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    SIR के बाद कानपुर में बिगड़ा सपा का चुनावी गणित:10 सीटों पर वोट मार्जिन से ज्यादा नाम कटे, मुस्लिम बाहुल्य सीट भी फंसीं

    7 hours ago

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    उत्तर प्रदेश में SIR के बाद सबसे ज्यादा वोट शहरों में कटे हैं। इसमें कानपुर शहर में 687201 वोटरों के नाम कटने के साथ टॉप 3 जिले में शामिल हो गया है। अब कानपुर नगर की 10 विधानसभा सीटों पर चुनावी आंकड़े बदल गए हैं। इन बदले आंकड़ों से आने वाले विधानसभा चुनाव में सपा और भाजपा दोनों दलों को नुकसान होगा। शहर की 9 विधानसभा सीटों पर 2022 के चुनाव में जीत के मार्जिन से ज्यादा वोट कटे हैं। SIR प्रक्रिया के बाद शहर की 10 विधानसभा सीटों पर कितना नुकसान हुआ है। आने वाले विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान किस पार्टी को हो सकता है। ऐसे सवालों के जवाब जानने के लिए यह रिपोर्ट पढ़िए…। अब समझिए 10 विधानसभा सीटों का चुनावी गणित… खबर पढ़ने से पहले समझिए जिले का राजनैतिक गणित कानपुर में कुल 10 विधानसभा सीटें है। 9 सीटों पर भाजपा ने चुनाव लड़ा था, जबकि घाटमपुर विधानसभा सीट से NDA गठबंधन में शामिल अपना दल(S) ने चुनाव लड़ा। उसे जीत भी मिली। शहर की सीसामऊ सीट से नसीम सोलंकी, कानपुर कैंट से मोहम्मद हसन रूमी ने जीत हासिल की थी। ये दोनों सीटें मुस्लिम बाहुल्य सीटें हैं। शहर का हार्ट कही जानी वाली सीट आर्यनगर से सपा के ही अमिताभ बाजपेयी ने जीत हासिल की थी। ये तीनों सीटें सपा के खाते में गई थी। जबकि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने महाराजपुर विधानसभा से जीत दर्ज की थी। शहर के बाहर बिल्हौर, घाटमपुर, बिठूर विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा रहा। शहर की कल्याणपुर, गोविंदनगर, किदवई नगर सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। सबसे ज्यादा जीत का मार्जिन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र मैथानी का है। सपा की सीटों पर जीत के मार्जिन से 5 गुना ज्यादा कटे वोट 2022 के चुनाव में कानपुर कैंट विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी से विधायक मोहम्मद हसन रूमी और भाजपा ने रघुनंदन सिंह भदौरिया को अपना प्रत्याशी बनाया था। मोहम्मद हसन रूमी को कुल 94729 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे भाजपा प्रत्याशी को 74742 वोट मिले थे। इस सीट पर 19987 वोटों से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। अब SIR के बाद 97558 वोट कट गया है। ऐसे में अब इस सीट पर कुल 269396 वोटर हैं। इनमें 142383 पुरुष और 126998 महिला वोटर हैं। हालांकि ये सीट शहर की मुस्लिम बाहुल्य है। यहां करीब 64% वोट मुस्लिम आबादी का है। पति के जेल जाने के बाद नसीम सोलंकी विधायक बनीं विधानसभा चुनाव 2022 सीसामऊ से इरफान सोलंकी ने चुनाव लड़ा था। हालांकि एक मुकदमे में सजा होने के बाद उनकी सदस्यता खत्म हो गई। ऐसे में साल 2024 में इस सीट पर उप चुनाव हुआ था। इस बार समाजवादी पार्टी ने इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी को प्रत्याशी बनाया। जबकि भाजपा ने सुरेश अवस्थी को अपना प्रत्याशी बनाया। इन चुनावी नतीजों में नसीम को 69666 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे सुरेश अवस्थी को 61037 वोट मिले थे। 