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    दरांती लेकर खेत में गेहूं काटने बैठे मुरादाबाद के DM:गेहूं की पैदावार का आंकलन करने निकले थे जिलाधिकारी;डीएम को गेहूं काटता देख भीड़ जुटी

    3 hours ago

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    मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज सिंह ने जिले में गेहूं की पैदावार का सही आकलन करने के लिए विकासखंड मनोहरपुर के एक किसान के खेत का निरीक्षण किया। उन्होंने क्रॉप कटिंग प्रक्रिया का स्थलीय जायजा लिया और अधिकारियों को पारदर्शिता व सटीक आकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में खेत में खड़ी गेहूं फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रति हेक्टेयर उत्पादन की स्थिति का आकलन कराया। डीएम ने कहा कि क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक, निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही परिणाम मिल सके। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपालों और कृषि विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं खेतों में पहुंचकर कटाई प्रक्रिया की निगरानी करें। उन्होंने डाटा संकलन में किसी भी प्रकार की विसंगति न रहने देने पर बल दिया। क्रॉप कटिंग एक वैज्ञानिक विधि है, जिसके माध्यम से किसी क्षेत्र की वास्तविक फसल उपज का अनुमान लगाया जाता है। इसके तहत राजस्व विभाग और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि यादृच्छिक (रेंडम) तरीके से खेत का चयन करते हैं। इसके बाद खेत के एक निश्चित हिस्से को गणितीय पद्धति के आधार पर चिन्हित किया जाता है। चयनित प्लॉट को समबाहु त्रिभुजाकार अथवा आयताकार रूप में काटा जाता है। आमतौर पर यह प्लॉट खेत के दक्षिण-पश्चिम कोने में निर्धारित किया जाता है। इसके लिए खेत की लंबाई और चौड़ाई कदमों से नापी जाती है। यदि खेत का आकार अनियमित या टेढ़ा-मेढ़ा हो, तो प्लॉट को आयताकार बनाया जाता है। इस निर्धारित हिस्से से काटी गई फसल की थ्रेशिंग कर उत्पादन निकाला जाता है और इसी के आधार पर पूरे खेत की संभावित उपज का आकलन किया जाता है। प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से जिले में गेहूं उत्पादन के सही आंकड़े प्राप्त होंगे, जिससे किसानों को योजनाओं और बीमा दावों का लाभ भी समय पर मिल सकेगा।
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