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    कैनविज की ठगी के शिकार पीड़ित अनिश्चितकालीन अनशन पर:हजारों करोड़ डकारकर फरार हुए कन्हैया गुलाटी, पीड़ित अब सड़क पर

    18 hours ago

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    कैनविज कंपनी की ठगी से बर्बाद हुए सैकड़ों लोग बरेली के चौकी चौराहा स्थित दामोदर पार्क में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं। पीड़ितों की आंखों में आंसू और चेहरे पर मायूसी है, क्योंकि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई कंपनी के मालिक कन्हैया लाल गुलाटी के लुभावने वादों पर भरोसा करके लगाई थी। पीड़ितों की मानें तो अब तक कन्हैया लाल गुलाटी और उसकी कंपनी के खिलाफ देश भर में 60 से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई अभी तक कागजों तक ही सीमित है। मालिक की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिसके चलते पीड़ितों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। जब लोग अपने पैसे वापस मांगने कंपनी के ऑफिस पहुँचते हैं, तो उन्हें कानूनी नोटिस थमा दिया जाता है, जिससे वे और अधिक दबाव में आ गए हैं। इसी हताशा के चलते बुधवार से पीड़ित दामोदर पार्क में भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हो गए हैं। 70 लाख फंसे... जमीन बेचकर किया निवेश, अब पाई-पाई के लिए मोहताज: दुलारी देवी 75 वर्षीय दुलारी देवी की आंखों में आंसू है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन बेचकर 70 लाख रुपये कैनविज में लगाए थे। कंपनी ने उन्हें लूट लिया और अब वे सड़क पर आ गई हैं। उनके अनुसार, यह सारा पैसा जमीन के थे जो उन्होंने कंपनी में लगाए थे। अब उनके पास कोई चारा नहीं बचा है, इसलिए उन्होंने भूख हड़ताल का रास्ता चुना है। 22 लाख फंसे... बेटी की शादी और बुढ़ापे की जमापूंजी पर डाका: उर्मिला देवी 65 वर्षीय उर्मिला देवी का कहना है कि उनके 22 लाख रुपये कैनविज में फंस गए हैं। उन्होंने भी अपनी जमीन के पैसे ही इसमें लगाए थे। कंपनी ने उनसे वादा किया था कि पैसा डबल होकर मिलेगा, लेकिन कुछ नहीं मिला। पुलिस प्रशासन से भी उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल रहा है, और अब वे अपनी आपबीती बयान करते हुए रो पड़ती हैं। 7 लाख फंसे... कर्ज और गाड़ी गिरवी रखी, अब भूख हड़ताल ही अंतिम सहारा: पंकज त्रिपाठी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि एक साल पहले उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई के 7 लाख रुपये कंपनी में निवेश किए थे। इतना ही नहीं, अपनी गाड़ी को गिरवी रखा और गोल्ड लोन तक लिया ताकि पैसा दोगुना हो सके। लेकिन अब न तो पैसा डबल हुआ और न ही मूल राशि वापस मिली। उनका कहना है कि कन्हैया लाल गुलाटी तो दोषी है ही, लेकिन उसके सहयोगी भी उतने ही जिम्मेदार हैं जिनके बहकावे में आकर उन्होंने यह निवेश किया था। सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि प्रशासन उनके सहयोगियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। 19.5 लाख फंसे... 22 महीने में पैसा डबल का झांसा, अब दर-दर भटकने को मजबूर: रामलली रामलली ने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि उनके साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने 19.5 लाख रुपये कंपनी में निवेश किए थे, और कंपनी के लोगों ने वादा किया था कि 22 महीने में पैसा डबल हो जाएगा और 5% ब्याज भी दिया जाएगा। लेकिन आज वह एक रुपये के लिए मोहताज हो गई हैं। वे अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी हैं और उनका साफ कहना है कि जब तक पैसा वापस नहीं मिलता, वे यहाँ से उठने वाली नहीं हैं। 50 हजार फंसे... चेक थमाकर किया गुमराह, अब कौन साबित करे निवेश: सपना सिंह सपना सिंह ने एक गंभीर मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने उनके निवेश के बदले उन्हें चेक तो थमा दिए, लेकिन उन पर एक रुपये भी नहीं आया। कंपनी के लोग अब उनसे निवेश का सबूत मांग रहे हैं, जबकि वे खुद इसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। उनका आरोप है कि पुलिस उनके मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखा रही है और उनकी शिकायत को सिर्फ फाइलों में दबाया जा रहा है। 