8629 वोटों से नसीम सोलंकी ने जीत दर्ज की। पति इरफान सोलंकी के जेल जाने के बाद पहली बार विधानसभा पहुंचीं। लेकिन, अब SIR होने के बाद यहां 50558 वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। सीसामऊ विधानसभा सीट पर अब कुल वोटरों की संख्या 212940 है। इनमं 112541 पुरुष और 100397 महिला वोटर हैं। हालांकि इस सीट पर मुस्लिम वोट ज्यादा है, लेकिन इस विधानसभा में रहने वाली मिश्रित आबादी है। इस चुनाव में नसीम सोलंकी को महिलाओं का वोट प्रतिशत ज्यादा था। आर्यनगर में जीत से 9 गुना ज्यादा कटे वोट, सपा की बढ़ेंगी मुश्किलें कानपुर की आर्यनगर विधानसभा सीट इस समय समाजवादी पार्टी के खाते में है। पिछली बार इस सीट पर सपा ने अमिताभ बाजपेयी को चुनावी मैदान में उतारा था। वहीं भाजपा ने सुरेश अवस्थी को टिकट दिया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में अमिताभ बाजपेयी को 76897 वोट मिले थे। भाजपा का कैंडीडेट 68973 वोट के साथ दूसरे नंबर पर था। सपा ने 7924 वोटों से भाजपा प्रत्याशी को चुनाव में हराया था। लेकिन अब SIR होने के बाद इस सीट पर 77096 वोटरों के नाम काट दिए गए हैं। यहां अब कुल वोटरों की संख्या 298875 है। इनमें 160664 पुरुष और 138174 महिला वोटर हैं। वहीं यहां चुनाव में जीत मार्जिन के करीब 9 गुना ज्यादा वोट कटे हैं। यहां सभी धर्मों की मिश्रित आबादी रहती है। कल्याणपुर में 5 गुना ज्यादा वोट कटे, भाजपा की मुश्किलें बढ़ीं कल्यानपुर विधानसभा सीट से भाजपा की नीलिमा कटियार विधायक हैं। यहां नीलिमा कटियार को 2022 के चुनाव में कुल 98997 और सपा से चुनाव लड़े सतीश निगम को कुल 77462 वोट मिले थे। नीलिमा कटियार ने सपा के प्रत्याशी को 21535 वोटों से हरा दूसरी बार विधानसभा में पहुंची। इस बार SIR के बाद 103063 वोट कट गए हैं। अब इस सीट पर कुल 264636 वोटर हैं। इसमें 139197 पुरुष और 125429 महिला वोटर हैं। अब समझिए शहर से बाहर सीटों के हाल बिल्हौर में 65 हजार से ज्यादा वोटरों के नाम कटे कानपुर की बिल्हौर विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है। इस सीट भाजपा के मोहित सोनकर को 123094 वोट मिले थे। सपा से रचना सिंह ने चुनाव लड़ा था। यहां सपा को कुल 80743 वोट मिले थे। मोहित सोनकर ने 42351 वोटों से जीत दर्ज की थी। SIR के बाद अब इस सीट से 65228 वोटरों के नाम काटे गए हैं। इस सीट पर अब 340950 वोटर हैं। इसमें 188749 पुरुष और 152193 महिला वोटर हैं। बिठूर में अभिजीत की स्थिति मजबूत, यहां सबसे कम नुकसान बिठूर विधानसभा सीट शहर से बाहर की सीट है। यहां नगर पंचायत है। बिठूर विधानसभा सीट पर 2022 में भाजपा के टिकट पर अभिजीत सिंह सांगा ने चुनाव लड़ा था। अभिजीत को 107330 वोट मिले थे। समाजवादी पार्टी से मुनेंद्र शुक्ला को 86257 वोट मिले थे। भाजपा ने बिठूर विधानसभा सीट पर 21703 वोटों से जीत दर्ज की। SIR के बाद इस सीट पर 28030 वोट कटे हैं। अब