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    वामदलों का आरोप: सरकार मज़दूरों की आवाज़ दबा रही:प्रयागराज में राज्यपाल को जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा ज्ञापन

    3 hours ago

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    प्रयागराज में मज़दूर आंदोलनों के दमन के विरोध में वामदलों ने गुरुवार को जिला कचहरी परिसर में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के संयुक्त तत्वावधान में राज्यव्यापी आह्वान के तहत आयोजित किया गया। प्रदर्शन के बाद वामदलों ने जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से राज्यपाल को पांच सूत्रीय मांगपत्र भेजा। वामदलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें मज़दूर विरोधी नीतियां अपना रही हैं और कॉरपोरेट घरानों के हितों को प्राथमिकता दे रही हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को न तो न्यूनतम मज़दूरी मिल रही है और न ही बेहतर कार्य परिस्थितियां। श्रमिक संगठन 26,000 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम मज़दूरी की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। नेताओं ने श्रम संहिताओं को मज़दूर विरोधी बताया। उनके अनुसार, इन संहिताओं के लागू होने से श्रमिकों के अधिकार कमजोर हुए हैं। 12 फरवरी को देशभर में करोड़ों श्रमिकों ने इन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया था, लेकिन सरकार ने 1 अप्रैल से इन्हें लागू कर दिया। इसके बाद देश के कई हिस्सों में स्वतःस्फूर्त मज़दूर आंदोलन शुरू हुए, जिन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है। वामदलों ने हाल ही में नोएडा में हुए मज़दूर आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों के साथ अलोकतांत्रिक व्यवहार किया। कई मज़दूर नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार या नजरबंद किया गया, जिसे उन्होंने जनतंत्र के खिलाफ बताया। इसके अतिरिक्त, वामदलों ने रेलवे प्रशासन द्वारा यमुना ब्रिज के किनारे की झुग्गी-झोपड़ियों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाने की कार्रवाई का भी विरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनों, सभाओं और जुलूसों की अनुमति देने में भेदभाव किया जा रहा है। वामदलों की मांगों में श्रम संहिताओं को रद्द करना, 26,000 रुपये न्यूनतम मज़दूरी सुनिश्चित करना, आठ घंटे कार्यदिवस लागू करना, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करना और जन आंदोलनों के दमन पर रोक लगाना शामिल है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।
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