50 लाख फंसे... पुश्तैनी जमीन बेचकर किया निवेश, अब चेक बाउंस की समस्या: ज्ञान प्रकाश सक्सेना ज्ञान प्रकाश सक्सेना ने बताया कि उन्होंने अपना पुश्तैनी प्लॉट बेचकर 50 लाख रुपये का निवेश किया था। कुछ राशि उन्होंने लोन लेकर भी लगाई थी। लेकिन आज स्थिति यह है कि उनके पास बाउंस हुए चेक के अलावा कुछ नहीं बचा है। उनकी मेहनत की कमाई एक झटके में कंपनी ने हड़प ली है। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। 42 लाख फंसे... बैंकों से लोन लेकर हुआ था निवेश, अब किस्तें भरना बनी मुसीबत: वीरेंद्र प्रताप वर्मा वीरेंद्र प्रताप वर्मा ने बताया कि उनके 42 लाख रुपये कंपनी में लगे हुए हैं। यह सारा पैसा उन्होंने विभिन्न बैंकों से लोन लेकर जुटाया था। अब कंपनी फरार है और बैंक उन पर लोन चुकाने का दबाव बना रहे हैं, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं। हर दिन उन्हें बैंक से नोटिस मिल रहे हैं। 12 लाख फंसे... सीनियरों ने दिखाया सपना, अब जान का खतरा: मोहन मौर्य मोहन मौर्य ने बताया कि उनके 12 लाख रुपये निवेश हुए थे। उन्हें कंपनी के ही वरिष्ठ लोगों ने निवेश करने के लिए भ्रमित किया था। अब जब वे अपना पैसा मांगने जा रहे हैं, तो कंपनी के लोग उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। प्रशासन ने अभी तक आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। 18 लाख फंसे... मीटिंग कर किया गया गुमराह, अब आत्मदाह करने को मजबूर: विमलेश कुमार विमलेश कुमार ने बताया कि कंपनी के लोगों ने उनके घर आकर बाकायदा मीटिंग की थी और पैसा लगवाया था। आज उनका 18 लाख रुपये फंसा हुआ है। उन्होंने मुद्रा लोन लेकर यह पैसा निवेश किया था। उनका कहना है कि अब उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा है, या तो पैसा मिले या फिर वे आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। 35 लाख फंसे... 63 हजार रुपये की जा रही EMI, अब बच्चों के भविष्य का सवाल: अजय पाल सिंह इंटर कालेज में टीचर अजय पाल सिंह ने बताया कि उनका 35 लाख रुपये फंसा हुआ है। हर महीने उनकी 63,000 रुपये की EMI जा रही है। उनका निवेश करने का एक ही मकसद था कि भविष्य में बच्चों की पढ़ाई में मदद मिलेगी, लेकिन कंपनी ने सब कुछ खत्म कर दिया। वे अपनी नौकरी और घर की जिम्मेदारियों के बीच बुरी तरह फंसे हुए हैं। 2 लाख फंसे... 5% ब्याज के वादे ने किया बर्बाद, अब प्रशासन भी खामोश: ओमप्रकाश गंगवार ओमप्रकाश गंगवार ने कहा कि उनका 2 लाख रुपये का निवेश था। उन्होंने बताया कि उनके अपलाइन ने उनसे झूठ बोला और अब वे सब ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इतने समय बीतने के बाद भी प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। 17 लाख फंसे... फील्ड का काम, अब एक-एक रुपये के लिए मोहताज: राकेश देवल राकेश देवल ने बताया कि उनका 17 लाख रुपये का फील्ड निवेश था। अब हालात यह है कि उन्हें घर चलाना मुश्किल हो रहा है। वे अपनी पूरी जमापूंजी गंवाकर अब अनशन पर बैठने को मजबूर हैं। 10 से 12 लाख फंसे... गारंटी लेकर भी निकले ठग, अब घर जाकर उल्टी शिकायत: नरेंद्र चौधरी नरेंद्र चौधरी ने बताया कि उनके 10-12 लाख रुपये फंसे हुए हैं। उन्हें कंपनी के लोगों ने गारंटी दी थी कि पैसा वापस दिलाएंगे, लेकिन अब जब वे घर जाते हैं तो वे लोग ही उनके खिलाफ FIR दर्ज करा देते हैं। पीड़ितों का आंदोलन अब धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है। पार्क में जमा हुए लोगों ने अपनी मांगें रखी हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि कंपनी के मालिक कन्हैया लाल गुलाटी की तत्काल गिरफ्तारी हो, सभी सहयोगियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, पीड़ितों को उनका पैसा वापस दिलाने के लिए उनकी संपत्तियों को कुर्क किया जाए। अनशन पर बैठे लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अभी भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे इसे और बड़े पैमाने पर ले जाएंगे। देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक इस मामले को ठंडे बस्ते में रखता है और कब इन पीड़ितों को न्याय मिल पाता है।
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