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    वर्ल्ड अपडेट्स:भारत आने वाला ईरानी तेल टैंकर चीन की तरफ मुड़ा, गुजरात के पास बदला रूट, पेमेंट विवाद की आशंका

    10 hours ago

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    भारत के लिए आ रहा ईरानी कच्चे तेल का टैंकर अचानक अपना रास्ता बदलकर चीन की ओर मुड़ गया। यह टैंकर करीब 7 साल बाद भारत पहुंचने वाला पहला ईरानी तेल जहाज था और गुजरात के वाडिनार पोर्ट की ओर आ रहा था। इसमें करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ था। शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक जहाज पिछले तीन दिनों से भारत की ओर बढ़ रहा था, लेकिन गुजरात के पास पहुंचने से ठीक पहले उसने अपना रास्ता बदल दिया और अब चीन के डोंगयिंग शहर की तरफ जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके पीछे पेमेंट से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। केपलर के लीड रिसर्च एनालिस्ट सुमित रितोलिया के मुताबिक, पहले सप्लायर्स 30 से 60 दिन का क्रेडिट देते थे, लेकिन अब वे एडवांस या तुरंत भुगतान की मांग कर रहे हैं। इसी वजह से डील अटक गई और टैंकर ने रूट बदल लिया। हालांकि, जहाज का AIS (ट्रैकिंग सिस्टम) डेस्टिनेशन कभी भी बदला जा सकता है। अगर पेमेंट से जुड़े मुद्दे सुलझ जाते हैं, तो टैंकर दोबारा भारत की ओर भी आ सकता है। वाडिनार पोर्ट पर नायरा एनर्जी की करीब 20 मिलियन टन क्षमता वाली रिफाइनरी है, जहां इस टैंकर के पहुंचने की संभावना थी। गौरतलब है कि 2018 तक भारत ईरान से बड़ी मात्रा में सस्ता तेल खरीदता था। उस समय भारत रोजाना करीब 5.18 लाख बैरल ईरानी तेल आयात करता था, जो कुल आयात का लगभग 11.5% था। लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया और अन्य देशों से सप्लाई बढ़ा दी। हाल ही में अमेरिका ने 30 दिन की सीमित छूट दी है, जिसके तहत समुद्र में ईरानी तेल खरीदने की अनुमति है। यह छूट 19 अप्रैल तक लागू है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… डोनाल्ड ट्रम्प ने दी जेडी वेंस को नई जिम्मेदारी, फ्रॉड मामलों का इंचार्ज बनाया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने देश में फेडरल फंड से जुड़े फ्रॉड मामलों की जांच के लिए एक खास टास्क फोर्स बनाई है। इसकी जिम्मेदारी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को दी गई है। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि वेंस खास तौर पर उन राज्यों में जांच करेंगे, जहां डेमोक्रेट की सरकार है। उन्होंने कैलिफोर्निया, इलिनॉय, मिनेसोटा, मेन और न्यूयॉर्क का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वहां टैक्सपेयर्स के पैसे में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि लॉस एंजिलिस में छापेमारी शुरू हो चुकी है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका में फ्रॉड का मामला बहुत बड़ा और गंभीर है। उनके मुताबिक, वेंस का काम देश के भविष्य को मजबूत करने में अहम होगा। यह टास्क फोर्स सोशल वेलफेयर योजनाओं में फंड के गलत इस्तेमाल की जांच करेगी। अमेरिका में सरकार गरीबों की मदद, हेल्थकेयर और बेरोजगारी भत्ते जैसी योजनाओं के लिए राज्यों को पैसा देती है। आरोप है कि कुछ जगहों पर इस पैसे का गलत इस्तेमाल हुआ है, जिसे ट्रम्प “फ्रॉड” कह रहे हैं। वेंस का काम होगा यह पता लगाना कि पैसा कहां गलत इस्तेमाल हुआ, किन योजनाओं में गड़बड़ी हुई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना। हालांकि, अमेरिका में पहले से ही DOJ, FBI और इंस्पेक्टर जनरल जैसी एजेंसियां ऐसे मामलों की जांच करती हैं। लेकिन इस बार ट्रम्प ने सीधे उपराष्ट्रपति को जिम्मेदारी देकर इसे ज्यादा हाई-प्रोफाइल और राजनीतिक बना दिया है। टॉड ब्लांश अमेरिका के अटॉर्नी जनरल बने, ट्रम्प का केस लड़ने के लिए नौकरी छोड़ दी थी अमेरिका में पैम बॉन्डी को हटाए जाने के बाद टॉड ब्लांश को कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल बना दिया गया है। उन्हें पहले डिप्टी अटॉर्नी जनरल के तौर पर काम करने का अनुभव था और अब वह जस्टिस डिपार्टमेंट की