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    उन्नाव में सड़क हादसे में उजड़ गए परिवार:दो मां और दो बेटियों की मौत, मुंडन कराने जा रहे थे, बच्चा और मां-पिता भी गंभीर

    1 hour ago

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    उन्नाव में बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। हादसा कीरतपुर-सुमेरपुर मार्ग पर एचपी पेट्रोल पंप के पास हुआ। हादसे का शिकार हुए लोग बोलेरो से गंगा स्नान और मुंडन संस्कार के लिए बक्सर चंद्रिका देवी जा रहे थे। परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन बाद में कभी न भूलने वाली बुरी याद बन गई। तेज रफ्तार बोलेरो एक वाहन को ओवरटेक कर रही थी, तभी सामने से आ रहे ट्रक से उसकी टक्कर हो गई। इसी दौरान पीछे से आ रहा एक डंपर अनियंत्रित होकर बोलेरो पर पलट गया। हादसे में दो मां और दो बेटियों समेत 6 लोगों की मौत हुई है। आसपास के ग्रामीण सबसे पहले मदद के लिए पहुंचे और पुलिस के आने से पहले ही घायलों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी। सीएम ने हादसे पर दुख जताया है और मरने वालों को 2-2 लाख रुपये की मदद देने का भरोसा दिया है। पहले दो तस्वीरें देखिए… मासूमों की आंखों से दिखा खौफ हादसे में बची सात वर्षीय गौरी की बात हर किसी को झकझोर देती है। उसने बताया कि हादसे के समय वह गाड़ी में सो रही थी। अचानक जोरदार टक्कर से उसकी नींद खुली और उसने चारों ओर अफरा-तफरी का मंजर देखा। लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरे हुए थे, कुछ बेहोश थे और कुछ दर्द से कराह रहे थे। उसने बताया कि “जब मेरी आंख खुली तो सब लोग चिल्ला रहे थे। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हुआ है।” एक परिवार के 4 लोगों की हादसे में जान गई हादसे में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। मृतकों में वितान, गीता, ज्योति, रामधनी यादव, सुनीता सिंह और अर्चना बाजपेयी शामिल हैं। ये सभी एक ही गांव पठई, थाना मौरावां के निवासी थे। वितान (55) और गीता (55) आपस में देवरानी-जेठानी थीं। वितान की बेटी ज्योति (27) और गीता की बेटी सुनीता (35) की भी मौत हुई है। वहीं, रामधनी यादव बोलेरो चला रहे थे। अर्चना बाजपेयी पड़ोस में ही रहती थीं और मुंडन में शामिल होने जा रही थीं। प्रशासन की सक्रियता, लेकिन सवाल बरकरार घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। बाद में डीएम जिला अस्पताल भी पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उनके इलाज की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पहले भई कई बार हो चुके हैं हादसे स्थानीय लोगों का कहना है कि सुमेरपुर मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सड़क की स्थिति, ट्रैफिक नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था में सुधार की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। दर्द, आंसू और अधूरी कहानियां हादसे से पहले घरों में सुबह तक खुशियों की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया, तो कहीं बुजुर्ग अपने जवान बेटों और बहुओं को खो चुके हैं। गांव में हर ओर सिर्फ एक ही चर्चा है “अगर थोड़ी सावधानी बरती जाती, तो शायद ये हादसा टल सकता था।” लेकिन अब यह सवाल केवल अफसोस बनकर रह गया है। विधायक ने परिजनों को सांत्वना दी सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत के बाद पुरवा विधानसभा से विधायक अनिल सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी ली विधायक ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सरकार की ओर से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे और आवश्यक कार्रवाई में जुटे रहे।
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