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    टिंडोली आंगनबाड़ी पुष्टाहार घोटाला कोर्ट पहुंचा:संचालिका, दो अधिकारियों पर कालाबाजारी का आरोप, बयान 13 मई को होंगे

    1 hour ago

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    मैनपुरी सदर तहसील के ग्राम टिंडोली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पुष्टाहार वितरण में कथित अनियमितताओं और कालाबाजारी का मामला अब न्यायालय पहुंच गया है। गांव के वार्ड सदस्य राजन सिंह चौहान ने आंगनबाड़ी संचालिका, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) और बाल विकास अधिकारी (CDO) के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए 13 मई 2026 को बयान दर्ज कराने की तारीख तय की है। शिकायतकर्ता राजन सिंह चौहान का आरोप है कि टिंडोली आंगनबाड़ी केंद्र पर गरीब बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार द्वारा भेजा जाने वाला दलिया, तेल, पंजीरी और अन्य पुष्टाहार ठीक से वितरित नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी संचालिका सुधा चौहान ने इस सामग्री को बाजार में बेचकर कालाबाजारी की। राजन सिंह के अनुसार, उन्होंने इस मामले की शिकायत निदेशक पुष्टाहार लखनऊ, मंडलायुक्त आगरा, जिलाधिकारी मैनपुरी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार ऑनलाइन माध्यम से की थी। हालांकि, किसी भी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी हृदय नारायण और बाल विकास अधिकारी शशि कुमार ने जांच में फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायतों को दबा दिया। परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि आंगनबाड़ी संचालिका की नियुक्ति गलत दस्तावेजों के आधार पर हुई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि नियुक्ति के लिए प्रस्तुत आय प्रमाण पत्र और अन्य अभिलेख संदिग्ध हैं। उनके अनुसार, संचालिका पात्रता की शर्तों जैसे गरीब, विधवा या बेसहारा श्रेणी में नहीं आतीं, फिर भी उन्हें यह नियुक्ति दी गई। राजन सिंह ने न्यायालय में यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनकी शिकायत को पारिवारिक विवाद बताकर मामले को कमजोर करने की कोशिश की। जबकि शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया कि उनका और संचालिका के परिवार का कोई सीधा संबंध नहीं है। परिवाद में कहा गया है कि अधिकारियों ने मनगढ़ंत रिपोर्ट बनाकर शासन को गुमराह किया और शिकायतों को नजरअंदाज किया। मामले में एक और गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि शिकायतकर्ता की मां कुसमा देवी से कोरे कागज पर अंगूठा लगवाया गया था। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उस दस्तावेज में क्या लिखा गया था। अब पूरे मामले में सीजेएम न्यायालय में 13 मई को शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
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