कमान संभाल रहे हैं। टॉड ब्लांश पहले राष्ट्रपति ट्रम्प के निजी वकील भी रह चुके हैं। उन्होंने ट्रम्प के कई अहम आपराधिक मामलों में उनकी पैरवी की थी, जिसमें न्यूयॉर्क का हश मनी केस भी शामिल है, जहां ट्रम्प को 34 आरोपों में दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा उन्होंने 2020 चुनाव में दखल और गोपनीय दस्तावेजों से जुड़े मामलों में भी ट्रम्प का बचाव किया। ट्रम्प ने उन्हें बेहद काबिल और कानूनी दिमाग वाला शख्स बताया है। ब्लांश का करियर काफी लंबा और मजबूत रहा है। वह पहले एक फेडरल प्रॉसीक्यूटर (सरकारी वकील) रहे हैं और करीब 8 साल तक इस पद पर काम किया। उन्होंने कई बड़े आपराधिक मामलों को संभाला, जिनमें हत्या और किडनैपिंग जैसे केस शामिल थे। 2014 में उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर प्राइवेट लॉ फर्म में काम शुरू किया। बाद में 2023 में उन्होंने ट्रम्प का केस लड़ने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी और उनके डिफेंस टीम में शामिल हो गए। ट्रम्प के केस में उन्होंने ऐसी रणनीति अपनाई, जिससे मामलों को 2024 के चुनाव तक टाला जा सके। जब ट्रम्प चुनाव जीत गए, तो कई केस अपने आप खत्म हो गए, क्योंकि अमेरिका में बैठे राष्ट्रपति पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। म्यांमार में आर्मी चीफ बने राष्ट्रपति, 5 साल पहले तख्तापलट कर आंग सूची को हटाया था म्यांमार में सेना प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग को राष्ट्रपति चुन लिया गया है। संसद में हुए वोट में उन्हें जीत मिली, जहां ज्यादातर सांसद सेना समर्थक थे। इससे 2021 में तख्तापलट के बाद देश पर उनकी पकड़ और मजबूत हो गई है। 69 साल के ह्लाइंग 2011 से म्यांमार की सेना के प्रमुख रहे हैं। उन्होंने 2021 में आंग सान सूची की चुनी हुई सरकार को हटाकर सत्ता पर कब्जा कर लिया था और उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जो बाद में सशस्त्र संघर्ष में बदल गए। हाल ही में दिसंबर और जनवरी में चुनाव कराए गए थे, जिसमें सेना समर्थित पार्टी को जीत मिली। विपक्ष और पश्चिमी देशों ने इन चुनावों को निष्पक्ष नहीं बताया और कहा कि यह सिर्फ सेना के शासन को बनाए रखने का तरीका है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिन आंग ह्लाइंग पहले से ही राष्ट्रपति बनना चाहते थे। यह उनका पुराना सपना था। राष्ट्रपति बनने के लिए उन्हें सेना की जिम्मेदारी किसी और को देनी थी, इसलिए उन्होंने अपने भरोसेमंद व्यक्ति ये विन ऊ को सेना का नया प्रमुख बना दिया। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती कार बम हमला, 5 नागरिकों की मौत, एक पुलिसकर्मी समेत 13 घायल पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती कार बम हमला हुआ। हमले में 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 13 लोग घायल हुए हैं, इनमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। डॉन के मुताबिक विस्फोटकों से भरी कार पुलिस स्टेशन के पिछले हिस्से से टकराई, जिससे जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद कुछ देर तक फायरिंग भी हुई। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पुलिस स्टेशन का सेंट्री पोस्ट पूरी तरह नष्ट हो गया और इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया। आसपास के कई घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा और कुछ मकान ढह गए, जिससे कई लोग मलबे में दब गए। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। पाकिस्तान के डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑफिसर बख्तुल्लाह वजीर ने बताया कि ‘राहत और बचाव कार्य जारी है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण ऑपरेशन में दिक्कतें आईं है। फायरिंग रुकने के बाद ही रेस्क्यू टीमों ने मलबा हटाना शुरू किया।’ सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर क्लियरेंस ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वहीं, हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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