बताया कि दो दिन पहले एक बच्चा इसमें गिरते-गिरते बचा। पहले इन तस्वीरों में देखिए वार्ड का हाल… 10 साल बाद भी नहीं पहुंचा गंगाजल वार्ड के माईथान, बेगम दौड़ी और छोटी पनि गली जैसे इलाकों में आज तक गंगाजल की पाइपलाइन नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना है कि हैंडपंप खराब हो चुके हैं और महिलाएं आधा किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। कई परिवार पीने का पानी खरीदकर इस्तेमाल करते हैं। सीवर और नालियों की बदहाल व्यवस्था वार्ड के कई हिस्सों में आज भी सीवर लाइन नहीं बिछी है। घरों का गंदा पानी खुली नालियों में बहता है। पुरानी और जाम सीवर लाइन के कारण कई जगह सीवर ओवरफ्लो हो रहा है। बदबू और गंदगी से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। वार्ड की बड़ी समस्याएं गंगाजल की सुविधा नहीं : कई मोहल्लों में आज तक गंगाजल की पाइपलाइन नहीं पहुंची। सीवर और नालियों की समस्या : सीवर लाइन का अभाव, जाम नालियां और ओवरफ्लो से लोग परेशान हैं। अतिक्रमण : धुलियागंज में अवैध तबेलों से गलियां संकरी और गंदी हो गई हैं। टूटी सड़कें : अधिकांश गलियां जर्जर हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सफाई व्यवस्था कमजोर : नियमित कूड़ा उठान नहीं होने से गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। टूटी सड़कें और अवैध तबेले बने परेशानी धुलियागंज और आसपास के इलाकों में अवैध तबेलों के कारण गलियां गोबर और कीचड़ से भरी रहती हैं। नालियां जाम हो जाती हैं और बारिश में जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। वहीं कई गलियां वर्षों से टूटी पड़ी हैं। सफाई व्यवस्था पर सवाल स्थानीय लोगों ने बताया कि नियमित सफाई और कूड़ा उठान नहीं होता। कई मोहल्लों में हफ्तों तक कूड़ा नहीं उठता, जिससे मच्छर, मक्खियां और बदबू की समस्या बनी रहती है। 10 साल से नहीं बदले हालात मुस्तकीम ने बताया कि छोटी पनि गली में सीवर लाइन नहीं है। घरों का गंदा पानी नालियों में बहता है। गंगाजल आज तक नहीं पहुंचा और महिलाएं दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। मोहित ने कहा कि धुलियागंज में खुला सीवर हादसे को दावत दे रहा है। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है और लोगों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ता है। शाहिल ने बताया कि अवैध तबेलों के कारण नालियां जाम रहती हैं। गोबर और गंदगी से गलियों में चलना मुश्किल हो जाता है। अलाउद्दीन ने बताया कि गलियां एक साल से टूटी पड़ी हैं। सफाई कर्मचारी कम होने के कारण हफ्तों तक कूड़ा नहीं उठता। ----------- ये खबर भी पढ़िए… बिन बारिश के ही गलियों में जलभराव:वार्ड-36 में 20 साल बाद भाजपा को जीत मिली पर हालात न बदले; उफना रहे सीवर, सड़कें खराब विकास की आस में मुस्तफा क्वार्टर के लोगों ने तो ‘कमल’ खिला दिया लेकिन उन्हें इसका ‘फल’ नहीं मिला। आगरा का वार्ड-36 में 20 साल बाद भाजपा का पार्षद चुना गया। फिर भी विकास नजर नहीं आ रहा। कई गलियों में जल निकासी के लिए लोगों को खुद चंदा जुटाकर पंप लगवाने पड़े हैं। बारिश हो या न हो, सीवर का पानी गलियों में बहता रहता है। टूटी सड़कें, चोक नालियां, कूड़े के ढेर, अतिक्रमण और आवारा पशुओं का आतंक है। लोगों ने आरोप लगाया कि वार्ड की सत्ता बदलने के बाद भी हालात नहीं बदले। पूरी खबर पढ़ें… ----------- ये खबर भी पढ़िए… वार्ड-95 में विधायक के घर के सामने कूड़े का ढेर:बादशाह शाहजहां ने बसाया था बाग फरजाना वार्ड, लोग बोले-कभी नवाबी थे ठाठ आगरा के बाग फरजाना वार्ड में रहने वालों के कभी नवाबी ठाठ हुआ करते थे। यहां के लोग बताते हैं कि शहर के इस हिस्से में हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध थी। मुगलकाल में बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम की याद में इसे बसाया था। अब हालात ऐसे हैं कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। विधायक के आवास के सामने भी कूड़े का ढेर और टूटी सड़कें नजर आती हैं। यहां की हवा में सीवर की सड़ांध है। पूरी खबर पढ़ें…
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