इस सीट पर 189997 पुरुष और 154022 महिला वोटर के साथ कुल 344036 वोटर हैं। NDA के खाते में घाटमपुर सीट, यहां दोगुना वोट कटा विधानसभा चुनाव 2022 में घाटमपुर विधानसभा सीट अपना दल(S) के खाते में गई थी। इस पार्टी का भाजपा के साथ गठबंधन था। यहां से सरोज कुरील को कुल 81727 वोट मिले थे। सपा से चुनाव लड़े भगवती प्रसाद को 67253 वोट मिले थे। यहां से समाजवादी पार्टी 14474 वोटों से हार गई थी। SIR के बाद यहां कुल 32103 वोटर के नाम कटे हैं। अब इस सीट पर 164417 पुरुष और 132838 महिला वोटर समेत कुल 297259 वोटर के नाम लिस्ट में हैं। समझिए शहर की सबसे ज्यादा मार्जिन वाली सीटों का गणित किदवई नगर में कांग्रेस ने मजबूती से लड़ा था चुनाव किदवई नगर विधानसभा सीट शहर के साउथ एरिया में है। यहां से भाजपा के महेश कुमार त्रिवेदी ने चुनाव लड़ा था। इन्हें 114111 वोट मिले थे। कांग्रेस से अजय कपूर लड़े थे। उन्हें 76351 वोट मिले थे। यहां से भाजपा ने 37760 वोटों से चुनाव जीता था। SIR के बाद इस सीट से 62542 वोटरों के नाम काटे गए हैं। अब इस सीट पर 142927 पुरुष और 130419 महिला मतदाता समेत कुल 273355 वोटर मौजूद हैं। सतीश महाना ने शहर में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना कानपुर के महाराजपुर विधानसभा से विधायक हैं। यहां भाजपा की तरफ से चुनाव लड़े सतीश महाना को 152883 वोट मिले थे। जबकि सपा के टिकट से चुनाव लड़े फतेह बहादुर को 70622 को वोट मिले थे। हालांकि शहर की सभी विधानसभा सीटों के मुकाबले भाजपा यहां सबसे ज्यादा 82261 वोटों से जीत दर्ज की थी। SIR के दौरान इस सीट पर 90505 वोटरों के नाम काटे गए है। जीत के मार्जिन से ज्यादा वोट कट चुके हैं। अब यहां यहां 201146 पुरुष और 168223 महिला समेत कुल 369379 वोटर बचे हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष ने चुनाव लड़ा तो जीत का मार्जिन बढ़ा गोविंदनगर 2022 विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र मैथानी ने चुनाव लड़ा था। समाजवादी पार्टी से विकास यादव ने चुनाव लड़ा था। भाजपा उम्मीदवार को इस चुनाव में 117501 वोट मिले थे। सपा के प्रत्याशी को 36605 वोट मिले थे। सुरेन्द्र मैथानी ने इस सीट पर 80896 वोटों से जीत हासिल की थी। ये यूपी के टॉप 10 जीत में शामिल हुई थी। SIR के दौरान इस सीट पर कुल 80518 वोटरों के नाम काटे गए हैं। अब इस सीट पर 136285 पुरुष और 121033 महिला वोटर समेत कुल 257330 वोटर बचे हैं। --------------------- यह खबर भी पढ़ें… SIR के बाद कानपुर की फाइनल वोटर लिस्ट जारी:6 लाख 87 हजार 201 वोटरों के नाम कटे, सबसे ज्यादा कल्याणपुर-कैंट विधानसभा के वोटर्स कटे कानपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। 10 विधानसभा में कुल 6 लाख 87 हजार 201 वोटरों के नाम कटे हैं। पहले वोटरों की संख्या 35 लाख 38 हजार 261 थी, जो अब घटकर 28 लाख 51 हजार 60 रह गई है। इसमें सबसे ज्यादा कल्याणपुर, कैंट और महाराजपुर विधानसभा में वोटर्स के नाम कटे हैं। तो वहीं बिठूर और घाटमपुर विधानसभा में सबसे कम वोटर्स के नाम कटे हैं। पूरी खबर पढ़ें
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