Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में बाजार 8 बजे, रेस्टोरेंट 10 बजे बंद, शादी समारोहों पर भी पाबंदी, तेल संकट से जूझ रहा देश

    3 hours ago

    1

    0

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के असर अब पाकिस्तान में साफ दिखाई देने लगे हैं। ईंधन संकट गहराने के चलते सरकार ने देशभर में सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद मंगलवार से नए नियम लागू किए गए। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, अब देश के ज्यादातर हिस्सों में बाजार और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे तक ही खुले रहेंगे। रेस्तरां, बेकरी और अन्य खाने-पीने की दुकानें रात 10 बजे तक बंद करनी होंगी। इसके अलावा शादी हॉल और दूसरे कमर्शियल वेन्यू भी रात 10 बजे के बाद खुले नहीं रह सकेंगे। सरकार ने निजी स्तर पर होने वाले शादी समारोहों पर भी सख्ती की है। अब घरों या निजी जगहों पर भी रात 10 बजे के बाद शादी या कोई समारोह आयोजित नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, मेडिकल स्टोर और फार्मेसी को इन पाबंदियों से छूट दी गई है, ताकि जरूरी दवाएं और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। दरअसल, खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का असर वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर पड़ा है। इसी वजह से पाकिस्तान में ईंधन की कमी बढ़ रही है। खपत कम करने और हालात को संभालने के लिए सरकार ने ये सख्त कदम उठाए हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टर पर हेल्थकेयर फ्रॉड का आरोप, 130 करोड़ रुपए में समझौता अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टर जितेंद्र पटेल और उनकी अटलांटा स्थित क्लिनिक ने हेल्थकेयर फ्रॉड के आरोपों को लेकर 14 मिलियन डॉलर (करीब 130 करोड़ रुपए) में सिविल समझौता किया है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की जांच में सामने आया कि क्लिनिक ने मरीजों पर जरूरत से ज्यादा और कॉम्पलेक्स मेडिकल प्रोसीजर किए। साथ ही कई मामलों में ऐसे टेस्ट और सर्जरी के बिल भी बनाए गए जो या तो जरूरी नहीं थे या किए ही नहीं गए। इन दावों के आधार पर मेडिकेयर, मेडिकेड और अन्य सरकारी हेल्थ प्रोग्राम से भुगतान लिया गया। मामले की शिकायत क्लिनिक के ही पूर्व कर्मचारी और एक डॉक्टर ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि क्लिनिक का फोकस मरीजों के इलाज के बजाय रेवेन्यू बढ़ाने पर था। समझौते के तहत क्लिनिक और डॉक्टर ने किसी भी आरोप को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन 130 करोड़ रुपए देकर मामला सुलझा लिया गया है। वहीं शिकायत करने वाले दोनों को इस राशि में से करीब 27 करोड़ रुपए मिलेंगे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    प्रतिबंधों के बावजूद चीनी कवच से मजबूत हुआ ईरान! तेहरान ने ऐसे जुटाया अरबों का 'फंड'
    Next Article
    अखिलेश को होर्डिंग्स में रहमान डकैत जैसा दिखाया:लिखा- ल्यारी राज या धुरंधर सीएम, आपको क्या चाहिए? लखनऊ समेत 10 जिलों में लगे पोस्टर

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment