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    दाढ़ी-टोपी देखकर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा:बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन बोले- बिहार के मौलाना के साथ ट्रेन में मॉब लिंचिंग हुई, धक्का दिया

    3 hours ago

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    बरेली में ताजुश्शरिया उर्स से वापिस जा रहे बिहार के मौलाना की 24-25 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव बरेली कैंट रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिला। अब इस मामले में मुस्लिम संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का कहना है कि हिंदुस्तान में जगह-जगह दाढ़ी-टोपी देखकर मुसलमानों के साथ मॉब लिंचिंग की जा रही है। मुसलमानों की हत्याएं हो रही है। बरेली में बिहार के मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी के साथ भी ऐसा ही हुआ है। शहाबुद्दीन ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री को पत्र लिख कर सीबीआई जांच की मांग की है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा 24-25 अप्रैल को बरेली में उर्स-ए-ताजुश्शरिया था। जिसमें देशभर से लाखों जायरीन आए हुए थे। उसमें किशनगंज, बिहार के रहने वाले मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी शिरकत करने के लिए आए थे। वो खुद ताजुशरिया मुफ्ती अख्तर रज़ा खां अजहरी रहमतुल्लाह अलैह के मुरीद हैं और बरेली के मदरसा मजहर-ए-इस्लाम से वो फारिग-शुदा आलिम हैं। गोरखपुर में वो मदरसे में पढ़ा रहे थे। मौलाना की हत्या को लेकर सुन्नी बरेलवियों में भारी नाराजगी मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी जब यहाँ से वापस जा रहे थे, तो ट्रेन में सवार हुए। जनरल डिब्बे में थे। कैंट स्टेशन पर पहुँचे तो वहाँ उनके साथ मारपीट की गई। फिर उन्होंने सबसे पहला फोन अपनी बीवी को किया और घटना बताई कि "मेरे साथ मारपीट हो रही है, तुम पुलिस को बोलो।" इतने में फोन छूट जाता है और फिर उनको धक्का देकर बाहर फेंक दिया जाता है, जहाँ मौके पर उनका इंतकाल हो गया। इस घटना से बहुत ज़्यादा सुन्नी सूफी बरेलवी लोगों में अफ़सोस है और सख्त नाराज़गी है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि क्योंकि रेल का सफर बड़ा महफूज और सुरक्षित समझा जाता है। अगर यहाँ पर भी इस तरह की घटनाएं होंगी तो फिर भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे का, जमहूरी निजाम का क्या होगा? इसी सिलसिले में मैंने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ को और भारत सरकार रेल मंत्रालय के मंत्री को पत्र लिखकर माँग की है कि इसकी निष्पक्ष जाँच कराई जाए, ताकि जो असामाजिक तत्व हैं जिन्होंने यह घटना अंजाम दी है, उनको जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाया जा सके और उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा मिले। सीबीआई जांच और मुआवजे की मांग मौलाना शहाबुद्दीन ने मैंने पत्र में यह भी माँग की है कि सीबीआई जाँच की जाए ताकि तह तक पहुँचा जा सके। और यह भी माँग की है कि मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि बिहार के मौलाना के साथ जो घटना हुई है उससे यही लगता है कि उनके साथ मॉब लिंचिंग हुई है। वह बात जो टेलीफोन पर मौलाना तौसीफ की बीवी से बात हो रही है, जो पूरी गुफ्तगू इंटरनेट मीडिया पर गर्दिश कर रही है और उनके परिजनों से मेरा भी सीधे-सीधे राब्ता है... क्योंकि मैं बहुत मर्तबा ठाकुरगंज (किशनगंज) में मजहबी जलसों में जा चुका हूँ, पूरे इलाके से मेरी वाकफियत है। बहुत से लोग हैं जिन्हें मैं जानता हूँ, उनके फोन आ रहे हैं। इस बुनियाद पर मैंने लेटर लिखा था। असामाजिक तत्वों द्वारा नफरत का जो बीज बोया जा रहा मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि अभी आपने देखा होगा कुछ महीनों पहले कि जानबूझकर दो मुसलमानों को एक गैर-मुस्लिम ने मार दिया। इसके अलावा और भी बहुत सी घटनाएँ हुईं, मैं कहाँ-कहाँ का रिकॉर्ड रखूँ। आप खुद जानते हैं। ये घटनाएं गवाही देती हैं कि असामाजिक तत्वों द्वारा नफरत का जो बीज बोया जा रहा है, उससे समाज का नुकसान हो रहा है। और जब समाज का नुकसान होगा तो देश का भी नुकसान होगा। दाढ़ी-टोपी देखकर मारा जा रहा है मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि बहुत सी ऐसी घटनाएं हो रही हैं जो साम्प्रदायिक रूप ले लेती हैं। छोटी घटना बड़ी बन जाती है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, अजमेर, मेरठ या मुरादाबाद... ये घटनाएं यही दर्शाती हैं कि एक ही समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
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