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    ट्रांस यमुना फेज-1 में 8 अवैध निर्माण सील:आवासीय जगह पर चल रहा था व्यवसाय, आवास-विकास परिषद ने की कार्रवाई

    3 hours ago

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    आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र के फेज-1 में अवैध निर्माणों के खिलाफ आवास एवं विकास परिषद ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक सीलिंग अभियान चलाया। इस कार्रवाई में आवासीय भूखंडों पर नियमों के विरुद्ध बनाए जा रहे व्यावसायिक निर्माणों को चिन्हित कर कई इमारतों को सील कर दिया गया। यह अभियान अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार सिंह के निर्देश पर अधिशासी अभियंता अनिल कुमार के नेतृत्व में परिषदीय प्रवर्तन दल द्वारा चलाया गया। प्रवर्तन अधिकारी कर्नल जी.एम. खान ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से मिल रही शिकायतों और निरीक्षण के दौरान पाए गए उल्लंघनों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान संपत्ति संख्या-1 में भूस्वामी जलधारा द्वारा आवासीय भूखंड पर बहुमंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण कराया जा रहा था। मौके पर बैंक, मॉल आदि को किराए पर देने के लिए प्रचार-बैनर भी लगे मिले। इसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इसी तरह संपत्ति संख्या A-368 में अवतार यादव द्वारा आवासीय भूखंड पर करीब एक दर्जन दुकानों और बड़े हॉल का निर्माण कराया जा रहा था, जो नियमानुसार नहीं था। इस निर्माण को भी सील कर दिया गया। संपत्ति संख्या B-86 में डॉ. उर्मेश यादव द्वारा ‘इशिता डायग्नोस्टिक सेंटर’ संचालित किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि भवन अधूरा है और उसमें मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस पर अधिशासी अभियंता ने मानवीय आधार पर दो दिन का समय दिया है, जिसके बाद भवन को सील कर दिया जाएगा। इसके अलावा D-7, D-8, Com-17, Com-18 (रीता गुप्ता) और D-9 (अंजू गुप्ता) सहित कुल पांच प्लॉटों को मिलाकर एक बहुमंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण कराया जा रहा था। इनमें तीन प्लॉट आवासीय और दो व्यावसायिक श्रेणी के हैं, लेकिन संयुक्त रूप से बड़े कॉमर्शियल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जा रहा था। इस पूरे निर्माण को भी सील कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भू-स्वामियों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन लगातार अनदेखी की गई। इसके बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की गई। अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार सिंह ने कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है और आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे निर्माण कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार ही कराएं और परिषद द्वारा जारी नोटिसों को नजरअंदाज न करें। इस अभियान में अधिशासी अभियंता अनिल कुमार, प्रवर्तन अधिकारी कर्नल जी.एम. खान, सहायक अभियंता वैभव सहित परिषद के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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