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    SN में हुई बिना मशीन धड़कते दिल की बायपास सर्जरी:66 वर्षीय मरीज को 72 घंटे के बाद मिली छुट्टी, 172 साल के इतिहास में यह पहली उपलब्धि

    3 hours ago

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    सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) में पहली बार धड़कते हुए दिल की बायपास सर्जरी (बीटिंग हार्ट सर्जरी) सफलतापूर्वक की गई है। 172 साल के इतिहास में यह पहली ऐसी उपलब्धि है, जिसमें बिना दिल रोके ऑपरेशन किया गया और मरीज को दूसरे ही दिन छुट्टी दे दी गई। यह सर्जरी सीटीवीएस विभाग के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल और उनकी टीम ने 13 अप्रैल की रात करीब 3 घंटे में पूरी की। आगरा के बोदला निवासी 66 वर्षीय रतन लाल शर्मा इस सर्जरी के मरीज थे, जिनकी हृदय की दो मुख्य धमनियां 100% ब्लॉक थीं और दिल की कार्यक्षमता (EF) घटकर 35% रह गई थी। डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि धड़कते हुए दिल पर सर्जरी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि इसमें दिल को रोका नहीं जाता। लेकिन यह तकनीक मरीज के लिए ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद होती है, जिससे रिकवरी तेज होती है और जटिलताओं का खतरा कम रहता है। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति तेजी से सुधरी और उसे लगभग 72 घंटे के भीतर डिस्चार्ज कर दिया गया। आमतौर पर इस तरह की सर्जरी के बाद मरीज को 5 से 7 दिन अस्पताल में रखा जाता है, ऐसे में इतनी जल्दी रिकवरी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। मरीज की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका पूरा इलाज “असाध्य रोग योजना” के तहत निःशुल्क किया गया। निजी अस्पतालों में इस सर्जरी की लागत करीब 3 से 4 लाख रुपये तक होती है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इसे संस्थान की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि अब क्षेत्र के मरीजों को बेहतर हृदय उपचार के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस सर्जरी में डॉ. सुशील सिंघल के साथ डॉ. शिव, डॉ. सुलभ गर्ग और डॉ. आरती शामिल रहे। वहीं एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर टीम में डॉ. अपूर्वा मित्तल सहित अन्य डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई। क्या है बीटिंग हार्ट सर्जरी धड़कते हुए दिल की सर्जरी में ऑपरेशन बिना दिल को रोके किया जाता है। आम तौर पर बायपास सर्जरी मशीन (हार्ट-लंग मशीन) के सहारे की जाती है, जिसमें मशीन की मदद से दिल को नियंत्रित कर रक्त संचार बनाए रखा जाता है। लेकिन बीटिंग हार्ट तकनीक में दिल स्वाभाविक रूप से धड़कता रहता है, जिससे मरीज की रिकवरी जल्दी होती है और जोखिम कम होता है।
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